When to invest in Jio Financial: जियो फाइनेंशियल नाम जब से चर्चा में आया है, सिरदर्द बना हुआ है। जब रिलायंस ने घोषणा की थी कि जियो फाइनेंशियल का शेयर फ्री मिलेगा, उस वक्त कट ऑफ जानने की आफत थी।
जब रिलायंस ने कट ऑफ डेट बताई तो रिलायंस का शेयर भागने लगा। ऐसे में जो लोग जुलाई में जियो फाइनेंशियल के फ्री शेयर लेकर रिलायंस को बेच दिए उनकी लाटरी की तरह लग गई। क्योंकि रिलायंस का शेयर जियो फाइनेंशियल का शेयर फ्री में देने के बाद से लगातार गिरावट का दौर ही दिखा रहा है।
फिर भी रिलायंस के निवेशकों को उम्मीद कि अगर आरआईएल में गिरावट है तो जियो फाइनेंशियल का शेयर तगड़ी कमाई कराएगा। लेकिन यह उम्मीद भी 21 अगस्त 2023 को जियो फाइनेंशियल के शेयर के लिस्ट होने के साथ ही ध्वस्त हो गई।
जियो फाइनेंशियल का शेयर 21 अगस्त से अभी तक 4 लोअर सर्किट खा चुका है। हर लोअर सर्किट निवेशकों को कई हजार करोड़ रुपये का झटका देता है। अभी यह लोअर सर्किट लगाना बंद होगा या नहीं, इसकी तस्वीर सोमवार को कुछ साफ हो जाएगी।
इसके दो कारण हैं, एक तो कल यानी 28 अगस्त 2023 को रिलायंस की एजीएम और दूसरा है पैसिव फंड के शेयरों की बिक्री लगभग थमने वाली है।
अगर किसी निवेशक को पैसिव फंड के बारे में न पता हो, जो जान लेना चाहिए। पैसिव फंड वो होते हैं, जो अपने बैंचमार्क के अलावा कहीं और निवेश नहीं करते हैं। इस तरह के ढेर सारे पैसिव फंड शेयर बाजार में हैं। इनके पास रिलायंस के शेयर थे। इसी के चलते इन पैसिव फंड को जियो फाइनेंशियल के फ्री में करीब 15 करोड़ शेयर एलाट हुए।
क्योंकि पैसिव फंड अपने बैंचमार्क के अलावा अन्य शेयर रखते नहीं हैं, ऐसे में उनको जियो फाइनेंशियल के शेयर बेचना ही हैं। यह शेयर चाहे जिस रेट पर बिकें। यही कारण है कि लोअर सर्किट के बावजूद करोड़ों शेयरों का कारोाबर अभी तक हो चुका है।
माना जा रहा है कि अब पैसिव फंड के पास शेयर खत्म हो चुके हैं, या ज्यादा नहीं बचे हैं। ऐसे में सोमवार के बाद से जानकारों को उम्मीद है कि जियो फाइनेंशियल के शेयर में सर्किट लगना बंद हो सकता है।
यही कारण है कि अब बड़े निवेशक और फंड हाउस जियो फाइनेंशियल में खरीद शुरू कर रहे हैं। मोतीलाल ओसवाल म्यूचुअल फंड ने जियो फाइनेंशियल सर्विसेज के शेयरों में 754 करोड़ रुपये का निवेश एक बार में किया है। इस पैसे से इस फंड हाउस के पास जियो फाइनेंशियल के करीब 3.72 करोड़ शेयर खरीदे हैं। यह जियो फाइनेंशियल में 0.6 फीसदी हिस्सेदारी के बराबर के शेयर हैं। वहीं दूसरी तरफ एलआईसी के पास जियो फाइनेंशियल की 6 फीसदी से ज्यादा की हिस्सेदारी है। यह शेयर एलआईसी को रिलायंस के शेयरों के बदले फ्री में मिले हैं।
ऐसे में जब बड़े निवेशक जियो फाइनेंशियल में निवेश शुरू कर चुके हैं, तो माना जा सकता है कि यह शेयर लम्बे समय में अच्छा रिटर्न देगा। क्योंकि म्यूचअल फंड और एलआईसी उन्हीं शेयरों में निवेश करते हैं, जो उनको लम्बे समय में तगड़ा फायदा दे।
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