Income Tax Rate in India: आम बजट पेश होने के बाद से सोशल मीडिया से लेकर चाय की टपरी तक, सब जगह टैक्स को लेकर चर्चा आम है. खासकर मिडिल क्लास इनकम टैक्स को लेकर कैलकुलेशन कर रहा. हो भी क्यों न वित्त मंत्री ने संसद में बजट 2024 पेश करते हुए टैक्स दरों में बदलाव का ऐलान जो किया है. इसके तहत न्यू टैक्स रिजीम के कुछ स्लैब में राहत दी है. हालांकि, ओल्ड टैक्स रिजीम में कोई बदलाव नहीं किया है. ऐसे में ये समझना जरूरी है कि देश में कितनी इनकम पर सरकार कितना टैक्स वसूल रही है.

Advertisement

न्यू टैक्स रिजीम में नए रेट्स

इनकम (₹) टैक्स रेट
0-3 लाख NIL
3-7 लाख 5%
7-10 लाख 10%
10-12 लाख 15%
12-15 लाख 20%
15 लाख से अधिक 30%

Advertisement

बजट में मिली राहत!

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने आम बजट में 3 लाख रुपए तक इनकम को न्यू टैक्स रिजीम के तहत टैक्स फ्री कर दिया. इसके तहत स्टैंडर्ड डिडक्शन का ऐलान किया है. इसमें सैलरीड क्लास के लिए स्टैंडर्ड डिडक्शन को 50 हजार रुपए से बढ़ाकर 75 हजार रुपए करने का प्रस्ताव पेश किया. पेंशनर्स के लिए राहत का ऐलान करते हुए पारिवारिक पेंशन पर कटौती को 15000 रुपए से बढ़ाकर 25000 रुपए कर दिया.

Advertisement

केंद्रीय वित्त मंत्री ने बजट में डिडक्शन की लिमिट को न्यू टैक्स रिजीम में 50 हजार रुपए से बढ़ाकर 75 हजार रुपए किया है. लेकिन ओल्ड टैक्स रिजीम में बदलाव नहीं किया गया. इससे साफ है कि टैक्स रियायतों का फायदा न्यू टैक्स रिजीम के तहत आने वाले टैक्सपेयर्स को मिलेगा. निर्मला सीतारमण ने बजट स्पीच में बताया कि इससे न्यू टैक्स रिजीम को चुनने वाले टैक्सपेयर्स कम से कम 17500 रुपए तक की बचत होगी.

Advertisement

4 साल पहले हुई न्यू टैक्स स्लैब की शुरुआत

मौजूदा सरकार में ही न्यू टैक्स रिजीम की शुरुआत हुईस जोकि साल 2020 में शुरू हुआ, इसमें पिछले साल ही कुछ बदलाव किए गए, जिसके तहत टैक्स स्लैब की संख्या को 6 से घटाकर 5 कर दिए गए. शुरुआत में न्यू टैक्स रिजीम को लेकर नाराजगी दिखी, फिर आगे इसे पसंद किया जाने लगा. 31 जुलाई 2024 तक की ITR फाइलिंग के आंकड़े इसके साफ उदाहरण हैं. इसमें कुल 7.28 करोड़ रिटर्न्स फाइल हुए, जिसमें से 5.27 करोड़ रिटर्न फाइलिंग न्यू टैक्स रिजीम के तहत हुई. यानी कुल 72 फीसदी ITR फाइलिंग न्यू टैक्स रिजीम में फाइल हुआ.

Advertisement

ओल्ड टैक्स रिजीम की दरें

इनकम (₹) टैक्स दरें
0-2.5 लाख --
2.5- 3 लाख 5%
3-5 लाख 5%
5-6 लाख 20%
6-9 लाख 20%
9-10 लाख 20%
10-12 लाख 30%
12-15 लाख 30%
15 लाख से ऊपर 30%