नयी दिल्ली। क्या आप ऐसे निवेश ऑप्शन के बारे में जानते हैं जिसमें आपका पैसा एफडी से ज्यादा सुरक्षित रहेगा और ब्याज दरें नीचे जाने पर ज्यादा मुनाफा होगा? सुरक्षा की बात करें तो भारत सरकार सरकारी बॉन्ड में 100 प्रतिशत निवेश की गारंटी देती है, लेकिन बैंक एफडी के मामले में अधिकतम गारंटी 5 लाख रु तक होती है। मगर यदि आप सरकारी बॉन्ड के बारे में नहीं जानते हैं तो आप अकेले नहीं हैं। 2015 में बाजार रेगुलेटर सेबी ने एक सर्वे किया था, जिसमें पता चला कि 99 फीसदी आबादी एफडी के बारे में जानती है लेकिन 7 प्रतिशत से भी कम लोग सरकारी बॉन्ड के बारे में जानते हैं।
यहां सवाल खड़ा होता है कि अगर कोई जोखिम नहीं है तो ज्यादातर लोग सरकारी बॉन्ड के बजाय एफडी में निवेश क्यों करते हैं। इसका एक कारण है कि बैंक कैश लेते हैं, लेकिन आप सरकारी बॉन्ड को कैश में नहीं खरीद सकते। मगर ये सही है कि यहां आपका पैसा ज्यादा सुरक्षित है और रिटर्न भी बढ़िया है। अगर आपका इरादा इन बॉन्ड्स में निवेश करने का है तो बता दें कि बॉन्ड में निवेश के तीन तरीके हैं।
- सरकारी बॉन्ड खरीदने के तीन तरीके हैं। सबसे आसान रास्ता म्यूचुअल फंड का है जिसे गिल्ट, मनी मार्केट फंड और लो-ड्यूरेशन फंड के रूप में वर्गीकृत किया जाता है
- दूसरा तरीका स्टॉक एक्सचेंजों से खरीदारी या खुदरा निवेशकों के लिए उपलब्ध एनएसई बॉन्ड नीलामी प्लेटफॉर्म पर सीधे भाग लें
- अंतिम और शायद कम से कम इस्तेमाल किया जाने वाला ऑप्शन है ब्रोकर के माध्यम से खरीदना। आम तौर पर म्यूचुअल फंड रूट सबसे बढ़िया माना जाता है
सरकारी बॉन्ड म्यूचुअल फंड की सबसे बड़ी खासियत यह है कि आपको क्रेडिट रेटिंग के आधार पर इसका विश्लेषण करने की आवश्यकता नहीं है क्योंकि भारत सरकार द्वारा डिफ़ॉल्ट का कोई जोखिम नहीं है। यानी ये एक टेंशन फ्री निवेश ऑप्शन है। मगर ऐसा भी नहीं है कि यहां आपको कोई नुकसान नहीं हो सकता। ब्याज के मामले में आप नुकसान उठा सकते हैं। मगर ऐसा नुकसान नहीं है जिससे आपकी पूंजी कम होगी। ये नुकसान कम मुनाफे के रूप में आएगा।
ब्याज दर जोखिम यह है कि यदि सरकार वर्तमान में जो ब्याज दर ऑफर कर रही है, उससे अधिक ब्याज देने के लिए तैयार हो जाए तो आपको कितना नुकसान होगा। आसान शब्दों में कहें तो यदि सरकार नए बांड पर अधिक ब्याज देने के लिए तैयार है, तो उसने जो पहले बॉन्ड जारी किए हैं, जो आपके पास होंगे उन पर कम ब्याज मिलेगा। इससे आपके पास जो बॉन्ड होगा उसका प्राइस कम हो जाएगा।
जानकार सलाह देते हैं कि आप बतौर इमरजेंसी एफडी में 2-5 लाख रु का निवेश रखें ताकि जरूरत पड़ने पर तुरंत निकाल सकें। बाकी एफडी का पैसा आप सरकार बॉन्ड म्यूचुअल फंड में निवेश कर सकते हैं। इन पर टैक्स भी लगता है। वैसे सरकारी बॉन्ड्स को उन निवेशकों को ज्यादा बेहतर माना जाता है जिनकी इनकम हाई है।
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