Gold Silver Price Outlook 2025: बुलियन मार्केट ने मौजूदा साल 2024 में धमाकेदार एक्शन दिखाया. रिटर्न के लिहाज से इसने इक्विटी मार्केट को आउटपरफॉर्म किया है. एक्सपर्ट मान रहे हैं कि सोने और चांदी की कीमतों में आगे भी तेजी जारी रहेगी. घरेलू ब्रोकरेज फर्म मोतीलाल ओसवाल फाइनेंशियल सर्विसेज लिमिटेड ने 2025 में सोने और चांदी के लिए पॉजिटिव ग्रोथ का अनुमान दिया है.
2024 में 30% से ज्यादा चढ़ा सोने का भाव
इस साल यानी 2024 में सोने और चांदी में जोरदार तेजी देखने को मिली. विदेशी बाजार यानी COMEX पर सोने और चांदी की कीमतों में लगभग 30% और 35% की बढ़त दर्ज की गई. यह उछाल सेंट्रल बैंकों की पॉलिसीज, जियो-पॉलिटिकल टेंशन, डिमांड और सप्लाई में असंतुलन और घरेलू बाजार की स्थितियों जैसे फैक्टर्स की वजह रही. इसके अलावा 2024 में ईटीएफ का फ्लो भी बढ़िया रहा, जोकि पिछले साल नहीं कमजोर था.
सेंट्रल बैंकों की पॉलिसीज का असर
MOFSL की ताजा रिपोर्ट के मुताबिक 2024 में सेंट्रल बैंकों की पॉलिसीज खास तौर पर फेडरल रिजर्व की नीतियों का सोने और चांदी की कीमतों को काफी असर पड़ा. महंगाई और लेबर मार्केट की चिंताओं में कमी के बीच इकोनॉमी को बूस्ट करने के लिए ब्याज दरों में 50 बेसिस पॉइंट्स की कटौती समेत अन्य एक्टिविटीज ने अनिश्चितता पैदा कर दी है. इसके अलावा अमेरिका में राष्ट्रपति चुनाव में डोनाल्ड ट्रम्प की जीत और उनकी ओर से संभावित नीतिगत बदलावों ने निवेशकों को भविष्य की मॉनेटरी को लेकर सतर्क रखा है.
जियो-पॉलिटिकल टेंशन
जियो-पॉलिटिकल रिस्क भी सोने और चांदी की डिमांड को शेप देने में अहम भूमिका निभाते हैं. इजरायल और हमास के बीच चल रहे संघर्ष ने सेफ एसेट के रूप में सोने और चांदी की मांग को बढ़ा दिया.
गोल्ड की ग्लोबल डिमांड
इस साल सोने और चांदी की ग्लोबल डिमांड में उछाल आया है, इमर्जिंग मार्केट में सेंट्रल बैंकों ने आर्थिक अनिश्चितताओं के बीच भंडार में विविधता लाने के लिए भारी मात्रा में सोना खरीदा है. इसके तहत उन्होने कुल 500 टन सोना खरीदा. भारत में सोने और चांदी पर इंपोर्ट ड्युटी में कमी ने घरेलू मांग को बढ़ावा दिया है, जिससे कीमतें और बढ़ गई हैं. भारत में इस साल 700 टन सोना और 6000 टन चांदी इंपोर्ट की गई.
सोने और चांदी के लिए आगे का आउटलुक
नरम मॉनेटरी पॉलिसीज और चल रहे जियो-पॉलिटिकल रिस्क की वजह से 2025 तक इन मेटल्स के लिए आउटलुक पॉजिटिव बना हुआ है. चीन की रिकवरी और राहत पैकेज जैसे उपायों से चांदी सहित मेटल्स की कीमतों को भी सपोर्ट मिल सकता है. मोतीलाल ओसवाल फाइनेंशियल सर्विसेज लिमिटेड के रिसर्च एनलिस्ट मानव मोदी ने निवेशकों को गिरावट पर खरीदारी की स्ट्रैटेजी दी है.
कहां तक जाएगा सोना-चांदी?
मानव मोदी ने चांदी पर लॉन्ग टर्म के लिहाज से पॉजिटिव नजरिया दिया. इसके लिए ₹85,000- ₹86,000 के पास सपोर्ट बताया है, जबकि टारगेट के रुप में ₹1,11,111 और ₹1,25,000 का लेवल दिया है. यह लेवल अगले 12 से 15 महीने की अवधि में टच करने की संभावना है.
उन्होंने कहा कि सोने पर बुलिश नजरिया कायम है. हालांकि, टारगेट में बदलाव किया गया है, जिसे बढाकर 81,000 रुपए प्रति 10 ग्राम कर दिया गया है. अगले 2 साल के लिहाज से सोने पर मानव मोदी ने 86,000 रुपए का टारगेट दिया है. मानव मोदी ने कहा कि निवेशक सोने को गिरावट पर खरीदने की स्ट्रैटेजी के साथ चलें.
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