देशभर के नौकरीपेशा लोगों के लिए 15 जून की तारीख बेहद अहम है, क्योंकि इसी दिन तक कंपनियों को फॉर्म 16 (Form 16) जारी करना होता है। असेसमेंट ईयर (AY) 2026-27 के लिए इनकम टैक्स रिटर्न (ITR) फाइल करने में यह सबसे जरूरी दस्तावेज है। इसे साल का फाइनल टैक्स सर्टिफिकेट भी माना जाता है। अगर आप चाहते हैं कि आपका टैक्स रिफंड फटाफट आ जाए, तो फॉर्म 16 के डेटा को पोर्टल के रिकॉर्ड से जरूर मिला लें। छोटी सी चूक भी आपको इनकम टैक्स का नोटिस दिलवा सकती है या रिफंड में देरी करा सकती है।

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रिटर्न फाइल करने की शुरुआत फॉर्म 16 और अपने एनुअल इंफॉर्मेशन स्टेटमेंट (AIS) के मिलान से करें। टैक्स विभाग की पैनी नजर से बचने के लिए इन दोनों का मैच होना जरूरी है। कई बार ब्याज या डिविडेंड से होने वाली कमाई प्री-फिल्ड (पहले से भरे हुए) कॉलम में नहीं दिखती। ऐसे में टैक्सपेयर इंफॉर्मेशन समरी (TIS) और फॉर्म 26AS के जरिए इन एंट्रीज को खुद चेक करें। ऐसा करने से ऑटोमेटेड प्रोसेसिंग के दौरान डेटा मिसमैच होने का खतरा नहीं रहता।

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ITR AY 2026-27 और फॉर्म 16: फाइलिंग से पहले इन बातों का रखें खास ख्याल

इस साल सबसे बड़ा फैसला ओल्ड और न्यू टैक्स रिजीम के बीच चुनाव करना है। याद रखें कि न्यू रिजीम में सेक्शन 80C जैसी कई छूट नहीं मिलती हैं। अगर आप ओल्ड रिजीम चुन रहे हैं, तो अपने सभी इन्वेस्टमेंट प्रूफ तैयार रखें। हेल्थ इंश्योरेंस और घर के किराए की रसीदें (Rent Receipts) भी संभाल कर रखें। सही डॉक्यूमेंटेशन होने पर ऑडिट या टैक्स विभाग की किसी भी पूछताछ का जवाब देना आसान हो जाता है।

चेकलिस्ट आइटमसोर्स डॉक्यूमेंटमुख्य कारण
टैक्स क्रेडिटफॉर्म 26ASTDS की सही जानकारी के लिए
बैंक स्टेटसई-फाइलिंग पोर्टलसीधे खाते में रिफंड पाने के लिए
अन्य कमाईTIS रिपोर्टछिपे हुए ब्याज की जानकारी देने के लिए

ई-फाइलिंग पोर्टल पर अपना बैंक अकाउंट तुरंत प्री-वैलिडेट (Pre-validate) कर लें। रिफंड फेल होने की सबसे बड़ी वजह बैंक अकाउंट का वैलिडेट न होना ही है। इसके साथ ही, अपने आधार को मौजूदा मोबाइल नंबर से लिंक करना न भूलें। इससे आप तुरंत ई-वेरिफिकेशन (e-verification) कर पाएंगे, जो फाइलिंग प्रोसेस का आखिरी स्टेप है। बिना डिजिटल सिग्नेचर या ई-वेरिफिकेशन के विभाग आपके रिटर्न को प्रोसेस नहीं करेगा।

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आखिरी समय की हड़बड़ी और पोर्टल की तकनीकी दिक्कतों से बचने के लिए बेहतर होगा कि आप जल्दी रिटर्न फाइल कर दें। अगर विभाग की ओर से कोई डिफेक्ट नोटिस आता है, तो 15 दिनों के भीतर उसका जवाब जरूर दें। यदि फॉर्म 16 में कोई गलती नजर आए, तो उसे ठीक करवाने के लिए तुरंत अपने HR विभाग से संपर्क करें। ये छोटे-छोटे कदम यह सुनिश्चित करेंगे कि आपका रिफंड बिना किसी कानूनी अड़चन के सीधे आपके बैंक खाते में पहुंच जाए।