नयी दिल्ली। होम लोन लेने वालों के लिए एक खुशखबरी है। आपको 8 फीसदी से कम भी रेट पर होम लोन मिल सकता है। दरअसल सितंबर तिमाही में विकास दर 4.5% पर पिछली 26 तिमाहियों के निचले स्तर पर पहुँच गयी थी। गिरती अर्थव्यवस्था को देखते हुए आरबीआई 5 दिसंबर को होने जा रही अपनी मौद्रिक नीति समिति की बैठक में अपनी जरूरी पॉलिसी रेट में और कटौती कर सकता है। जैसा कि रिटेल लोन को रेपो दर के साथ जोड़ दिया गया है तो होम लोन लेने वालों को 8 फीसदी से कम ब्याज दर कर्ज मिल सकेगा। आपको बता दें कि आरबीआई ने अपनी पिछली लगातार 5 मौद्रिक समिति की बैठकों में रेपो रेट घटायी है। 2019 में आरबीआई रेपो रेट में कुल मिला कर 1.35% की कटौती कर चुका है। आरबीआई ने खास कर मुद्रास्फीति को नियंत्रित करने और गिरती अर्थव्यवस्था को सहारा देने के लिए रेपो रेट में लगातार कमी की।
और कितनी घट सकती है रेपो रेट
द टाइम्स ऑफ इंडिया के एक पोल के मुताबिक कई अर्थशास्त्रियों का मानना है कि आरबीआई मौजूदा रेपो रेट में 25 बेसिस पोइंट की कटौती कर सकता है। इससे रेपो रेट घट कर 4.9 फीसदी पर आ जायेगी। इस समय रेपो दर 5.15% है, जो मार्च 2010 के बाद इसका सबसे निचला स्तर है। वहीं देश के सबसे बड़े बैंक की बात करें तो एसबीआई की एक्सटर्नल बेंचमार्क रेट 8.05% है जो आरबीआई के रेपो दर घटाने के बाद 7.8 फीसदी पर आ जायेगी। साथ ही लागू होने वाली होम लोन रेट भी 7.95% तक घट जायेगी।
क्या होती है रेपो रेट
रेपो रेट वे दर होती है जिस रेट पर आरबीआई दूसरे कमर्शियल बैंकों को लोन देता है। बैंक आरबीआई से कर्ज लेकर अपने ग्राहकों को लोन देते हैं। रेपो रेट कम होने से आपके लिए लोन की दरें भी कम होती हैं। वहीं आपको रिवर्स रेपो रेट के बारे में भी बता दें यह रेपो रेट की विपरीत होती है। रिवर्स रेपो रेट वे दर होती है जिस पर बैंकों को आरबीआई में जमा उनकी पूँजी पर ब्याज मिलता है।
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