Intercaste Marriage Scheme: तमात राज्य सरकारें कई तरह की कल्याणकारी योजनाएं चलाती हैं, जिसका फायदा आम लोगों को मिलता है। समाज में जातीय व्यवस्था प्रति नफरत या असमानता को खत्म करने की दिशा में कदम बढ़ाते हुए कुछ राज्य सरकारें अतंरजातीय विवाह को बढ़ावा दे रही है और इसके लिए आर्थिक सहायता भी दे रही हैं।

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यदि आप उत्तर प्रदेश में रह रहे हैं और अंतरजातीय शादी करना चाहते हैं या फिर आपने दूसरी जाती में विवाह किया है तो इस आर्थिक सहायता का लाभ ले सकते हैं। यूपी सरकार 'डॉ. अंबेडकर अंतरजातीय विवाह प्रोत्साहन योजना' चला रही है। चलिए जानते हैं कि इस योजना का लाभ कौन और कैसे ले सकता है और साथ में यह भी जानते हैं कि सरकार कितने रुपये का आर्थिक सहायता दे रही है...

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किन लोगों को मिलेगा योजना का लाभ?

इस योजना का लाभ लेने के लिए कुछ पात्रता शर्तें हैं। पति या पत्नी में से एक का दलित समुदाय से होना अनिवार्य है। साथ ही, उनका विवाह हिंदू विवाह अधिनियम 1955 के तहत पंजीकृत होना आवश्यक है।

आवेदन हेतु विवाह प्रमाणपत्र, जाति प्रमाण पत्र, पहली शादी का प्रमाण, एक हलफनामा, आय प्रमाण पत्र और संयुक्त बैंक खाते का विवरण जैसे दस्तावेज तैयार रखने होंगे।

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योजना का लाभ कैसे उठाएं?

इच्छुक जोड़े उत्तर प्रदेश के समाज कल्याण विभाग की वेबसाइट पर ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं।

  • "अंतरजातीय विवाह योजना ऑनलाइन आवेदन" विकल्प चुनें
  • फॉर्म में व्यक्तिगत और बैंक विवरण भरें।
  • आवश्यक दस्तावेज स्कैन कर अपलोड करें।
  • आवेदन जमा करने पर एक अभिस्वीकृति पर्ची मिलेगी।

कितने रुपये की मिलती है आर्थिक सहायता?

उत्तर प्रदेश सरकार अंतरजातीय विवाह करने वाले जोड़ों को 2.5 लाख रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान कर रही है। 'डॉ. अंबेडकर अंतरजातीय विवाह प्रोत्साहन योजना' नामक यह पहल नए जोड़ों को जीवन की शुरुआत में सहारा देती है; यह ऋण नहीं, बल्कि सीधी वित्तीय मदद है।

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दो बार में मिलती है या आर्थिक सहायता

वित्तीय सहायता दो चरणों में मिलती है। पहले चरण में 1.5 लाख रुपये की राशि NEFT/RTGS द्वारा सीधे जोड़े के संयुक्त बैंक खाते में ट्रांसफर की जाती है।

शेष 1 लाख रुपये की राशि को तीन साल के लिए सावधि जमा (Fixed Deposit) के रूप में रखा जाता है। अवधि पूरी होने पर, जोड़े को यह राशि ब्याज समेत मिलती है।