National Pension Scheme New Rule : क्या आप एक पेंशनर हैं? अगर आपका जवाब हां है तो आपके लिए खुशखबरी है। बता दें कि नेंशनल पेंशन सिस्टम यानी एनपीएस के तहत एक नयी स्कीम लाई जाएगी। इसके तहत नयी स्कीम लाने की तैयारी है। उससे पेंशनधारकों को रिटर्न मिलने की गारंटी दी जाएगी। असल में सरकार मिनिमम एश्योर्ड रिटर्न स्कीम लाएगी। इसकी तैयारी की जा रही है। इस नये नियम के बाद देश के करोड़ों लोगों को फायदा होगा। संभावना है कि इसी महीने के आखिर तक नया नियम लागू किया जा सकता है।
देश में पेंशन रेगुलेटर पेंशन फंड रेगुलेटरी एंड डेवपलपमेंट अथॉरिटी (पीएफआरडीए) है। इसके चेयरमैन हैं सुप्रतिम बंधोपाध्याय। सुप्रतिम नई पेंशन स्कीम करने की जानकारी दे चुके हैं। उनके अनुसार अभी मिनिमम रिटर्न गारंटी स्कीम पर काम चल रहा है। सुप्रतिम के अनुसार अथॉरिटी इस बात से अवगत है कि निवेशक महंगाई और रुपये में गिरावट से प्रभावित होते हैं। ऐसे में पेंशनधारकों को जो रिटर्न मिलता है वो भी प्रभावित होता है।
सुप्रतिम के मुताबिक पेंशन एसेट्स का साइज इस समय 35 लाख करोड़ रुपये है। इसमें से 22 फीसदी (करीब 7.72 लाख करोड़ रुपये) एनपीएस का है, जबकि 40 फीसदी एसेट्स ईपीएफओ के पास हैं। स्कीम के तहत जो लोग बेनेफिट लेना चाहते हैं उनके लिए अधिकतम उम्र की सीमा को बढ़ाया गया है और इसे 70 साल कर दिया गया है। इस फैसले के बाद एनपीएस के सब्सक्राइबर्स की संख्या में बढ़ी है।
पिछले 13 सालों के नेशनल पेंशन सिस्टम के रिटर्न पर नजर डालें तो निवेशकों को सालाना 10.27 फीसदी से ज्यादा का दमदार रिटर्न मिला है। पर अब देश में महंगाई बढ़ रही है। इसी के मद्देनजर सरकार एनपीएस के निवेशकों को बंपर रिटर्न देना सुनिश्चित करने की तैयारी कर रही है। मिनिमम गारंटी रिटर्न स्कीम से देश के करोड़ों लोगों को फायदा होगा। वहीं स्कीम से नये लोग बड़ी संख्या में जुड़ेंगे।
एनपीएस में एक मिनिमम रिटर्न स्कीम लाने की तैयारी काफी आगे बढ़ गयी है। आपकी जानकारी के लिए बता दें कि इस योजना को 30 सितंबर तक शुरू किया जाना था। मगर ऐसा नहीं हो सका। पर अब 31 अक्टूबर से पहले ये योजना लाई जा सकती है। इससे निवेशकों को अच्छा रिटर्न मिलेगा।
पिछले महीने भी एनपीएस के नियमों में एक बड़ा बदलाव हुआ था। उससे एनपीएस के पेंशनभोगियों को फायदा होगा। नये नियम के अनुसार अब पेंशन फंड से बाहर निकलने के बाद पेंशनभोगियों एन्युटी चुनने के लिए एक अलग प्रपोजल फॉर्म नहीं भरना होगा। इस मामले में इंश्योरेंस रेगुलेटर इंश्योरेंस रेगुलेटरी एंड डेवलपमेंट अथॉरिटी ऑफ इंडिया (आईआरडीएआई) ने 13 सितंबर 2022 को एक सर्कुलर जारी किया था। सर्कुलर के मुताबिक एनपीएस रिटायरी ने जो एग्जिट फॉर्म जमा किया है उसे बीमा कंपनियों द्वारा इंस्टैंट एन्युटी प्रोडक्ट की पेशकश के लिए प्रपोलर फॉर्म के रूप में स्वीकार करना होगा। मौजूदा नियमों के अनुसार एनपीएस पेंशनभोगियों को विदड्रॉल के समय पेंशन फंड नियामक और विकास प्राधिकरण (पीएफआरडीए) को एक 'विस्तृत' निकास फॉर्म जमा करना होता है।
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