New Tax Regime vs Old Tax Regime: देश के टैक्सपेयर्स के लिए इस बार बजट बेहद खास रहा. वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने टैक्स रिजीम में बदलाव किया है. इसके तहत टैक्सपेयर्स के करीब 17500 रुपए तक का फायदा होगा. क्योंकि FM ने टैक्सपेयर्स के लिए स्टैंडर्ड डिडक्शन की सीमा बढ़ा दी है. इसे 50000 रुपए से बढ़ाकर 75000 रुपए तक कर दी है. ये ऐलान इनकम टैक्स रिटर्न (ITR) फाइलिंग की डेडलाइन से ठीक पहले हुई है, जोकि 31 जुलाई है. हालांकि, नए ऐलान लागू होने समय है. यानी 31 जुलाई को ITR फाइलिंग के दौरान नए बदलाव नहीं लागू होंगे.

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बजट में टैक्स से जुड़े बदलाव

वित्त मंत्री ने बजट में स्टैंडर्ड डिडक्शन में बदलाव किया. इसके तहत डिडक्शन की सीमा को न्यू टैक्स रिजीम में 50 हजार रुपए से बढ़ाकर 75 हजार रुपए कर दिया है. जबकि ओल्ड टैक्स रिजीम में कोई बदलाव नहीं किया गया है. यानी टैक्स से जुड़े बदलावों का फायदा न्यू टैक्स रिजीन चुनने वाले टैक्सपेयर्स को मिलेगा. निर्मला सीतारमण ने बजट भाषण में कहा कि इस बदलाव में न्यू टैक्स रिजीम को चुनने वाले टैक्सपेयर्स कम से कम 17500 रुपए बचा पाएंगे.

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न्यू टैक्स रिजीम में नए रेट्स

इनकम टैक्स रेट
0-3 लाख: NIL
3-7 लाख: 5%
7-10 लाख: 10%
10-12 लाख: 15%
12-15 लाख: 20%
15 लाख से अधिक: 30%

सैलरीड और पेंशनर्स के लिए राहत

आम बजट में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने पेंशनर्स और सैलरीड क्लास के लिए बड़ी सौगात दी है. इसके तहत स्टैंडर्ड डिडक्शन का ऐलान किया है. वेतनभोगी कर्मचारियों के लिए स्टैंडर्ड डिडक्शन को 50 हजार रुपए से बढ़ाकर 75 हजार रुपए करने का प्रस्ताव है. वहीं, पेंशनर्स के लिए पारिवारिक पेंशन पर कटौती को 15000 रुपए से बढ़ाकर 25000 रुपए करने का प्रस्ताव दिया है.

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ओल्ड टैक्स रिजीम की दरें

इनकम टैक्स दरें
0-2.5 लाख --
2.5- 3 लाख 5%
3-5 लाख 5%
5-6 लाख 20%
6-9 लाख 20%
9-10 लाख 20%
10-12 लाख 30%
12-15 लाख 30%
15 लाख से ऊपर 30%

कब लॉन्च हुआ था न्यू टैक्स स्लैब?

न्यू टैक्स रिजीम की शुरुआत इसी सरकार ने साल 2020 में किया था. फिर इसमें पिछले साल ही अहम बदलाव किए गए थे. इसके तहत 6 टैक्स स्लैब को घटाकर 5 टैक्स स्लैब कर दिए गए थे. न्यू टैक्स रिजीम के लॉन्च के शुरुआती दिनों में लोगों ने इसे पसंद नहीं किया था. हालांकि, इसे 25 फीसदी टैक्सपेयर्स ने न्यू टैक्स रिजीम को चुना. इस बार वित्त मंत्री ने टैक्सपेयर्स को खुशखबरी देते हुए स्टैंडर्ड डिडक्शन की सीमा बढ़ा दी है. इसके तहत टैक्स पेयर्स को न्यू टैक्स रिजीम में 3 लाख रुपए तक की इनकम पर कोई टैक्स नहीं देना होगा.