ग्लोबल टेंशन के बीच 22 अप्रैल को सोने की कीमतों में जबरदस्त उछाल देखने को मिला, जिससे निवेशकों का रुझान एक बार फिर सुरक्षित निवेश की ओर बढ़ा है। भारतीय घरों में भी सोने के बढ़ते दामों को लेकर काफी चर्चा है। हालांकि, सही एसेट का चुनाव पूरी तरह आपके फाइनेंशियल गोल्स पर निर्भर करता है। आज के दौर में वेल्थ क्रिएशन के लिए आपको SGB, गोल्ड ETF, इक्विटी SIP और FD जैसे विकल्पों को बारीकी से तौलना होगा।
सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड (SGB) पर निवेशकों को सालाना 2.5 प्रतिशत का फिक्स्ड ब्याज मिलता है। सुरक्षा और लॉन्ग-टर्म टैक्स बेनिफिट्स के लिहाज से यह एक शानदार विकल्प है। दूसरी ओर, अगर आप ट्रेडिंग के लिए बेहतर लिक्विडिटी चाहते हैं, तो गोल्ड ETF ज्यादा मुफीद हैं। फिजिकल गोल्ड के उलट, इन दोनों ही विकल्पों में शुद्धता की चिंता और स्टोरेज का झंझट नहीं रहता। अब यह आपको तय करना है कि आपकी प्राथमिकता रेगुलर इनकम है या कैश तक आसान पहुंच।
Gold ETF और Equity SIP: भारतीय निवेशकों के लिए क्या है बेहतर?
इक्विटी SIP का मुख्य फोकस शेयर बाजार की ग्रोथ के जरिए लंबी अवधि में मोटा फंड बनाना होता है। इसमें सोने के मुकाबले जोखिम तो ज्यादा है, लेकिन रिटर्न भी काफी बेहतर मिलता है। वहीं, जब शेयर बाजार में उतार-चढ़ाव आता है, तो सोना एक 'हेज' यानी सुरक्षा कवच के रूप में काम करता है। अपने पोर्टफोलियो को स्थिर रखने के लिए इन दोनों एसेट्स के बीच सही तालमेल होना जरूरी है। ज्यादातर एक्सपर्ट्स आपकी रिस्क लेने की क्षमता के आधार पर ही इनके मिक्स की सलाह देते हैं।
Bank FD और SGB: टैक्स बेनिफिट्स का गणित समझें
सुरक्षित निवेश पसंद करने वाले भारतीयों के लिए बैंक FD आज भी भरोसेमंद विकल्प बनी हुई है। इसमें रिटर्न की गारंटी तो मिलती है, लेकिन टैक्स की दरें काफी ज्यादा हो सकती हैं। इसके विपरीत, अगर आप मैच्योरिटी तक SGB होल्ड करते हैं, तो यह पूरी तरह टैक्स-फ्री होता है। यही वजह है कि लंबी अवधि के लिए वेल्थ बनाने वालों को बॉन्ड्स ज्यादा आकर्षित करते हैं। नीचे दी गई टेबल से आप इन पॉपुलर इन्वेस्टमेंट ऑप्शंस के बीच का अंतर समझ सकते हैं।
| एसेट | रिस्क लेवल | लिक्विडिटी | टैक्सेशन |
|---|---|---|---|
| SGB | कम | कम | टैक्स फ्री |
| गोल्ड ETF | मीडियम | ज्यादा | डेट रेट्स |
| इक्विटी SIP | ज्यादा | ज्यादा | कैपिटल गेन्स |
| बैंक FD | कम | मीडियम | स्लैब के अनुसार |
सोने की कीमतों में आई इस तेजी के बीच हर परिवार के लिए अपडेट रहना बेहद जरूरी है। गोल्ड या इक्विटी में पैसा लगाने से पहले यह जरूर देख लें कि आप कितने समय के लिए निवेश करना चाहते हैं। जहां FD आपको मानसिक शांति देती है, वहीं SGB बढ़ती कीमतों का फायदा उठाने का मौका देता है। सही फाइनेंशियल मिक्स ही आपको मार्केट के उतार-चढ़ाव के बीच सही दिशा दिखाएगा। हमेशा वही विकल्प चुनें जो आपके भविष्य के लक्ष्यों के साथ मेल खाता हो।
More Articles
- Independence Day sales: शॉपिंग से पहले जान लें ये 5 सीक्रेट ट्रिक्स, होगी भारी बचत
- पेट्रोल-डीजल के दाम: आज भी राहत या झटका? जानें अपने शहर के रेट और बचत का गणित
- RBI MPC बैठक: रेपो रेट में बदलाव से EMI और FD पर क्या असर होगा? जानें सही रणनीति
- ITR डेडलाइन चूक गए? 31 दिसंबर तक ऐसे भरें बिलेटेड रिटर्न, बचें भारी पेनल्टी से
- म्यूचुअल फंड में निवेश: आज पैसा लगाएं या सोमवार का इंतजार? NAV का गणित समझें
- PPF और SSY में ब्याज का गणित: 5 अगस्त से पहले क्यों जमा करें पैसा? जानें नियम