Gold Loan Guidelines: अक्सर लोगों को जब पैसों की जरूरत होती है तो वो लोन की मदद लेते हैं। बच्चों की शादी से लेकर र बनवाने तक, गोल्ड लोन लेने से आप अपने पैसों की जरूरत को पूरा कर सकते हैं। गोल्ड लेने से पहले बस आपको कुछ बातों का ध्यान रखना जरूरी है वरना आपके लिए आने वाले समय में मुसीबत खड़ी हो सकती है और आप खुद को ठगा हुआ महसूस कर सकते हैं। आइए इन सभी इंपोर्टेंट बातों के बारे में आपको बताते हैं।

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कहां से ले रहे हैं गोल्ड लोन? (Gold Loan Process)

आपको गोल्‍ड लोन नॉन-बैंकिंग फाइनेंस कंपनियां और बैंक से आसानी से मिल जाएगा। सोने के बदले कर्ज देना होता है, इसलिए बैंक और NBFC में आपका लोन जल्‍दी अप्रूव होता है और कर्ज की रकम भी ज्यादा मिल सकती है। ज्यादातर मामलों में एक से दो घंटे के भीतर गोल्ड लोन मिल जाता है। इसमें ज्यादा डॉक्यूमेंट्स की जरूरत भी नहीं पड़ती है। गोल्ड लोन लेने से पहले बैंक और NBFC में ब्‍याज दरों का पता कर लें और सभी बातों पर सोच विचार करने के बाद ही ये फैसला करें कि आपको गोल्‍ड लोन कहां से लेना है क्योंकि इस फैसले को अगर आप सही तरह से समझकर कर नहीं करेंगे तो आपको अधिक ब्याज देना पड़ेगा।

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अगर आप तय समय में गोल्‍ड लोन नहीं चुका पाते हैं तो क्या होगा? (Gold Loan Guide)

गोल्‍ड लोन के मामले में एक बात और ध्यान रखें कि अगर आप तय समय में गोल्‍ड लोन नहीं चुका पाते हैं तो कर्ज देने वाली संस्‍था आपके गिरवी रखे सोने को बेचने का अधिकार रखती है। बैंक 3 महीने से 3 साल तक के लिए गोल्ड लोन देते हैं। NBFC में गोल्‍ड लोन का टाइम पीरियड अलग भी होता है। वहीं, ऐसे में आपको आपको लोन लेने से पहले ये तय करना है कि आप कितने समय के लिए लोन लेंगे और कितने समय में आप ये गोल्ड लोन लौटा सकते हैं। वहीं, अगर समय रहते आपने लोन नहीं चुकाया तो आप अपना सोना गंवा सकते हैं।

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इन कामों के लिए ले सकते हैं गोल्ड लोन

अगर परिवार के किसी सदस्‍य को गंभीर बीमारी हो जाए, तो ऐसी स्थिति में आप गोल्ड लोन की मदद ले सकते हैं। शादी के खर्च के लिए भी आप गोल्ड लोन ले सकते हैं क्योंकि इस लोन को पाने का प्रोसेस बहुत आसान होता है। ध्यान रखें कि गोल्‍ड लोन लेने के लिए उम्र 18 साल से 75 साल के बीच होनी चाहिए।

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गोल्ड लोन पर लगने वाली प्रोसेसिंग फीस

गोल्ड लोन में भी दूसरे आम लोन की तरह प्रोसेसिंग फीस लगती है, जो बैंकों और NBFC के हिसाब से अलग-अलग तय होती है। कोलैटरल के तौर पर रखे जाने वाले गोल्ड की शुद्धता 18 कैरेट या इससे ज्‍यादा होनी चाहिए। इसके अलावा अगर सोने का भाव कम होता है तो कर्जदाता आपसे अतिरिक्त सोना गिरवी रखने के लिए भी बोल सकता है, इसलिए आपको सोने का भाव भी पता होना चाहिए।