22 मई को होम लोन लेने की सोच रहे लोगों के लिए बाजार में काफी हलचल है। अगर आप सस्ता लोन तलाश रहे हैं, तो सरकारी बैंक (PSU) फिलहाल सबसे आगे नजर आ रहे हैं। अच्छे क्रेडिट स्कोर वाले आवेदकों को ये बैंक 8.35 प्रतिशत के आसपास की शुरुआती दरों पर लोन दे रहे हैं। बड़े प्राइवेट बैंकों के मुकाबले यह एक बड़ा फायदा है। सही बैंक का चुनाव करके आप हर महीने अपनी EMI में हजारों रुपये बचा सकते हैं।

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सस्ता लोन चुनने के लिए सिर्फ बेस रेट देखना ही काफी नहीं है। ज्यादातर सरकारी बैंक रेपो रेट के ऊपर बहुत कम मार्जिन रखते हैं, जिससे आम परिवारों की EMI का बोझ काफी कम हो जाता है। इन बेहतरीन डील्स को हासिल करने के लिए आपका क्रेडिट स्कोर अच्छा होना सबसे जरूरी है। समझदारी भरा फैसला लेने के लिए इन आंकड़ों की तुलना जरूर करें।

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सरकारी बनाम प्राइवेट बैंक: होम लोन की दरों का विश्लेषण

बैंक का प्रकारसबसे कम ब्याज दर₹30 लाख पर EMI (20 साल)₹50 लाख पर EMI (20 साल)
सरकारी बैंक8.35% - 8.50%₹25,750₹42,918
प्राइवेट बैंक8.75% - 9.25%₹26,511₹44,186

प्राइवेट बैंक अक्सर तेज प्रोसेसिंग और बेहतर डिजिटल सुविधाओं के लिए थोड़ा ज्यादा प्रीमियम वसूलते हैं। फिलहाल उनकी दरें आमतौर पर 8.75 से 9.50 प्रतिशत के बीच बनी हुई हैं। हालांकि, व्यस्त प्रोफेशनल्स के लिए वे रीपेमेंट के ज्यादा लचीले विकल्प दे सकते हैं। कर्जदारों को यह तय करना होगा कि क्या थोड़ी सी सुविधा के लिए लाखों रुपये का अतिरिक्त ब्याज देना सही है। ब्याज दर में मामूली अंतर भी आपके कुल कर्ज के बोझ को काफी बढ़ा सकता है।

होम लोन प्रोसेसिंग फीस और रिफाइनेंस से जुड़ी जरूरी बातें

कई बार कम ब्याज दरों के पीछे भारी-भरकम प्रोसेसिंग फीस या एडमिनिस्ट्रेटिव चार्ज छिपे होते हैं। कुछ बैंक आजकल स्पेशल ऑफर्स के तहत इन चार्जेस को माफ भी कर रहे हैं। लोन फाइनल करने से पहले लीगल और डॉक्यूमेंटेशन से जुड़े सभी खर्चों का पूरा ब्रेकअप जरूर मांगें। ये छिपे हुए खर्च आपके सस्ते लोन के फायदे को खत्म कर सकते हैं। हमेशा चेक करें कि क्या फीस माफी का ऑफर आपके लोन अमाउंट पर लागू है या नहीं।

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अगर आपके मौजूदा लोन की ब्याज दर ज्यादा है, तो रिफाइनेंसिंग यानी लोन ट्रांसफर करना एक स्मार्ट कदम है। अगर ब्याज में 0.25 प्रतिशत का भी अंतर है, तो लोन ट्रांसफर का खर्च उठाना फायदेमंद साबित होता है। स्विच करने से पहले अपने मौजूदा बैंक की एग्जिट पेनल्टी (Exit Penalty) जरूर चेक कर लें। अगर लंबी अवधि में होने वाली बचत इन चार्जेस से ज्यादा है, तो तुरंत अपना लोन ट्रांसफर कराएं। बाजार के इन ट्रेंड्स पर नजर रखकर आप अपना आर्थिक भविष्य सुरक्षित कर सकते हैं।