Rupay Debit Card Insurance Claim: आजकल रुपए डेबिट कार्ड पर आपको कई तरह का इंश्योरेंस मिलता है। लेकिन इस इंश्योरेंस को क्लेम कैसे करना है इसके बारे में ज्यादातर लोगों को जानकारी नहीं होती है और वह इसका फायदा नहीं उठा पाते हैं। आज के आर्टिकल में हम आपको रुपए डेबिट कार्ड पर मिलने वाले इसी तरह के इंश्योरेंस को क्लेम करने की प्रक्रिया के बारे में बताने जा रहे हैं।

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रुपए डेबिट कार्ड का इस्तेमाल करने वालों की संख्या में जबरदस्त बढ़ोतरी देखने को मिल रही है। आपकी जानकारी के लिए बताते चलें कि रुपे डेबिट कार्ड पर आपको मुफ्त में इंश्योरेंस कवर मिलता है।

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आपकी जानकारी के लिए बताते चलें कि इस डेबिट कार्ड पर मिलने वाला इंश्योरेंस कोई भी लाइफ या हेल्थ इंश्योरेंस नहीं होता है। आपकी जानकारी के लिए बताते चलें कि यह एक पर्सनल एक्सीडेंटल इंश्योरेंस होता है जिसका फायदा कार्ड धारक को मिलता है।

इस व्यक्तिगत दुर्घटना बीमा के तहत यदि कोई भी व्यक्ति किसी दुर्घटना की चपेट में आने पर पूरी तरह से विकलांग हो जाता है या फिर उसकी मौत हो जाती है, उसे या फिर उसके परिवार को या कर दिया जाता है। आईए जानते हैं इस कवर का लाभ कैसे लिया जा सकता है।

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अगर आपके पास एक्सीडेंटल इंश्योरेंस देने वाला रुपए क्रेडिट कार्ड है तो आपको किसी भी तरह का प्रीमियम दिए बिना इंश्योरेंस कवर मिलता है।

आप चाहे तो ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों तरीके से इस डेबिट कार्ड पर मिलने वाले इंश्योरेंस को क्लेम कर सकते हैं।

अगर आप ऑफलाइन इंश्योरेंस क्लेम करना चाहते हैं तो आपको बैंक की शाखा में जाना होगा जहां से काट लिया गया है। वहां पर आपको एक इंश्योरेंस क्लेम का फॉर्म मिलेगा जिसमें सभी जानकारी सही-सही भर के आप इस इंश्योरेंस को क्लेम कर सकते हैं।

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रुएपे डेबिट कार्ड नेटवर्क ने एक ईमेल आईडी भी जारी की है। इस ईमेल आईडी rupay@newindia.co.in पर एक ईमेल भेज कर आप ऑनलाइन इंश्योरेंस क्लेम का विकल्प भी चुन सकते हैं। इस इंश्योरेंस क्लेम के साथ आपको सभी जरूरी दस्तावेज की फोटो या स्कैन कॉपी भी भेजनी होगी। इसके बाद आपको इस ईमेस की फोटो कॉपी इंडिया इंश्योरेंस को ऑफलाइन कोरियर भी करनी होगी।

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जानें क्या है क्लेम की समय सीमा

अगर आपके साथ कोई भी दुर्घटना हो जाती है तो उसके 90 दिनों के अंदर क्लेम करना जरूरी होता है। ऐसे में दुर्घटना के कारण अगर व्यक्ति लंबे समय तक अस्पताल में एडमिट रहता है तो भी इस इंश्योरेंस के तहत क्लेम किया जा सकता है।

पेपर वेरिफिकेशन भी है जरूरी

आपकी जानकारी के लिए बता दें कि अगर आपने एक बार इंश्योरेंस क्लेम कर दिया है, तो बीमा कंपनी के द्वारा एक जांच अधिकारी नियुक्त किया जाता है। यह जांच अधिकारी सभी पेपर दस्तावेज और स्थिति की सही सही जानकारी 30 दिन के अंदर बैंक को देता है। ऐसे में अगर आपके द्वारा पेपर जमा करने में देर की जाती है तो आपको 60 और 81 दिन के बाद रिमाइंडर भी भेजा जाता है।

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इस पूरी प्रक्रिया को पूरा करने के बाद सत्यापन होता है और इसके बाद आपके क्लेम अमाउंट 10 दिनों के अंदर नेशनल इलेक्ट्रिक फंड ट्रांसफर के माध्यम से आपके बैंक अकाउंट में जमा कर दिया जाता है। तो अगर आपके पास भी रुपए का डेबिट कार्ड है और उसे पर एक्सीडेंटल इंश्योरेंस मिल रहा है, अगर आप कभी किसी समस्या में पढ़ते हैं तो इस तरह इस इंश्योरेंस को क्लेम कर सकते हैं।