Money invested in Kisan Vikas Patra becomes double : पोस्ट आफिस के पास ढेर सारी अच्छी बचत योजनाएं हैं। यहां पर बहुत ही अच्छा ब्याज दिया जाता है। लेकिन पोस्ट आफिस के पास केवल एक ही बचत योजना है, जो पैसा डबल कर देती है। ऐसी स्कीम न किसी बैंक के पास है, और न कहीं और। पोस्ट ऑफिस में निवेश की एक और खूबी यह है कि यहां पर जमा पैसा पूरा सुरक्षित होता है। यानी अगर पोस्ट ऑफिस की स्कीम में पैसा जमा किया है, तो उसकी गारंटी भारत सरकार देती है। इसका सीधा सा मतलब है कि जमा पैसा ब्याज के साथ वापस करने की गारंटी भारत सरकार की है। लेकिन गारंटी देश के बैंकों में जमा पैसे पर नहीं मिलती है। यह बैंक चाहे सरकारी हों या प्राइवेट। देश के बैंकों में केवल 5 लाख रुपये तक जमा पैसा ही सुरक्षित होता है।
किसान विकास पत्र निवेश किया पैसा करता है डबल
पोस्ट ऑफिस के पास कई जमा स्कीमें हैं। इन स्कीमों में काफी अच्छा ब्याज दिया जा रहा है। इनमें से एक स्कीम है किसान विकास पत्र (केवीपी)। इस स्कीम में जो भी पैसा जमा किया जाता है, वह सीधे दोगुना होकर वापस मिलता है।
किसान विकास पत्र (केवीपी) पर इस वक्त 7 फीसदी का ब्याज दिया जा रहा है। अगर इस स्कीम में पैसा जमा किया जाता है तो वह 123 महीने में डबल हो जाता है। 123 महीने का मतलब हुआ 10 साल और 3 महीने। पोस्ट ऑफिस ब्याज की गणना वार्षिक कपांउडिड तरीके से करती है।
किसान विकास पत्र (केवीपी) में अगर निवेश करना चाहते हैं, तो न्यूनतम 1000 रुपये जमा करने होंगे। अगर 1000 रुपये से ज्यादा जमा करना है, तो इसकी पूरी छूट है। यानी किसान विकास पत्र में कितना भी पैसा जमा किया जा सकता है। बस यह पैसा 1000 रुपये के बाद 100 रुपये के गुणांक में हो। इस निवेश को अकेले या ज्वाइंट नाम से किया जा सकता है। वहीं जहां निवेश में अधिकतम की सीमा नहीं है, वहीं लोग एक से ज्यादा भी केवीपी ले सकते हैं। यानी किसी भी अमाउंट के कितने भी किसान विकास पत्र लिए जा सकते हैं।
- डाकघर बचत खाता 4.0 फीसदी
- डाकघर आवर्ती जमा 5.8 फीसदी
- डाकघर मासिक आय योजना 6.7 फीसदी
- डाकघर सावधि जमा (1 वर्ष) 5.5 फीसदी
- डाकघर सावधि जमा (2 वर्ष) 5.7 फीसदी
- डाकघर सावधि जमा (3 वर्ष) 5.8 फीसदी
- डाकघर सावधि जमा (5 वर्ष) 6.7 फीसदी
- सार्वजनिक भविष्य निधि (पीपीएफ) 7.1 फीसदी
- सुकन्या समृद्धि योजना 7.6 फीसदी
- राष्ट्रीय बचत प्रमाणपत्र 6.8 फीसदी
- वरिष्ठ नागरिक बचत योजना 7.6 फीसदी
नोट : यह ब्याज दरें अभी लागू हैं, लेकिन वित्त मंत्रालय हर तीन महीने पर इनकी समीक्षा करता है और इसमें बदलाव भी कर सकता है। लेकिन अगर एक बार केवीपी में पैसा जमा हो जाता है, तो उसका ब्याज बीच में नहीं बदलता है।
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