असेसमेंट ईयर (AY) 2026-27 के लिए इनकम टैक्स रिटर्न (ITR) भरने का सीजन शुरू हो चुका है। हालांकि, जो लोग शुरुआत में ही रिटर्न फाइल कर रहे हैं, उन्हें अपने टैक्स डॉक्यूमेंट्स में काफी अंतर (mismatch) देखने को मिल रहा है। खासकर Annual Information Statement (AIS) और Form 26AS के आंकड़ों में तालमेल नहीं बैठ रहा है। डिजिटल रिकॉर्ड और असल कमाई के बीच का यह अंतर टैक्सपेयर्स के लिए मुश्किलें खड़ी कर सकता है।

Advertisement

ज्यादातर गलतियां सैलरी और फिक्स्ड डिपॉजिट (FD) से मिलने वाले ब्याज को लेकर सामने आ रही हैं। जॉइंट बैंक अकाउंट रखने वालों को भी ब्याज पर लगने वाले टैक्स के बंटवारे में दिक्कत आ रही है। दरअसल, बैंक और कंपनियां अभी पिछले क्वार्टर का डेटा अपडेट करने में जुटी हैं। ऐसे में टैक्सपेयर्स को यह पक्का कर लेना चाहिए कि उनके Tax Information Summary (TIS) में कमाई का सही ब्योरा दिख रहा है या नहीं।

Advertisement

AIS-26AS के मिलान के लिए जरूरी तारीखें

कंपनियों और संस्थाओं के पास तिमाही TDS रिटर्न जमा करने के लिए 31 मई तक का समय है। इसके बाद, नौकरीपेशा लोगों को आमतौर पर 15 जून तक Form 16 मिलता है। इनकम टैक्स पोर्टल को भी सभी फॉर्म्स में डेटा सिंक (sync) करने के लिए थोड़ा वक्त चाहिए होता है। अगर आप जून के मध्य से पहले रिटर्न फाइल करते हैं, तो मुमकिन है कि कुछ जानकारियां छूट जाएं और टैक्स का कैलकुलेशन गलत हो जाए।

डॉक्यूमेंट या इवेंटजरूरी तारीख
TDS रिटर्न फाइलिंग31 मई
Form 16 जारी होना15 जून
डेटा सिंक्रोनाइजेशनजून का मध्य

ITR में गड़बड़ी सुधारने के लिए क्या करें?

रिटर्न जमा करने से पहले हर ट्रांजैक्शन का अपनी बैंक पासबुक से मिलान जरूर करें। यह भी चेक करें कि ब्याज की रकम आपके पैन (PAN) कार्ड से जुड़े अकाउंट के मुताबिक ही है या नहीं। अगर आपको कोई गलत एंट्री दिखती है, तो ऑनलाइन पोर्टल पर जाकर 'फीडबैक' जरूर दें। अभी डेटा सही करने से आप भविष्य में रिवाइज्ड रिटर्न भरने की झंझट से बच जाएंगे।

Advertisement

जून के तीसरे हफ्ते तक इंतजार करना सबसे बेहतर है, क्योंकि तब तक आपका प्रोफाइल पूरी तरह अपडेट हो जाता है। थोड़ा सब्र रखने से इनकम कम दिखाने (under-reporting) के चलते मिलने वाले नोटिस का खतरा कम हो जाता है। अगर आपकी फाइलिंग एकदम सही है, तो विभाग रिफंड भी जल्दी प्रोसेस करता है। समझदार टैक्सपेयर वही है जो जल्दबाजी के बजाय सही जानकारी को तवज्जो दे, ताकि बाद में कानूनी पचड़ों और तनाव से बचा जा सके।