आधार डेटा के गलत इस्तेमाल और धोखाधड़ी को रोकने के लिए भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण (UIDAI) एक खास सुरक्षा फीचर देता है। इसे 'आधार बायोमेट्रिक लॉक' (ABL) कहा जाता है। इस टूल की मदद से नागरिक अपने फिंगरप्रिंट और आंखों की पुतलियों (iris) के डेटा को पूरी तरह सुरक्षित कर सकते हैं ताकि कोई और इसका इस्तेमाल न कर सके। अपनी मेहनत की कमाई और निजी पहचान को सुरक्षित रखने के लिए हर किसी को इस फ्री सर्विस के बारे में जरूर जानना चाहिए।

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आजकल ऐसे मामले अक्सर सामने आते हैं जहां अपराधी चोरी किए गए बायोमेट्रिक डेटा के जरिए अवैध ट्रांजेक्शन कर लेते हैं। इस खतरे से बचने के लिए आप UIDAI की वेबसाइट या मोबाइल ऐप के जरिए बायोमेट्रिक ऑथेंटिकेशन को तुरंत रोक सकते हैं। इससे आपकी अनुमति के बिना कोई भी आपकी पहचान का इस्तेमाल नहीं कर पाएगा। देश की बढ़ती डिजिटल इकोनॉमी में वित्तीय सुरक्षा के लिहाज से यह एक बेहद जरूरी कदम है।

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Aadhaar Biometrics को लॉक और अनलॉक करने का तरीका

इस फीचर को एक्टिवेट करने के लिए UIDAI की आधिकारिक वेबसाइट पर जाएं या mAadhaar ऐप का इस्तेमाल करें। यहां अपने आधार नंबर और वन टाइम पासवर्ड (OTP) के जरिए लॉगिन करें। लॉगिन करने के बाद 'सर्विसेज' टैब में आपको 'Lock/Unlock Biometrics' का विकल्प मिलेगा। इसे कन्फर्म करते ही आपका डेटा तब तक के लिए लॉक हो जाएगा, जब तक आप खुद इसे इस्तेमाल के लिए अनलॉक नहीं करते।

अगर आपको किसी काम के लिए फिंगरप्रिंट का इस्तेमाल करना है, तो आप इसे अस्थायी (Temporary) तौर पर अनलॉक भी कर सकते हैं। यह एक्सेस बहुत कम समय के लिए, आमतौर पर सिर्फ दस मिनट के लिए मिलता है। यह समय सीमा खत्म होते ही सिस्टम अपने आप डेटा को दोबारा लॉक कर देता है। इससे बैंक अपडेट या किसी भी वेरिफिकेशन के बाद आपकी निजी जानकारी पूरी तरह सुरक्षित रहती है।

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सुरक्षा के लिहाज से यह समझना जरूरी है कि बायोमेट्रिक लॉक और अनलॉक होने पर क्या फर्क पड़ता है। नीचे दी गई टेबल में बताया गया है कि यह सुरक्षा सिस्टम कैसे काम करता है। इसे समझकर आप बिना किसी डर के अपना डिजिटल डेटा मैनेज कर सकते हैं और फ्रॉड के खतरों से बच सकते हैं।

ConditionAccessSecurity Level
बायोमेट्रिक लॉक ऑनडिसेबल (बंद)सबसे ज्यादा सुरक्षा
अस्थायी अनलॉकइनेबल (चालू)मध्यम सुरक्षा
बायोमेट्रिक लॉक ऑफइनेबल (चालू)कम सुरक्षा

आज के दौर में अपनी डिजिटल पहचान को सुरक्षित रखना पहले से कहीं ज्यादा जरूरी हो गया है। समय-समय पर अपनी ऑथेंटिकेशन हिस्ट्री चेक करते रहें ताकि किसी भी संदिग्ध गतिविधि का पता चल सके। ऑनलाइन खतरों से बचने के लिए आधार बायोमेट्रिक लॉक का इस्तेमाल जरूर करें। यह छोटी सी आदत यह सुनिश्चित करती है कि आपकी संवेदनशील जानकारी पर सिर्फ और सिर्फ आपका ही कंट्रोल रहे।