Mobile Recharge Plan: भारत में कंपनियों की कमाई धीमी होने के कारण मोबाइल रिचार्ज प्लान की कीमतें 15% तक और बढ़ सकती हैं। न्यूज पोर्टल 'टेलीकॉमटॉक' ने मोतीलाल ओसवाल की एक फाइनेंशियल रिपोर्ट का हवाला देते हुए कहा है कि भारत में फोन इस्तेमाल करना महंगा होता जा रहा है। जब सितंबर 2016 में रिलायंस जियो पहली बार आया, तो उसने फ्री डेटा और कॉल की सुविधा दी थी। इससे सब कुछ बदल गया और पूरे भारत में फोन बिल बहुत सस्ते हो गए।
हालांकि, अब हालात बहुत अलग हैं। पिछले कुछ सालों में, सभी मोबाइल कंपनियों ने कई बार अपनी कीमतें बढ़ाई हैं। हाल ही में जुलाई 2024 में कीमतों में बड़ी बढ़ोतरी हुई थी, जब कंपनियों ने महंगे नए 5G नेटवर्क के खर्च को पूरा करने के लिए अपनी दरें 10% से 25% तक बढ़ा दी थीं। आज, जो सामान्य मंथली प्लान पहले 200 रुपये से कम में मिलता था, उसकी कीमत अब लगभग 250 से 350 रुपये के बीच है।
एलारा कैपिटल की एक और रिपोर्ट के अनुसार, भारत का टेलीकॉम सेक्टर कई सालों तक चलने वाले ग्रोथ और रिकवरी के दौर में प्रवेश कर रहा है। इसमें FY26-29E के दौरान ARPU CAGR के 7% तक बढ़ने की उम्मीद है, जिससे भारत में टैरिफ गैप (दरों का अंतर) कम होने की संभावना है।
भारत में टैरिफ अभी भी दुनिया में सबसे कम
भारत का टेलीकॉम सेक्टर कई सालों से रिकवरी के दौर से गुज़र रहा है। इसकी वजह ARPU में सुधार, डेटा की लगातार बढ़ती मांग और कम अतिरिक्त कैपिटल एक्सपेंडिचर (capex) हैं। इससे कमाई बढ़ने, कर्ज कम करने और ज्यादा फ्री कैश फ्लो कन्वर्जन के लिए अच्छा माहौल बन रहा है। भारत में डेटा का इस्तेमाल तेज़ी से बढ़ रहा है। रिपोर्ट के मुताबिक, भारत का टेलीकॉम सेक्टर डेटा की खपत में जबरदस्त तेजी ला रहा है। इसे सस्ते टैरिफ, बड़ी संख्या में स्मार्टफोन के इस्तेमाल और ग्रामीण भारत में नेटवर्क कवरेज के विस्तार से बढ़ावा मिल रहा है।
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