Hydrogen Fuel Trial: एथेनॉल (E20) को लेकर पिछले कुछ हफ्तों से देशभर में बहस तेज हो गई है। इस मुद्दे पर लोगों की अलग-अलग प्रतिक्रियाएं देखने को मिल रही हैं। कुछ लोगों का कहना है कि सरकार ने बिना पूरी तैयारी के यह फैसला ले लिया, जबकि कुछ का मानना है कि इस कदम से आने वाले समय में आम जनता को कई परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है। सोशल मीडिया पर कई लोग दावा कर रहे हैं कि उनकी कार बंद हो रही है, तो कुछ इंजन खराब होने की शिकायत कर रहे हैं।

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इसी बीच सरकार की ओर से एक नया बयान सामने आया है, जिसने लोगों के बीच फिर से बहस छेड़ दी है। आइए जानते हैं कि आखिर सरकार ने क्या कहा है और यह लोगों के लिए क्यों चर्चा का विषय बन गया है। इसके बाद केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने कहा कि आने वाले समय में हाइड्रोजन ईंधन परिवहन क्षेत्र का भविष्य बन सकता है। उन्होंने बताया कि केंद्र सरकार देश के 10 प्रमुख रूटों पर हाइड्रोजन से चलने वाले वाहनों का ट्रायल कर रही है।

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इस घोषणा के बाद सोशल मीडिया पर फिर से अलग-अलग प्रतिक्रियाएं सामने आने लगीं। कई लोगों का कहना है कि अभी E20 ईंधन को लेकर विवाद पूरी तरह खत्म भी नहीं हुआ, और सरकार हाइड्रोजन ईंधन की दिशा में आगे बढ़ गई है। ऐसे में लोगों के मन में कई सवाल हैं-इस तकनीक से किसे फायदा होगा, किसे नुकसान हो सकता है और किन रूटों पर इसका ट्रायल चल रहा है? आइए, इन सभी सवालों के जवाब जानते हैं।

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केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने यह जानकारी गांधीनगर में आयोजित 'प्रवास 5.0' और 'भारत प्रवास अवॉर्ड्स' कार्यक्रम के दौरान दी। उन्होंने कहा कि वैकल्पिक ईंधन और नई तकनीकों का उपयोग भारत के लिए काफी फायदेमंद साबित हो सकता है। उनका मानना है कि इससे देश ऊर्जा के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनेगा, आयातित ईंधन पर निर्भरता कम होगी और विकास की रफ्तार भी तेज होगी।

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किन रूटों पर चल रहा है हाइड्रोजन वाहनों का ट्रायल?

केंद्रीय मंत्री के मुताबिक, फिलहाल देश के 10 प्रमुख मार्गों पर हाइड्रोजन ईंधन से चलने वाले वाहनों का परीक्षण किया जा रहा है। इनमें शामिल हैं-

ग्रेटर नोएडा-दिल्ली-आगरा
भुवनेश्वर-कोणार्क-पुरी
अहमदाबाद-वडोदरा-सूरत
साहिबाबाद-फरीदाबाद-दिल्ली
पुणे-मुंबई
जमशेदपुर-कलिंगानगर
तिरुवनंतपुरम-कोच्चि
कोच्चि-एडापल्ली
जामनगर-अहमदाबाद
एनएच-16 (विशाखापट्टनम-बय्यावरम)

फिलहाल इन सभी रूटों पर परीक्षण जारी है। यदि ट्रायल सफल रहता है, तो आने वाले समय में इन मार्गों पर हाइड्रोजन से चलने वाले वाहन नियमित रूप से देखने को मिल सकते हैं।

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अब बड़ा सवाल यह है कि क्या E20 ईंधन को लेकर चल रही बहस के बीच हाइड्रोजन वाहनों की यह पहल भी नया विवाद खड़ा करेगी, या फिर यह भारत के स्वच्छ और टिकाऊ परिवहन की दिशा में बड़ा कदम साबित होगी? इस विषय पर आपकी क्या राय है? हमें कमेंट करके जरूर बताइए।