Mukhyamantri Mahila Rojgar Yojana: बिहार इस साल के अंत में होने वाले विधानसभा चुनावों की तैयारी में जुटा है और चुनाव से कुछ ही हफ्ते पहले राजनीतिक दल मतदाताओं को लुभाने की कोशिश कर रहे हैं। महिला मतदाताओं को अपनी ओर आकर्षित करने के लिए, बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने रविवार को मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना की शुरुआत की। इस योजना का उद्देश्य महिलाओं को रोजगार के अवसर देना है।

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मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने इस योजना को लोकप्रिय बनाने के लिए कई प्रचार वैन को हरी झंडी दिखाई और इसके लिए पोर्टल भी लॉन्च किया। मुख्यमंत्री के साथ उप-मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी और विजय कुमार सिन्हा भी मौजूद थे।

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महिला रोजगार योजना क्या है?

मुख्यमंत्री ने बताया कि इस योजना के तहत, राज्य के हर परिवार की एक महिला को अपनी पसंद का बिजनेस शुरू करने के लिए वित्तीय सहायता दी जाएगी। इन महिलाओं को अपनी पसंद का बिजनेस शुरू करने के लिए डायरेक्ट प्रॉफिट ट्रांसफऱ (डीबीटी) के माध्यम से वित्तीय सहायता की पहली किस्त के रूप में 10,000 रुपये दिए जाएंगे। मुख्यमंत्री ने बताया कि नियमित मूल्यांकन के बाद, इन महिलाओं को उनके व्यावसायिक विचार के लिए अतिरिक्त 2 लाख रुपये की सहायता दी जाएगी।

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बता दें कि योजना की शुरुआत रविवार को हुई. महज दो दिनों में 40 लाख से अधिक महिलाओं ने आवेदन किया है। इस योजना का मकसद महिलाओं को रोजगार मौजूद कराना है।

इस पोटर्ल से कर सकते है अप्लाई

योजना का शुभारंभ करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि 'मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना' के अंतर्गत महिलाओं से आवेदन हेतु ऑनलाइन पोर्टल का शुभारंभ कर दिया गया है। आप मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना के वेबसाइट (https://mmry.brlps.in/) से डायरेक्ट अप्लाई कर सकते है।

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ग्रामीण क्षेत्रों की जिन महिलाओं को इस योजना के लिए ऑनलाइन आवेदन करने में कठिनाई हो रही है, उनके लिए ऑफलाइन आवेदन भी स्वीकार किए जाएंगे।

योजना के फायदे

राज्य की महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण के लिए 'मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना' शुरू की गई है। इस योजना के तहत, राज्य के सभी परिवारों की एक महिला को राज्य में अपनी पसंद का व्यवसाय शुरू करने के लिए 10,000 रुपये की आर्थिक सहायता दी जाएगी।

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कौन सी महिलाएं योजना के लिए एलिजिबल है?

  • आवेदकों को जीविका परियोजना में रजिस्ट्रेशन होना आवश्यक है।
  • जिन महिलाओं के पति या वे स्वयं इनकम टैक्स के दायरे में आती हैं, वे पात्र नहीं हैं।
  • सरकारी नौकरी या संविदा पदों पर कार्यरत महिलाएं या उनके पति/पत्नी इस लाभ का लाभ नहीं उठा सकते।
  • प्रति परिवार केवल एक महिला पात्र है, जिसमें पति/पत्नी, अविवाहित बच्चे और अविवाहित भाई-बहन शामिल हैं।