नई दिल्ली, मार्च 24। भविष्य को बेहतर बनाने के लिए आज के समय में हर कोई इनवेस्टमेंट करता है। इनवेस्टमेंट के लिए आज कई ऑप्शंस हैं। सही ऑप्शन के चुनाव से आप इनवेस्टमेंट पर अच्छा रिटर्न कमा सकते हैं। अगर कोई निवेशक सही समय पर सही जगह निवेश करता है तो कम समय में बेहतर रिटर्न पा सकता है। जब भी निवेश की बात होती है तब सबसे जरूरी होता है कि आपके पैसा कितना और आप किस स्तर तक रिस्क उठा सकते हैं। इनवेस्टमेंट से पहले आपको इस्ट्रूमेंट से जुड़े रिस्क, इनवेस्टमेंट का मकसद और इंस्ट्रूमेंट की लिक्विडिटी का ध्यान रखना चाहिए। अगर आप लंबी अवधि के लिए इनवेस्ट करना चाहते हैं तो गोल्ड और रियल एस्टेट अच्छे ऑप्शन हो सकते हैं।
बात करें अगर सोना की तो सोना निवेश के नजरिए से एक अच्छा ऑप्शन है। सोने में निवेश काफी तेजी से बढ़ा है। सोना में निवेश करने पर काफी अच्छा मुनाफा मिलता है। चलिए देखते हैं इनवेस्टमेंट के लिए दोनों में से कौन आपके लिए सही है। सोना कई मामलों में इनवेस्टमेंट के दूसरे ऑप्शंस से अलग है। इंडियन लोगों के लिए सोने का सेंटिमेंट वैल्यू खास मायने रखता है। सोना ऐसा इनवेस्टमेंट है, जो आपको सुरक्षा देता है। शादी में पिता अपनी बेटी को इसे गिफ्ट में देते हैं। फिर, यह एक पीढ़ी से दूसरी पीढ़ी को ट्रांसफर होता रहता है। इसकी दूसरी खासियत यह है कि अपनी जरूरत के हिसाब से इसे खरीदा जा सकता है। आप स्मॉल अमाउंट से लेकर बड़े अमाउंट का इस्तेमाल गोल्ड खरीदने के लिए कर सकते हैं। गोल्ड बहुत लिक्विड है। इसका मतलब यह है कि जरूरत पड़ने पर आप इसे बेचकर पैसा हासिल कर सकते हैं। मुसीबत के वक्त यह बहुत काम आता है। अब तो गोल्ड लोन कंपनियां सोना पर लोन भी दे रही हैं। आप अपने सोने को कंपनी के पास गिरवी रख लोन लीजिए। फिर लोन का पैसा चुकाने के बाद अपना सोना वापस ले लीजिए। लोन की अवधि में आपको इंट्रेस्ट चुकाना होता है।
जबकि रियल एस्टेट भी इनवेस्टमेंट के पुराने माध्यमों में से एक है। अगर आपने सोचसमझ कर प्रॉपर्टी का चुनाव किया है तो यह कुछ सालों में आपको कई गुना रिटर्न दे सकता है। रियल एस्टेट का रिटर्न गोल्ड के मुकाबले ज्यादा रहता है। लेकिन, यह प्रॉपर्टी के लोकेशन पर डिपेंड करता है। इसमें रिस्क कम है। सोने की तरह इसकी कीमतें रोज चढ़ती-उतरती नहीं हैं। रियल एस्टेट एक स्थिर निवेश विकल्प है, जहां पर जोखिम कम होता है। संपत्ति आपके भविष्य को सुरक्षित करने के कारण मानसिक संतुष्टि लाती है।
- आपकी जानकारी के लिए बता दें कि सोने और रियल एस्टेट में एक बड़ा फर्क यह है कि रियल एस्टेट को आप इस्तेमाल भी करते हैं।
- सोना लॉकर में बंद रहता है, जबकि रियल एस्टेट को आप खुद के रहने के लिए या किराया कमाने के लिए इस्तेमाल कर सकते हैं।
- इस दौरान इसकी वैल्यू भी बढ़ती रहती है। यही वजह है कि पिछले कुछ सालों में रियल एस्टेट में इनवेस्टमेंट की चाहत बढ़ी है।
- इसलिए दोनों में से आपके लिए कौन सही है, इसका फैसला आपको खुद करना होगा। हांलाकि एक्सपर्ट्स का कहना है कि अलग-अलग माध्यमों में निवेश पोर्टफोलियो की सिक्योरिटी के लिए अच्छा रहता है। इसलिए अगर आपके पास पैसा है तो आप रियल एस्टेट में इनवेस्ट करने के बारे में सोच सकते हैं। यह ध्यान रखना होगा कि सोने की तरह इसमें आप स्मॉल अमाउंट इनवेस्ट नहीं कर सकते हैं। इसके लिए ज्यादा पैसा चाहिए।
More Articles
- एडलवाइस का नया ETF लॉन्च: लार्ज और मिड-कैप में डिविडेंड का मिलेगा डबल फायदा
- ITR डेडलाइन: रिफंड अटकने से बचाना है तो अभी चेक करें AIS और TIS, वरना होगी परेशानी
- Redington Share Price: शानदार नतीजों के दम पर 10% उछला शेयर, खरीदारी का सही समय?
- अदाणी एंटरप्राइजेज ने एयरलाइन लॉन्च की अटकलों को किया खारिज, कहा- रिपोर्ट्स निराधार
- भारी बारिश का अलर्ट: बाढ़ में डूबी कार को स्टार्ट न करें, क्लेम पाने का सही तरीका जानें
- Manipal Health IPO: ₹9,275 करोड़ का बड़ा दांव, क्या आपको अप्लाई करना चाहिए?