Home Loan Transfer Charges: अपना मनपसंद घर खरीदना हर किसी का सपना होता है. लेकिन इस महंगाई में इक्ट्ठे पैसे देकर घर खरीदना काफी मुश्किल है. ऐसे में लोग होम लोन (Home Loan) का ऑप्शन चुनते है. इसमें आप छोटी किस्तों में घर के पैसे दे सकते हैं. लेकिन इसमें आपको ब्याज भी देना पड़ता है. आज हम जानेेंगे की अगर कोई अपना होम लोन ट्रांसफर (Home Loan Transfer Charge) करता है, तो उन्हें किन-किन चार्ज से जूझना पड़ता है.
होम लोन या पर्सनल लोन में बैलेंस ट्रांसफर करने ऑप्शन दिया जाता है. बैलेंस ट्रांसफर या रीफाइनेंस का ऑप्शन लोन धारक तब चुनता है, जब उसे दूसरे बैंक में कम ब्याज दर पर होम लोन मिल रहा है. लेकिन बैलेंस ट्रांसफर करने से पहले आपको कुछ चार्जेस के बारे में जानना बहुत जरूरी है. ताकि आप इन चार्जिस की कोस्ट को ध्यान में रखकर ही बैलेंस ट्रासंफर का ऑप्शन चुने. चलिए अब बिना वक्त गवाएं इन चार्जिस के बारे में डिटेल में जान लेते हैं.
प्रोसेसिंग चार्ज (Processing Charge)
अगर कोई व्यक्ति होम लोन पर रीफाइनेंस का ऑप्शन चुनता है, तो उसे प्रोसेसिंग चार्ज के रूप में कुल अमाउंट पर 0.5 फीसदी से 2 फीसदी तक चार्ज देना पड़ जाता है. मान लीजिए आपको बकाया लोन अभी 20 लाख रुपये है और आप बैलैंस ट्रांसफर का ऑप्शन चुनते हैं. तो ऐसे में आपको प्रोसेसिंग चार्ज के रूप में 10 हजार रुपये से लेकर 40 हजार रुपये तक देने होंगे.
रजिस्ट्रेशन चार्ज (Registration Charge)
देश में कुछ राज्यों पर अगर आप होम लोन में रीफाइनेंस का ऑप्शन चुनते हैं, तो आपको लोन एग्रीमेंट को फिर से रजिस्ट्रेशन और स्टाम्प करना पड़ता है. स्टाम्प ड्यूटी आपके प्रॉपर्टी की कीमत पर निर्भर करती है. ये स्टाम्प ड्यूटी आपसे 3 फीसदी से 7 फीसदी तक वसूली जा सकती है. वहीं अगर रजिस्ट्रेशन की बात करें तो ये 50,000 हजार से प्रॉपटी की कीमत का 1 फीसदी हो सकता है. हिमाचल प्रदेश में स्टाम्प ड्यूटी 8 फीसदी रखी गई है.
कानूनी और टेकनिकल चार्ज (Technical Charge)
अगर आप किसी नए बैंक में बैलेंस ट्रांसफर करते हैं, तो नया बैंक संपत्ति की स्थिति और कानूनी डॉक्यूमेंट की जांच करता है. दो ऐसे आपको दो और फीस देने पड़ते हैं.
जो आपकी प्रॉपटी की टाइटल की जांच करती है, उन वकील या कानूनी टीम को 5000 से लेकर 15000 रुपये तक कानूनी चार्ज दिया जाता है. वहीं एसेट के मूल्यांकन के लिए आपको टेकनिकल चार्ज देना पड़ता है. ये चार्ज 3000 रुपये से लेकर 5000 रुपये तक हो सकता है.
पहले लोन चुकाने पर बैंक लेता हैं ये चार्ज (Pre payment Charge)
अगर आप अपने होम लोन का भुगतान पहले भी करते हैं, तो बैंक आपसे चार्ज लेता है. इसे प्रीपेमेंट पैनल्टी कहा जाता है. आपकी बकाया लोन अमाउंट पर 2 से 4 फीसदी तक प्रीपेमेंट पैनल्टी ली जाती है. हालांकि अगर आप लोन फ्लोटिंग ब्याज पर चुका रहे हैं, तो आपसे ये पैनल्टी नहीं नहीं जाएगी. कल आरबीआई ने अपनी बैठक में ये फैसला सुनाया था कि फ्लोटिंग ब्याज दर पर लेने वाले लोन में प्रीपेमेंट पैनल्टी खत्म कर दी जाएगी.
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