इनकम टैक्स विभाग ने उन टैक्सपेयर्स के लिए एक नया ई-कैंपेन शुरू किया है, जिन्होंने बड़े वित्तीय लेनदेन (high-value transactions) किए हैं। अगर आपके पास भी विभाग की ओर से कोई ईमेल या एसएमएस आया है, तो घबराने की जरूरत नहीं है। यह कोई कानूनी नोटिस नहीं, बल्कि एक रिमाइंडर है। इस पहल का मकसद टैक्सपेयर्स को 15 जून की एडवांस टैक्स डेडलाइन से पहले खुद से टैक्स नियमों का पालन करने के लिए प्रोत्साहित करना है।
अक्सर ये मैसेज तब आते हैं जब आपके एनुअल इंफॉर्मेशन स्टेटमेंट (AIS) में बड़े निवेश या खर्च दिखाई देते हैं। इसमें शेयर बाजार में ट्रेडिंग, प्रॉपर्टी की खरीद या क्रेडिट कार्ड से किया गया भारी खर्च शामिल हो सकता है। विभाग इन गतिविधियों पर नजर रखने के लिए बैंकों और रजिस्ट्री ऑफिस से मिलने वाले डेटा का इस्तेमाल करता है। आप तुरंत 'कंप्लायंस पोर्टल' पर जाकर यह जरूर चेक कर लें कि वहां दिख रहे आंकड़े आपकी वास्तविक आय और खर्च से मेल खाते हैं या नहीं।
15 जून से पहले 'बड़े लेनदेन' के अलर्ट पर ऐसे दें जवाब
अपने एनुअल इंफॉर्मेशन स्टेटमेंट (AIS) की डिटेल्स देखने के लिए सबसे पहले आधिकारिक ई-फाइलिंग पोर्टल पर लॉग-इन करें। इसके बाद "Compliance Portal" टैब पर जाएं, जहां आप लिस्ट में दिए गए हर ट्रांजैक्शन पर अपना फीडबैक दे सकते हैं। आप इन जानकारियों को सही मानकर स्वीकार कर सकते हैं या गलत/डुप्लीकेट होने पर उसे मार्क कर सकते हैं। यह कदम आपके रिकॉर्ड को अपडेट रखने और भविष्य की किसी भी जांच से बचने में मदद करेगा। पूरी सटीकता के लिए इन डिटेल्स का मिलान अपने टैक्सपेयर इंफॉर्मेशन समरी (TIS) से जरूर करें।
| किस्त का चरण | आखिरी तारीख | देय टैक्स |
|---|---|---|
| पहली किस्त | 15 जून | 15 प्रतिशत |
| दूसरी किस्त | 15 सितंबर | 45 प्रतिशत |
एडवांस टैक्स के नियम और फिशिंग ईमेल से रहें सावधान
अगर आपकी अनुमानित टैक्स देनदारी 10,000 रुपये से ज्यादा है, तो आपको 15 जून तक एडवांस टैक्स की पहली किस्त जमा करनी होगी। समय पर टैक्स भरने से आप धारा 234B और 234C के तहत लगने वाले ब्याज और जुर्माने से बच सकते हैं। इसके अलावा, उन फिशिंग ईमेल से सावधान रहें जो आपसे बैंकिंग पासवर्ड या निजी जानकारी मांगते हैं। अपनी वित्तीय सुरक्षा के लिए केवल आधिकारिक डोमेन से आने वाले संदेशों पर ही भरोसा करें।
इन अलर्ट्स को केवल तभी नजरअंदाज करें जब आप पूरी तरह आश्वस्त हों कि आपने अपना एडवांस टैक्स भर दिया है। ज्यादातर टैक्सपेयर्स को इस वीकेंड कुछ मिनट निकालकर अपना AIS डेटा जरूर चेक कर लेना चाहिए। समय पर की गई यह कार्रवाई आने वाले असेसमेंट ईयर में टैक्स फाइलिंग की प्रक्रिया को आसान बना देगी। अपने टैक्स प्रोफाइल को अपडेट रखने से आप बाद में होने वाली कानूनी उलझनों से बच सकेंगे और विभाग के साथ आपका रिकॉर्ड भी बेहतर बना रहेगा।
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