पर्सनल लोन हम कई अलग-अलग परिस्थितियों में लेते हैं. कई लोग घर में छोटे-मोटे काम करने के लिए कई बार पर्सनल लोन लेते हैं. लोग अपनी जरुरत के हिसाब से पर्सनल लोन का ऑप्शन चुनते हैं. अगर आप भी चाहते है कि आपको सस्ते ब्याज दर पर लोन मिल जाए, तो यह आर्टकिल आपके लिए है.

Advertisement

आज हम आपको ऐसी टिप्स और ट्रिक के बारे में बताने वाले है. जिसके जरिए आप काफी सस्ते ब्याज दर पर पर्सनल लोन ले सकते हैं. चलिए अब इन टिप्स के बारे में फटाफट जान लेते हैं.

Advertisement

क्रेडिट स्कोर का रखें ध्यान

अगर आप सस्ते ब्याज दर पर लोन लेना चाहते हैं, तो आपको अपना क्रेडिट स्कोर अच्छा रखना पड़ेगा. आप क्रेडिट स्कोर अच्छा रख आसानी से कम ब्याज दर पर लोन ले सकते हैं. दरअसल क्रेडिट स्कोर के जरिए बैंक ये देखता है कि आप पर कितना विश्वास किया जा सकता है.

क्रेडिट स्कोर के जरिए आपकी लोन भुगतान की क्षमता देखी जाती है. एक अच्छे क्रेडिट स्कोर का मतलब है कि आप अपना लोन समय पर चुकाते हैं. इससे बैंक आप पर ज्यादा से ज्यादा विश्वास करता है. बैंक को भी लगता है आप लोन चुकाने में किसी तरह की दिकक्त नहीं देंगे.

Advertisement

एक अच्छे क्रेडिट स्कोर वाले व्यक्ति को बैंक खुद कम ब्याज दर पर लोन देता है.

बैंकों की तुलना करें

आपको बैंकों की तुलना करनी है या नहीं, ये आपके लोन अमाउंट पर निर्भर करता है. अगर आप छोटा-मोटा लोन लेना चाहते हैं,तो आपको बैंकों की तुलना ना भी करें, तो ज्यादा फर्क नहीं पड़ेगा. जब आप बैंक की तुलना कर रहें है, तो आपको सिर्फ ब्याज दर नहीं देखने है. बल्कि इसके साथ ही आपको इसमें छिपें हिडन चार्ज भी देखने है.

Advertisement

ये भी देखें की वो बैंक कितनी प्रोसेसिंग फीस ले रहा है.

सिक्योर्ड लोन को बनाएं ऑप्शन

अगर आप पर्सनल लोन लेना चाहते हैं, तो ये ध्यान रखें की आप सिक्योर्ड लोन ही लें. सिक्योर्ड लोन में आपको अनसिक्योर्ड लोन के मुकाबले कम ब्याज दर पर लोन मिल जाता है. आप ये सिक्योर्ड लोन एफडी या म्यूचुुअल फंड के बदले भी ले सकते हैं.

Advertisement

लोन अवधि का रखें खास ध्यान

अगर आप पर्सनल लोन लेना चाहते हैं, तो आपको लोन अवधि का ध्यान भी रखना होगा. अगर आप ज्यादा से ज्यादा दिन के लिए ईएमआई बनाते हैं, तो आप कम ब्याज पर भी अपने लोन का भुगतान कर सकते हैं. लेकिन इसका मतलब ये नहीं है कि आप कम ब्याज चुका रहे हैं.

इसलिए लोन की अवधि को ज्यादा ना खीचें. आप इसकी अवधि अफॉर्डेबिलिटी के हिसाब से कम ही रखें, ताकि लोन चुकाना आसान हो.