जुनिपर ग्रीन एनर्जी (Juniper Green Energy) का IPO कल यानी सोमवार, 3 अगस्त को बंद होने जा रहा है। 1,800 करोड़ रुपये के इस बुक-बिल्ट इश्यू के लिए प्राइस बैंड 214-225 रुपये प्रति शेयर तय किया गया है। एक लॉट में 66 शेयर होंगे। अगर आप इस आईपीओ में पैसा लगाना चाहते हैं, तो कल आखिरी मौका है। शेयरों का अलॉटमेंट मंगलवार, 4 अगस्त को होने की उम्मीद है, जबकि इसकी लिस्टिंग गुरुवार, 6 अगस्त को हो सकती है।

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कंपनी ने पहले इस इश्यू का साइज 3,000 करोड़ रुपये रखा था, जिसे बाद में घटाकर 1,800 करोड़ रुपये कर दिया गया। इस रकम का बड़ा हिस्सा चुनिंदा सब्सिडियरीज का कर्ज चुकाने में इस्तेमाल होगा, जबकि बाकी पैसा सामान्य कॉर्पोरेट जरूरतों पर खर्च किया जाएगा। रिटेल निवेशकों को अपर प्राइस बैंड पर कम से कम 14,850 रुपये का निवेश करना होगा। कोटे की बात करें तो 50% हिस्सा QIB, 15% NII और 35% रिटेल निवेशकों के लिए रिजर्व रखा गया है।

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Juniper Green Energy IPO: टाइमलाइन, कट-ऑफ और अप्लाई करने का तरीका

इस IPO में बोली लगाने की प्रक्रिया 30 जुलाई को शुरू हुई थी जो 3 अगस्त तक चलेगी। अगर आप UPI के जरिए पेमेंट कर रहे हैं, तो सोमवार शाम 5:00 बजे तक मैंडेट जरूर स्वीकार कर लें, क्योंकि इसके बाद पेंडिंग या रिजेक्टेड मैंडेट मान्य नहीं होंगे। ध्यान रहे कि ASBA के जरिए आवेदन करने पर बैंक दोपहर में ही नई बोलियां लेना बंद कर सकते हैं, इसलिए आखिरी समय का इंतजार किए बिना समय से अप्लाई करें।

Juniper Green Energy IPO: प्राइस बैंड, लॉट साइज और सब्सक्रिप्शन अपडेट्स

IPO की मुख्य शर्तें पहले जैसी ही हैं: प्राइस बैंड 214-225 रुपये, लॉट साइज 66 शेयर और न्यूनतम निवेश 14,850 रुपये। मार्केट ऑवर्स के दौरान सब्सक्रिप्शन डेटा हर 30 मिनट में अपडेट होता है। हम आज दोपहर 12:30 बजे और शाम 4:30 बजे के ताजा आंकड़े आपके साथ साझा करेंगे ताकि आपको सही स्थिति का पता चल सके। लेटेस्ट अपडेट के लिए आप ब्रोकर या एक्सचेंज की वेबसाइट भी चेक कर सकते हैं।

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पैरामीटरडिटेल
इश्यू साइज₹1,800 करोड़ (फ्रेश इश्यू)
प्राइस बैंड₹214–₹225 प्रति शेयर
लॉट साइज66 शेयर; कैप प्राइस पर ₹14,850
इन्वेस्टर कोटाQIB 50%, NII 15%, रिटेल 35%
जरूरी तारीखेंक्लोजिंग 3 अगस्त; अलॉटमेंट 4 अगस्त; लिस्टिंग 6 अगस्त

जुनिपर ग्रीन एनर्जी रिन्यूएबल पावर सेक्टर की एक स्वतंत्र कंपनी है जिसका पोर्टफोलियो तेजी से बढ़ रहा है। मैनेजमेंट का मुख्य फोकस IPO की रकम से कर्ज कम करना है, जिससे लिस्टिंग के बाद कंपनी की वित्तीय स्थिति और फ्लेक्सिबिलिटी में सुधार हो सकता है। हालांकि, निवेश से पहले पॉलिसी रिस्क, टैरिफ और कर्ज से जुड़ी चुनौतियों पर गौर जरूर करें, क्योंकि बाजार में रिटर्न की कोई गारंटी नहीं होती। अप्लाई करने से पहले रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस (RHP) और अपने ब्रोकर की टाइमिंग को ध्यान से देख लें।