PM Kisan Yojna 21st Installment: प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के लाभार्थी किसानों के लिए सरकार की ओर से एक अहम सूचना जारी की गई है। देश भर के करोड़ों किसान 21वीं किस्त का इंतजार कर रहे है। इस योजना के तहत, केंद्र सरकार पात्र किसानों को सालाना 6,000 रुपये की आर्थिक मदद देती है। यह किस्त किसानों के बैंक खाते में तीन बराबर किस्तों में भेजी जाती है, यानी हर किस्त 2,000 रुपये की होती है।
सरकार ने नोटीफिकेशन में क्या कहा?
केंद्र सरकार ने पीएम किसान की आधिकारिक वेबसाइट पर जारी एक अधिसूचना में कहा है कि कुछ अनियमित मामलों की पहचान की गई है जिनमें 1 फरवरी, 2019 के बाद जमीन खरीदने वाले या जमीन के मालिक रहे किसानों के परिवार शामिल हैं। ऐसे परिवार जहां एक से ज्यादा सदस्य योजना का लाभ ले रहे हैं। उदाहरण के लिए, पति-पत्नी या माता-पिता और उनके 18 साल से ज्यादा उम्र के बेटे-बेटियां दोनों एक साथ किस्त का पैसा ले रहे हैं। यानी एक ही जमीन का कई दावेदार लाभ उठा रहे हैं।
ऐसे मामलों में, किस्त पर फिलहाल रोक लगा दी गई है। किसानों से अपील की गई है कि वे अपनी एलिजिबिलिटी की जांच कर लें। इसके लिए नो योर स्टेटस यानी KYC की सेवा उपलब्ध कराई जा रही है। इसका यूज पीएम किसान वेबसाइट, मोबाइल ऐप या किसान ई-मित्र चैटबॉट के जरिए किया जा सकता है।
किस्त क्यों रोकी गई है?
सरकार का कहना है कि ऐसे मामलों का फिजिकल वेरिफिकेशन किया जाएगा। जब तक जांच पूरी नहीं हो जाती, तब तक उन किसानों के खातों में अगली किस्त नहीं भेजी जाएगी। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि योजना का लाभ केवल उन्हीं लोगों को मिले जो इसके लिए पूरी तरह से एलिजिबल हैं।
पीएम किसान योजना की 21वीं किस्त के लिए KYC जरूरी
पीएम किसान योजना के तहत भुगतान प्राप्त करने के लिए प्रत्येक लाभार्थी के लिए ई-केवाईसी (e-KYC) जरूरी है। सत्यापन के लिए किसानों को अपना आधार नंबर पीएम किसान डेटाबेस से जोड़ना होगा। KYC न होने पर, 21वीं किस्त की प्रक्रिया शुरू नहीं की जा सकेगी और पैसे ट्रांसफर नहीं की जा सकेगी।
पीएम किसान KYC कैसे पूरा करें?
आधार-आधारित OTP वेरिफिकेशन का यूज किसान आधिकारिक पीएम किसान पोर्टल पर ऑनलाइन ई-KYC प्रोसेस पूरी करने के लिए कर सकते हैं। ऑफलाइन KYC सामान्य सेवा केंद्रों पर भी संभव है, जहां वित्तीय लाभों के समय पर ट्रांसफर की सुविधा के लिए रिकॉर्ड अपडेट किए जाते हैं।
किसानों को क्या कदम उठाने चाहिए
सरकार ने किसानों को सलाह दी है कि वे एलिजिबिलिटी सुनिश्चित करने के लिए आधिकारिक पीएम किसान पोर्टल का उपयोग करके अपनी लाभार्थी स्थिति वेरिफाई करें। पीएम किसान योजना की 21वीं किस्त उनके खातों में जमा करने के लिए उन्हें 8 मार्च, 2026 तक ई-KYC प्रक्रिया पूरी करनी चाहिए। किसी भी देरी से बचने के लिए बैंक और आधार विवरण अपडेट करवाना चाहिए।
KYC की समय सीमा में देरी से उन किसानों को अतिरिक्त समय मिल जाता है जो पहले यह काम नहीं करवा पाए थे। अब 8 मार्च, 2026 की नई समय सीमा तय होने से, अधिक किसान बिना किसी रुकावट के पीएम किसान योजना का लाभ उठा सकेंगे।
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