नई दिल्ली: लाइफ इंश्योरेंस कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया (एलआईसी) देश की सबसे भरोसेमंद इंश्योरेंस कंपनी है। करोड़ों लोगों ने इस कंपनी की अलग-अलग पॉलिसी में निवेश किया हुआ है। एलआईसी में लोगों का यह भरोसा इसलिए है क्योंकि यह सरकार द्वारा संचालित कंपनी है। एलआईसी ग्राहकों को पेंशन, टर्म, लाइफ, एंडोमेंट पॉलिसी बेचती है। ग्राहक इसमें निवेश कर खुद को आर्थित तौर मजबूत बनाते हैं। देखा जाए तो एलआईसी की पॉलिसी को कुछ इस तरह से डिजाइन किया गया है जिसमें गरीब से लेकर अमीर तक निवेश कर सकते हैं।
हांलाकि मॉर्डन डे इंवेस्टमेंट के तौर पर लोग एसआईपी और म्यूचुअल फंड्स की ओर जा रहे हैं। लेकिन यह दोनों ही बाजार के मूड पर डिपेंड करते हैं। अगर मार्केट अच्छा रन कर रहा है, तो मुनाफा होगा वर्ना नुकसान। लेकिन अगर आपको निवेश करना हैं और आप चाहते हैं कि आपको नुकसान ना हो और मुनाफा और सुरक्षा दोनों मिले तो आपको एलआईसी की ऐसी पॉलिसी की ओर जाना चाहिए जो शेयर बाजार से लिंक्ड ना हो यानी एलआईसी के नॉन लिंक्ड प्लान। आज हम आपको ऐसी ही नॉन लिंक्ड प्लान के बारे में बताने जा रहे हैं, जिसके जरिए रोजाना 17 रुपए के निवेश पर जल्द से लखपति बनने का मौका मिलेगा। हम बात कर रहें हे एलआईसी जीवन लाभ पॉलिसी के बारे में।
- जीवन लाभ पॉलिसी को 8 से 59 साल के उम्र के बीच के लोग ही ले सकते हैं।
- इस पॉलिसी की मैच्योरिटी की उम्र 75 साल है। 16 से 25 साल तक का पॉलिसी टर्म लिया जा सकता है।
- बता दें कि कम से कम दो लाख रुपए सम एश्योर्ड लेना होगा। वहीं अधिकतम की कोई सीमा नहीं है।
- इस पॉलिसी में एक्सिडेंटल डेथ और दिव्यांगता पर मिलने वाला मुआवजा शामिल किया गया है।
- अगर 25 साल तक 1,55,328 रुपए का प्रीमियम यानी हर महीने 518 यानी रोजापा 17 रुपए खर्च करते हैं तो मैच्योरिटी पर आपको बोनस के साथ करीब 4.04 लाख रुपए मिलेंगे।
- सीमित प्रीमियम भुगतान भी होता है जिसका मतलब है , प्रीमियम भुगतान की अवधि का पॉलिसी अवधि या मैच्योरिटी अवधि से कम होना।
- एक ही समय पर सुरक्षा और निश्चित रिटर्न की सुविधा भी मौजूद।
- बता दें कि तीन वर्ष तक प्रीमियम भरने के बाद लोन की सुविधा उपलब्ध।
- दुर्घटना मृत्यु तथा दिव्यांगता लाभ राइडर के रूप में एड-ऑन राइडर्स की सुविधा।
- वहीं प्रीमियम पर आयकर की धारा 80 सी के तहत टैक्स में छूट।
- मालूम हो कि इनकम टैक्स की धारा 10 (10डी) के तहत मैच्योरिटी राशि पर टैक्स में छूट।
- इस बात से भी अवगत करा दें कि अगर पॉलिसी धारक की मौत हो जाती है और उसने मौत होने तक बिना किसी रुकावट के सभी प्रीमियम का भुगतान किया है तो नॉमिनी को बीमित रकम, सिंपल रिवर्सनरी बोनस और फाइनल एडीशन बोनस को जोड़कर पूरा भुगतान किया जाता है।
- खास बात ये है कि यहां पर मिलने वाला मृत्यु लाभ पालिसी धारक की मृत्यु तक भरे हुए कुल प्रीमियम के 105 फीसदी से कम नहीं होना चाहिए।
- वहीं पॉलिसी धारक पूरी अवधि तक जीवित रहता है और मैच्योरिटी तक सभी प्रीमियम का भुगतान किया है, तो उसे बीमित रकम के साथ सिंपल रिवेर्सनरी बोनस और फाइनल एडीशन बोनस का भुगतान किया जाता है।
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