भारतीय बाजारों में पिछले एक दिन में सोने की कीमतों में मामूली गिरावट दर्ज की गई है। जून की सैलरी आने के साथ ही निवेश करने वालों के लिए यह एक शानदार मौका है। अब कई लोग इस उलझन में हैं कि पैसा सोने में लगाया जाए या बैंक की पारंपरिक स्कीमों में। सही चुनाव आपके फाइनेंशियल गोल और समय पर निर्भर करता है। स्मार्ट मनी मैनेजमेंट की शुरुआत इन बदलावों को समझने से ही होती है।

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सोने के दाम में आई हालिया गिरावट ने उन लोगों को राहत दी है, जो इसकी रिकॉर्ड तोड़ बढ़त से परेशान थे। आर्थिक उतार-चढ़ाव के दौर में निवेशक सोने को महंगाई से लड़ने का एक सुरक्षित जरिया मानते हैं। हालांकि, बिना किसी जोखिम के गारंटीड रिटर्न चाहने वालों के लिए बैंक फिक्स्ड डिपॉजिट (FD) आज भी काफी लोकप्रिय है। जून के निवेश के लिए सुरक्षा और ग्रोथ के बीच सही तालमेल बिठाना बेहद जरूरी है। अपने पोर्टफोलियो में विविधता रखना आपकी संपत्ति को सुरक्षित रखता है।

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Gold vs FD vs SIP: जून की सैलरी कहां निवेश करना रहेगा फायदेमंद?

अगर आप सिर्फ तीन महीने जैसे कम समय के लिए बचत करना चाहते हैं, तो फिक्स्ड डिपॉजिट (FD) सबसे अच्छा विकल्प है। मीडियम टर्म के लक्ष्यों के लिए रिकरिंग डिपॉजिट (RD) या सोना सुरक्षित माना जाता है। वहीं, लंबे समय में बड़ी वेल्थ बनाने के लिए इक्विटी में SIP (सिस्टमैटिक इन्वेस्टमेंट प्लान) अक्सर बाजी मार ले जाता है। नीचे दी गई टेबल की मदद से आप तय कर सकते हैं कि इस महीने आपकी मेहनत की कमाई कहां जानी चाहिए।

निवेश का विकल्पसही समय सीमाअनुमानित रिटर्नमुख्य भूमिका
FD3 महीने से कम6.5 प्रतिशत से 7.5 प्रतिशतलिक्विडिटी
RD6 से 12 महीने6.8 प्रतिशत से 8 प्रतिशतअनुशासन
Goldलंबी अवधिऐतिहासिक ग्रोथसुरक्षा
SIP3 से 5 साल12 प्रतिशत से 15 प्रतिशतवेल्थ क्रिएशन

टैक्स और लिक्विडिटी: गोल्ड, एफडी और एसआईपी में क्या है अंतर?

सोने और लॉक-इन पीरियड के बाद एसआईपी (SIP) यूनिट्स में लिक्विडिटी काफी ज्यादा होती है, यानी इन्हें आसानी से कैश कराया जा सकता है। फिक्स्ड डिपॉजिट (FD) से मिलने वाले ब्याज पर आपके इनकम टैक्स स्लैब के हिसाब से टैक्स लगता है। वहीं, एक साल से ज्यादा समय तक रखे गए इक्विटी एसआईपी पर कैपिटल गेन्स टैक्स की दरें कम होती हैं। टैक्स का यह अंतर आपके हाथ में आने वाले असल मुनाफे पर बड़ा असर डालता है। निवेश से पहले हमेशा टैक्स के बाद मिलने वाले रिटर्न की जांच करें।

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अपनी मंथली इन्वेस्टमेंट प्लानिंग करते समय अलग-अलग एसेट क्लास में निवेश करने पर विचार करें। सोने और एसआईपी का सही मिश्रण आपके पोर्टफोलियो को काफी मजबूत बनाता है। बाजार के उतार-चढ़ाव के बावजूद अनुशासन के साथ निवेश करते रहना ही सुरक्षा की गारंटी है। जून की अपनी फाइनेंशियल स्ट्रैटेजी में छोटी शुरुआत करें लेकिन उसे लगातार जारी रखें। आपकी आज की बचत ही आपके भविष्य को बेहतर बनाएगी।