नयी दिल्ली। सरकार समय-समय पर निवेश के शानदार मौके लेकर आती रहती है। इनमें गोल्ड ईटीएफ, बॉन्ड जैसी चीजें शामिल होती हैं। सरकार के इन निवेश ऑप्शंस में पैसा लगाना फायदेमंद है, क्योंकि सरकारी समर्थन के चलते ये सुरक्षित होते हैं और दूसरे इनमें रिटर्न अच्छा मिलता है। सरकार एक ऐसा ही नया ऑप्शन पेश करने जा रही है। सरकार ने फ्लोटिंग रेट सेविंग्स बॉन्ड, 2020 (टैक्सेबल) लॉन्च करने का ऐलान कर दिया है। इन बॉन्ड्स पर 7.15 फीसदी की ब्याज दर होगी, जो कई बैंकों बड़े बैंकों की एफडी से बेहतर है। हालांकि आरबीआई की तरफ से जारी किए गए बयान के मुताबिक इन बॉन्ड्स पर ब्याज दर की समीक्षा हर 6 महीनों में की जाएगी। पहली बार ब्याज दर की समीक्षा 1 जनवरी 2021 को होगी। बता दें कि ये 1 जुलाई 2020 से सब्सक्रिप्शन के लिए उपलब्ध होंगे।
इन बॉन्ड्स की अच्छी बात ये है कि आपको मैच्योरिटी के बजाय हर 6 महीनों में ब्याज का भुगतान किया जाएगा। ये बॉन्ड्स वापस लिए गए 7.75% आरबीआई बॉन्ड्स के बदले में लॉन्च किए गए हैं। 7.75% आरबीआई बॉन्ड पर बॉन्ड की अवधि के दौरान निश्चित ब्याज दर मिलती है। साथ ही उनमें आपको मैच्योरिटी या हर 6 महीनों में ब्याज हासिल करने का ऑप्शन मिलता है। आइए विस्तार के जानते हैं सरकार की तरफ से पेश किए गए नए बॉन्ड्स के बारे में।
कोई भी व्यक्ति (किसी के साथ मिल कर भी) और हिंदू अविभाजित परिवार (एचयूएफ) इन बॉन्ड्स में निवेश कर सकते हैं। एनआरआई इन बॉन्ड में निवेश नहीं कर सकते हैं।
आप कितना निवेश कर सकते हैं
बॉन्ड में निवेश की कोई अधिकतम सीमा नहीं होगी। न्यूनतम निवेश 1,000 रुपये से शुरू होता है और फिर 1,000 रुपये के गुणक में आप जितना चाहे निवेश कर सकते हैं।
बॉन्ड्स की अवधि
ये बॉन्ड्स जारी होने की तारीख से सात साल की समाप्ति पर चुकाने योग्य (Repayable) होंगे। वरिष्ठ नागरिकों को 7 साल से पहले रिडम्प्शन की छूट होगी। यह नियम 7.75% आरबीआई टैक्सेबल बॉन्ड जैसा ही है।
बॉन्ड पर ब्याज हर छमाही यानी हर साल साल 1 जनवरी और 1 जुलाई को मिलेगा। आने वाली 1 जनवरी 2021 को ब्याज 7.15% देय होगा। अगली छमाही के लिए ब्याज दर (जो 1 जुलाई, 2021 को देय है) की समीक्षा हर 6 महीने में होगी। पहली समीक्षा 1 जनवरी 2021 को होगी। इसमें आपको एक साथ ब्याज का भुगतान पाने का कोई विकल्प नहीं मिलेगा। इसका मतलब यह होगा कि एक बार बॉन्ड पर ब्याज लगने के बाद यह आपके बैंक खाते में जमा हो जाएगा।
ब्याज पर टैक्स कैसे लगेगा?
इन बॉन्डों से प्राप्त ब्याज पर आपकी आय पर लागू इनकम टैक्स स्लैब के अनुसार टैक्स लगेगा। इसके अलावा ब्याज आय पर टीडीएस भी लागू होगा।
इन बॉन्ड में निवेश नकद (20,000 रुपये तक) / ड्राफ्ट / चेक या प्राप्तकर्ता को स्वीकार्य किसी भी इलेक्ट्रॉनिक मोड के रूप में होगा। बॉन्ड लेजर अकाउंट के रूप में बॉन्ड के लिए आवेदन एसबीआई, राष्ट्रीयकृत बैंकों, आईडीबीआई बैंक, एक्सिस बैंक, एचडीएफसी बैंक और आईसीआईसीआई बैंक की नामित शाखाओं में प्राप्त होगा। बॉन्ड केवल इलेक्ट्रॉनिक रूप में जारी किए जाएंगे और धारक के खाते में बॉन्ड लेजर अकाउंट नामक एक खाते में मिलेंगे, जो रिसीविंग ऑफिस के पास खुलेगा।
- ये बॉन्ड सेकंडरी मार्केट में ट्रेडिंग के लिए पात्र नहीं हैं। इनका उपयोग बैंकों, वित्तीय संस्थानों, एनबीएफसी आदि से लोन के लिए गारंटी के रूप में नहीं किया जा सकता है।
- सिर्फ एक धारक या बॉन्ड का एकमात्र जीवित धारक एक व्यक्ति होने के नाते एक नॉमिनेशन कर सकता है।
- बॉन्ड धारक की मृत्यु के मामले में ये उसके नॉमिनी को ट्रांसफर किए जा सकते हैं। इसके अलावा ये बॉन्ड्स किसी भी हाल में किसी को भी ट्रांसफर नहीं किए जा सकते।
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