नई दिल्ली, दिसंबर 22। दिग्गज निवेशक वारेन बफेट के अनुसार उन्होंने अपना पहला निवेश 11 साल की उम्र में किया था और तब तक वह अपना जीवन बर्बाद कर रहे थे। हम सभी के पास जीवन के शुरुआती दिनों में एक जैसी जानकारी नहीं हो सकती। पर समय के साथ जानकारी बढ़ती है। जल्दी निवेश शुरू करने का अपना फायदा है। लेकिन अगर आप 20-30 साल की आयु पर भी निवेश शुरू नहीं कर पाए तो भी देर नहीं होती। यहां तक कि अगर किसी ने 45 साल की उम्र में निवेश करना शुरू कर दिया, तो एक बेहतर निवेश ऑप्शन से वे बड़ा फंड बना सकता है। आज देश में राष्ट्रीय गणित दिवस मनाया जा रहा है। इसी मौके पर हम आपके लिए लाएं हैं, 6 ऐसे फॉर्मुले जो जल्दी करोड़पति बनने में आपकी मदद कर सकते हैं।
यह रूल बचत के लिए अनुशासित रहने में मदद करता है। नियम के अनुसार आपको अपने टैक्स के बाद वेतन का 50 प्रतिशत अपने घरेलू खर्चों के लिए, 20 प्रतिशत शॉर्ट टर्म टार्गेट के लिए और बाकी 30 प्रतिशत अपने लंबी अवधि के लक्ष्यों को पूरा करने के लिए रखना होगा। लघु अवधि के फाइनेंशियल टार्गेट में ट्रेवल प्लानिंग, कार, बच्चों की शिक्षा आदि हो सकते हैं। लगातार निवेश से आप लॉन्ग टर्म में जरूर करोड़पति बन सकते हैं।
यह एक करोड़पति बनने का रूल है। इसके लिए एक निवेशक को 15 साल की अवधि के लिए हर महीने 15,000 रुपये की बचत करने की आवश्यकता होती है और म्यूचुअल फंड में निवेश करना होता है। इस पर उसे 15 प्रतिशत का रिटर्न मिल सकता है। यह समीकरण दो चीजों का बेहतर कॉम्बिनेशन होता है। पहला बढ़िया रिटर्न और दूसरा लॉन्ग टर्म के लिए निवेश। इक्विटी बाजारों में कुछ निगेटिव और कुछ बहुत अच्छे साल हो सकते हैं, पर लंबे समय में आपको 15 प्रतिशत तक रिटर्न मिल सकात है। आप एसआईपी के जरिए शुरुआत कर सकते हैं।
यह एक सरल नियम है जिसका उपयोग आपके पैसे को दोगुना करने में लगने वाले समय की कैल्कुलेशन के लिए किया जाता है। 72 को अपेक्षित आरओआई (रेट ऑफ इंटेरेस्ट) या ब्याज दर से विभाजित करने से आपको यह अंदाजा हो जाएगा कि आपके निवेश को दोगुना करने में कितना समय लगेगा। उदाहरण के लिए, यदि इक्विटी में निवेश करने से आपको रिटर्न मिलता है मान लीजिए 15 प्रतिशत, तो निवेश को दोगुना करने में लगने वाला समय 72 को 15 से विभाजित किया जाता है, जो कि 4.8 वर्ष है।
इस नियम का उपयोग आपके पैसे को तीन गुना करने में लगने वाले समय की गणना के लिए किया जाता है। 114 को अपेक्षित आओआई से भाग देने पर ये अवधि मिल जाएगी। ऊपर दिए गए उदाहरण को जारी रखते हुए, 15 प्रतिशत रिटर्न देने वाले निवेश में 7.6 साल लगेंगे। ये गणना कंपाउंडिंग के फायदे को ध्यान में रखती है।
रूल 144
ये आपके पैसे को चौगुना करने में लगने वाला समय बताता है। इसमें 144 को अपेक्षित आरओआई से विभाजित करके पैसा चौगुना करने वाली अवधि का पता लगा सकता है। 15 प्रतिशत आरओआई देने वाले निवेश में पैसा 4 गुना करने में 9.6 साल लगेंगे।
अपनी आयु को 100 में से घटाकर एक संख्या प्राप्त करने की आवश्यकता होती है, जो आपको इक्विटी में आपके आवंटन को बताएगी। 25 साल के व्यक्ति के लिए उसकी निवेश राशि का 75 प्रतिशत इक्विटी में लगाया जा सकता है। इस नियम के पीछे का विचार यह है कि जैसे-जैसे आप बड़े होते हैं, आपकी जोखिम लेने की क्षमता अधिक होती है।
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