27 अप्रैल को भारतीय शेयर बाजार में जबरदस्त उतार-चढ़ाव देखने को मिल रहा है। सेंसेक्स की चाल आज काफी नर्वस नजर आ रही है। दूसरी ओर, सोने की कीमतें अपने रिकॉर्ड स्तर के करीब बनी हुई हैं। ऐसे में निवेशकों के सामने बड़ी उलझन है कि वे सुरक्षा चुनें या ग्रोथ। बाजार की इस उठापटक के बीच पारंपरिक फिक्स्ड डिपॉजिट (FD) एक बार फिर आकर्षक लगने लगे हैं, तो वहीं समझदार निवेशक SIP पर भी पैनी नजर रखे हुए हैं।

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आज के दौर में सही एसेट चुनना पूरी तरह आपके रिस्क लेने की क्षमता पर निर्भर करता है। एक्सपर्ट्स की सलाह है कि निवेश से पहले अपना टाइम होराइजन (समय सीमा) जरूर देख लें। FD जैसे सुरक्षित विकल्प फिलहाल फिक्स्ड रिटर्न दे रहे हैं, जबकि सोना बाजार की अचानक गिरावट के खिलाफ एक मजबूत ढाल का काम करता है। मुंबई में सोने के भाव नए रिकॉर्ड बना रहे हैं। ये तमाम चीजें रिटेल निवेशकों के लिए फैसले लेना थोड़ा चुनौतीपूर्ण बना रही हैं।

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FD vs SIP vs Gold: शॉर्ट टर्म में कहां है ज्यादा सुरक्षा?

बाजार में मची हलचल के बीच फिक्स्ड डिपॉजिट सुरक्षा का अहसास कराते हैं। फिलहाल शॉर्ट टर्म के लिए बैंकों में ब्याज दरें 7 फीसदी के आसपास चल रही हैं। हालांकि, टैक्स कटने के बाद मिलने वाला रिटर्न अक्सर महंगाई के सामने कम पड़ जाता है। ऐसे में आर्बिट्राज फंड (Arbitrage funds) बेहतर टैक्स एफिशिएंसी के साथ वैसी ही सुरक्षा देते हैं। यही वजह है कि आज ये बैंक डिपॉजिट के बड़े विकल्प बनकर उभरे हैं और लोग कैश मैनेजमेंट के लिए इन्हें पसंद कर रहे हैं।

FD, SIP और गोल्ड: टैक्स और रिटर्न का पूरा गणित

बाजार के इस उतार-चढ़ाव भरे दौर में इक्विटी SIP के लिए अनुशासन बहुत जरूरी है। छह हफ्तों का एक स्टैगर्ड प्लान (किस्तों में निवेश) लागत को औसत करने में मदद करता है। इस स्ट्रैटेजी से मार्केट पीक पर निवेश करने का जोखिम कम हो जाता है। वहीं, छोटे समय के लिए लिक्विड फंड्स अब भी पहली पसंद बने हुए हैं। इनमें अच्छी लिक्विडिटी के साथ ठीक-ठाक रिटर्न मिल जाता है और आप बाजार की रोजमर्रा की टेंशन से भी बच जाते हैं।

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निवेश का विकल्पजोखिम का स्तरअनुमानित रिटर्न
फिक्स्ड डिपॉजिटबहुत कम7.0% - 7.5%
आर्बिट्राज फंडकम6.8% - 7.2%
इक्विटी SIPज्यादामार्केट लिंक्ड
फिजिकल गोल्डमध्यमकीमतों पर निर्भर

बाजार के मौजूदा हालात को देखते हुए एक बैलेंस्ड पोर्टफोलियो बनाना जरूरी है। सोने और डेट (Debt) में निवेश बांटकर आप अपनी पूंजी को सुरक्षित रख सकते हैं। निवेश से पहले टैक्स के असर को जरूर समझें। छह हफ्ते का SIP साइकिल आपको उतार-चढ़ाव से निपटने में मदद कर सकता है। बाजार की इस हलचल के बावजूद अपने लॉन्ग टर्म लक्ष्यों पर टिके रहें। सही प्लानिंग ही आपके वित्तीय भविष्य को सुरक्षित बनाएगी।