Retirement Planning: हर कोई अपने और अपने परिवार के भविष्य को सुरक्षित करने के लिए इन्वेस्ट कर रहा है। रिटायरमेंट के बाद फाइनेंशियल स्टेबिलिटी बनाए रखने के लिए प्लान बनाना बहुत जरूरी है। रिटायरमेंट के बाद भी रेगुलर इनकम पक्का करने के लिए सही इन्वेस्टमेंट ऑप्शन चुनना जरूरी है। नेशनल पेंशन सिस्टम (NPS) ऐसी ही एक स्कीम है, जहां छोटी सेविंग्स से भी लंबे समय में अच्छी-खासी रकम बनाई जा सकती है।

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कब से शुरु करें निवेश?

मान लीजिए आप 30 साल के हैं और NPS में हर महीने 5,000 रुपये जमा करते हैं। यह सालाना 60,000 रुपये होता है। अगर आप यह इन्वेस्टमेंट 30 साल तक जारी रखते हैं, तो आपका कुल इन्वेस्टमेंट 18 लाखरुपये होगा।

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कंपाउंडिंग से फंड कैसे बढ़ते हैं?

मान लीजिए कि आपको NPS से सालाना औसतन 10% का रिटर्न मिलता है, तो रिटायरमेंट पर आपका कुल पैसा लगभग 1.13 करोड़ रुपये तक पहुंच सकता है। इसका मतलब है कि आपके 18 लाख रुपये के इन्वेस्टमेंट पर लगभग 95.96 लाख रुपये का ब्याज मिलेगा। यही कंपाउंडिंग की असली ताकत है, जो समय के साथ पैसे को कई गुना बढ़ा देती है।रिटायरमेंट पर दो ऑप्शन

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रिटायरमेंट पर आपके पास दो ऑप्शन होते हैं। पहला ऑप्शन है कि आप पूरे कॉर्पस से एन्युइटी प्लान लेकर अपनी पेंशन शुरू करें। दूसरा ऑप्शन है कि आप कुल कॉर्पस का 60% निकाल लें और बाकी 40% एन्युइटी प्लान में इन्वेस्ट कर दें। NPS के नियमों के मुताबिक, कॉर्पस का कम से कम 40% एन्युइटी में इन्वेस्ट करना जरूरी है।

नेशनल पेंशन सिस्टम क्या है?

नेशनल पेंशन सिस्टम (NPS) एक डिफाइंड कंट्रीब्यूशन पेंशन सिस्टम है। NPS को भारत सरकार ने 2004 में शुरू किया था और इसे पेंशन फंड रेगुलेटरी एंड डेवलपमेंट अथॉरिटी (PFRDA) रेगुलेट और सुपरवाइज़ करती है। इसे लोगों की कामकाजी जिंदगी के दौरान सिस्टमैटिक और रेगुलर बचत करने के लिए डिजाइन किया गया है ताकि रिटायरमेंट के बाद एक स्टेबल और अच्छी इनकम पक्की हो सके।