दिवाली से पहले देश के सबसे बड़े प्राइवेट बैंक HDFC Bank ने लोन लेने वाले ग्राहकों को बड़ी राहत दी है। बैंक ने अपने लोन पर ब्याज दरों (Interest Rates) में कटौती की है। इस फैसले का सीधा असर लाखों ग्राहकों की मासिक किस्त यानी EMI पर पड़ेगा।
MCLR (मार्जिनल कॉस्ट ऑफ फंड्स बेस्ड लेंडिंग रेट) में की गई इस कमी से अब लोन की किश्तें पहले से कम हो जाएंगी।
ग्राहकों को बड़ी राहत
एचडीएफसी बैंक देश के सबसे भरोसेमंद बैंकों में से एक है। दिवाली से पहले उसने अपने ग्राहकों को तोहफा देते हुए MCLR दरों में कटौती की घोषणा की है। इस फैसले के बाद होम लोन, पर्सनल लोन और ऑटो लोन जैसे कई तरह के कर्ज सस्ते हो जाएंगे। बैंक के इस कदम से उन ग्राहकों को सीधा फायदा होगा जिनके लोन फ्लोटिंग रेट पर चल रहे हैं।
नई MCLR दरें क्या हैं?
बैंक ने अलग-अलग अवधि वाले लोन पर ब्याज दरों में 5 से 15 बेसिस पॉइंट (0.05% से 0.15%) तक की कमी की है।
नई दरें इस प्रकार हैं:
ओवरनाइट MCLR: 8.45% (पहले 8.55%)
एक महीने की MCLR: 8.40%
तीन महीने की MCLR: 8.45%
छह महीने की MCLR: 8.55%
एक साल की MCLR: 8.55%
दो साल की MCLR: 8.60%
तीन साल की MCLR: 8.65%
पहले ये दरें 8.55% से 8.75% के बीच थीं। यानी अब लोन लेना पहले से थोड़ा सस्ता हो गया है।
क्या होता है MCLR?
MCLR यानी Marginal Cost of Funds Based Lending Rate वह न्यूनतम ब्याज दर होती है, जिस पर कोई बैंक लोन दे सकता है। इसे भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने 2016 में लागू किया था ताकि ग्राहकों को ब्याज दरों में ट्रांसपेरेंसी मिल सके।
बैंक MCLR तय करते समय रेपो रेट, बैंक की डिपॉजिट दर, ऑपरेशनल खर्च और अन्य वित्तीय कारकों को ध्यान में रखता है। जब बैंक अपनी MCLR घटाता है, तो इसका सीधा असर उन लोन पर पड़ता है जिनकी ब्याज दरें फ्लोटिंग होती हैं।
EMI पर पड़ेगा असर
ब्याज दरों में कमी आने से EMI भी घट जाती है। उदाहरण के तौर पर, अगर किसी ग्राहक ने 25 लाख रुपए का होम लोन लिया है और ब्याज दर 8.75% से घटकर 8.60% हो गई है, तो हर महीने करीब 300-400 रुपए की बचत हो सकती है। लंबे समय में यह बचत 1 लाख रुपए से भी अधिक हो सकती है।
HDFC Bank का उद्देश्य
बैंक का कहना है कि यह कदम ग्राहकों का बोझ कम करने और त्योहारी सीजन में खरीदारी बढ़ाने के लिए उठाया गया है। दिवाली जैसे समय में जब घर और वाहन खरीदने की मांग बढ़ती है, तब ब्याज दरों में कटौती से लोगों को कर्ज लेने में आसानी होती है।
HDFC Bank का यह कदम न केवल ग्राहकों के लिए राहत भरा है, बल्कि इससे बाजार में कॉम्प्टीशन भी बढ़ेगी। अब बाकी बैंक भी ब्याज दरों में कमी कर सकते हैं। यह फैसला उन लोगों के लिए बड़ी खुशखबरी है जो घर या पर्सनल लोन लेने की सोच रहे हैं क्योंकि अब EMI का बोझ पहले से हल्का हो जाएगा।
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