नयी दिल्ली। जब से कोरोना संकट शुरू हुआ है तब से बहुत से लोगों के सामने पैसों की दिक्कतें बनी हुई हैं। करोड़ों लोग बेरोजगार हुए हैं, जबकि नौकरी पेशा लोगों को सैलेरी में कटौती का सामना करना पड़ा है। छोटे कारोबारियों से लेकर बड़ी-बड़ी कंपनियों तक को कोरोना के चलते आर्थिक झटका लगा है। कोरोना के कारण लगाए गए लॉकडाउन के चलते अब धीरे-धीरे कारोबार शुरू हो रहे हैं। मई में काम करने वालों की संख्या में भी काफी इजाफा हुआ है। मगर अभी भी लोगों की आर्थिक हालत ठीक नहीं है। अगर आप भी ऐसे लोगों में से हैं और अपनी आर्थिक स्थिति सुधारने के लिए लोन लेने की सोच रहे हैं तो हम आपको बताते हैं एक खास जिसे कोरोना पर्सनल लोन नाम दिया गया है। पर्सनल लोन के बजाय आप कोरोना पर्सनल लोन लें, जिसमें आपको कम ब्याज चुकाना है। आइये जानते हैं इस लोन के बारे में सब कुछ।
- बैंक ऑफ बड़ौदा
- पंजाब नेशनल बैंक
- इंडियन बैंक
- यूनियन बैंक ऑफ इंडिया
- महाराष्ट्र बैंक
- बैंक ऑफ इंडिया
कम ब्याज दर
कोरोना पर्सनल लोन का सबसे बड़ा फायदा है कम ब्याज दर। पर्सनल लोन पर आम तौर पर बैंक 8.75 फीसदी से लेकर 26 फीसदी तक ब्याज वसूलते हैं। वैसे ये ब्याज दर आपकी क्रेडिट प्रोफाइल पर तय की जाती है। मगर जहां तक कोरोना पर्नसल लोन का सवाल है तो इसमें आपको 7.20 फीसदी से 10.25 फीसदी की ब्याज दर चुकानी होगी। ध्यान रहे कि बैंक अपने मौजूदा लोन ग्राहकों को ये लोन दे रहें हैं, इसीलिए इसकी ब्याज दर कम है।
पर्सनल लोन के मामले में कोई भी बैंक आपसे लोन राशि के 4 फीसदी तक प्रोसेसिंग फीस वसूल सकता है। मदर कोरोना पर्सनल लोन के मामले में बतौर प्रोसेसिंग फीस बैंक जीरो से 500 रुपये तक ले रहे हैं। मौजूदा ग्राहकों को लोन दिए जाने से ये एक तरह का डिस्काउंट भी है।
कितना मिल सकता है लोन
आपको पर्सनल लोन 50000 रु से लेकर 20 लाख रु तक मिल सकता है। कुछ बैंक या नॉन-बैंकिंग फाइनेंस कंपनियां 40 लाख रु तक का लोन दे सकती हैं। मगर कोरोना पर्सनल मौजूदा संकट को देखते हुए आर्थित स्थिति बेहतर बनाने के लिए दिया जा रहा है। इसलिए इसमें आपको 5 लाख रु तक का लोन मिल सकता है। अगर आपकी जरूरत छोटी है तो आप 25000 रु का कम लोन भी ले सकते हैं।
पर्सनल लोन के मामले में बैंक आपकी जॉब प्रोफाइल, कंपनी, इनकम और खास कर क्रेडिट स्कोर सहित काफी कुछ देखेंगे। मगर कोरोना पर्सनल लोन मौजूदा ग्राहकों के लिए है इसलिए आपकी काफी डिटेल बैंक के पास होगी। इसलिए इस पर्सनल लोन में आपकी क्रेडिट प्रोफाइल और कर्ज चुकाने का रिकॉर्ड देखा जाएगा।
चुकाने के लिए कितना मिलेगा समय
पर्सनल लोन चुकाने की अवधि 1 से 5 साल होती है। कुछ बैंक आपको 7 साल तक का समय भी दे सकते हैं। मगर ध्यान रहे कि कोरोना पर्सनल लोन की अवधि कम है। ये लोन अस्थाई दिक्कत से निपटने के लिए दिया जा रहा है इसलिए इसकी समयसीमा कम होगी। अधिकतर बैंक इस लोन के लिए 3 साल की अवधि दे रहे हैं।
अगर आप कोरोना पर्सनल लोन लेना चाहते हैं तो आपको विभिन्न बैंकों की अंतिम तिथि के अनुसार आवेदन करना होगा। उदाहरण के लिए पंजाब नेशनल बैंक और बैंक ऑफ महाराष्ट्र सहित कई बैंकों में कोरोना पर्सनल लोन के लिए 30 जून 2020 आवेदन किया जा सकता है।
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