HDFC Bank Locker Charges Hike: अगर आपने अपने गहने, जरूरी कागजात या कीमती सामान बैंक लॉकर में रखे हैं, तो आने वाले महीनों में आपको ज्यादा खर्च के लिए तैयार रहना होगा। देश के प्रमुख प्राइवेट बैंकों में शामिल HDFC Bank ने लॉकर किराए में बढ़ोतरी का फैसला लिया है। नई दरें 1 अप्रैल 2026 से लागू होंगी।

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इस बदलाव के तहत कुछ शहरों में किराया पहले से काफी ज्यादा कर दिया गया है। बैंक का कहना है कि बेहतर सुरक्षा व्यवस्था और बढ़ते संचालन खर्च के कारण यह कदम उठाया गया है।

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अब पांच तरह की लोकेशन

पहले लॉकर किराया सीमित कैटेगरी में तय होता था, लेकिन अब बैंक ने इसे पांच हिस्सों में बांट दिया है, Metro Plus, Metro, Urban, Semi-Urban और Rural नई 'Metro Plus' कैटेगरी उन पॉश इलाकों के लिए बनाई गई है, जहां शाखाएं प्रीमियम लोकेशन पर हैं। यहां किराया सबसे ज्यादा रखा गया है।

कितनी बढ़ी फीस?

नई दरों के अनुसार, Metro Plus इलाके में Extra Small लॉकर का सालाना किराया 4,000 रुपये से शुरू होगा और Extra Large लॉकर के लिए 40,000 रुपए तक देना पड़ सकता है।

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Metro और Urban इलाकों में भी किराया तेजी से बढ़ा है। कुछ मामलों में बढ़ोतरी 150 प्रतिशत से लेकर 180 प्रतिशत से ज्यादा तक पहुंच गई है। ग्रामीण इलाकों में वृद्धि कम है, लेकिन वहां भी पुराने रेट अब लागू नहीं रहेंगे। इन सभी रकम पर 18 प्रतिशत GST अलग से देना होगा, जिससे कुल खर्च और बढ़ जाएगा।

किराया एडवांस में देना जरूरी

बैंक ने साफ किया है कि लॉकर का किराया हर साल पहले से जमा करना होगा। यानी ग्राहकों को साल की शुरुआत में ही पूरा भुगतान करना पड़ेगा। अगर आपका लॉकर 1 अप्रैल 2026 के बाद रिन्यू होता है, तो नई दरों के अनुसार ही फीस देनी होगी।

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सुरक्षा नियम हुए सख्त

बढ़ते बैंकिंग फ्रॉड और चोरी की घटनाओं को देखते हुए बैंक ने सुरक्षा प्रक्रिया में भी बदलाव किया है। अब लॉकर एक्सेस करने से पहले आधार से जुड़ा बायोमेट्रिक वेरिफिकेशन जरूरी होगा।

इसका मतलब है कि सिर्फ चाबी से लॉकर नहीं खुलेगा, बल्कि आपकी पहचान की पुष्टि भी होगी। बैंक का दावा है कि इससे ग्राहकों की सुरक्षा और मजबूत होगी।

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ग्राहकों पर क्या असर पड़ेगा?

मेट्रो शहरों में रहने वाले ग्राहकों को सबसे ज्यादा असर महसूस होगा। बड़े साइज का लॉकर रखने वालों का खर्च काफी बढ़ सकता है। ऐसे में कुछ लोग छोटे साइज में शिफ्ट होने या अन्य विकल्प तलाशने पर विचार कर सकते हैं। ग्रामीण और छोटे शहरों में भी बढ़ोतरी हुई है, लेकिन वहां किराया अपेक्षाकृत कम रखा गया है।

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आगे क्या करें?

अगर आपका लॉकर अगले वित्त वर्ष में रिन्यू होना है, तो अभी से अपना बजट तैयार कर लें। 18% GST और बढ़े हुए किराए को जोड़कर कुल खर्च का अंदाजा लगाना जरूरी है।

लॉकर सेवा पहले से ज्यादा महंगी होने जा रही है। हालांकि बैंक इसे बेहतर सुरक्षा और आधुनिक सुविधा का कदम बता रहा है, लेकिन ग्राहकों के लिए यह एक अतिरिक्त आर्थिक बोझ साबित हो सकता है।