नौकरीपेशा लोगों के लिए 15 जून की डेडलाइन बेहद करीब है। इसी तारीख तक कंपनियों को अपने कर्मचारियों को फॉर्म 16 (Form 16) जारी करना होता है। इस डॉक्यूमेंट में आपके साल भर के टैक्स डिडक्शन (TDS) का पूरा ब्योरा होता है। इनकम टैक्स रिटर्न (ITR) फाइल करने के लिए यह सबसे जरूरी दस्तावेज है। जुलाई में रिटर्न भरने की भागदौड़ शुरू होने से पहले, अभी से अपनी टैक्स डिटेल्स वेरिफाई कर लें।

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नियम के मुताबिक, हर वित्त वर्ष में कंपनियों को 15 जून तक यह सर्टिफिकेट जारी करना अनिवार्य है। अगर कोई कंपनी इस डेडलाइन को मिस करती है, तो उसे पेनल्टी भरनी होगी। देरी होने पर कंपनी को हर दिन के हिसाब से 100 रुपये का जुर्माना देना पड़ता है। यह नियम इसलिए बनाया गया है ताकि टैक्सपेयर्स के पास अपना रिटर्न सही तरीके से तैयार करने के लिए पर्याप्त समय रहे।

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Form 16 के Part A और Part B को ऐसे करें वेरिफाई

आप अपनी कंपनी के पोर्टल या TRACES की वेबसाइट से फॉर्म 16 के पार्ट-ए और पार्ट-बी डाउनलोड कर सकते हैं। पार्ट-ए (Part A) में आपके टैक्स डिडक्शन (TDS) और पेमेंट स्टेटस की जानकारी होती है। वहीं, पार्ट-बी (Part B) में आपकी सैलरी का ब्रेकअप, टैक्स छूट और निवेश के डिक्लेरेशन की डिटेल्स रहती हैं। इन दोनों को अपनी मंथली सैलरी स्लिप और बैंक स्टेटमेंट से जरूर मैच कर लें ताकि कोई गलती न रहे।

ITR फाइल करने से पहले AIS और Form 26AS से मिलान जरूरी

अपने फॉर्म 16 का मिलान एनुअल इंफॉर्मेशन स्टेटमेंट (AIS) और फॉर्म 26AS से जरूर करें। अगर इन डॉक्यूमेंट्स में दी गई जानकारी अलग-अलग हुई, तो आपको इनकम टैक्स का नोटिस मिल सकता है या आपका रिफंड अटक सकता है। अगर टैक्स की रकम में कोई गलती दिखे, तो तुरंत अपने HR विभाग से संपर्क करें। समय रहते इन गलतियों को सुधारने से आपका ITR बिना किसी रुकावट के फाइल हो जाएगा।

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टैक्स असेसमेंट स्टेपजरूरी डेडलाइन
कंपनी द्वारा फॉर्म 16 जारी करने की आखिरी तारीख15 जून, 2024
ITR फाइल करने की आखिरी तारीख31 जुलाई, 2024

अगर आपने साल के बीच में नौकरी बदली है, तो अपनी पुरानी सभी कंपनियों से फॉर्म 16 जरूर लें। अपनी कुल टैक्सेबल इनकम का सही हिसाब लगाने के लिए इन सभी सर्टिफिकेट्स की डिटेल्स को जोड़ना जरूरी है। एक से ज्यादा फॉर्म होने पर डिडक्शन (छूट) का दोहरा लाभ लेने से बचें, वरना बाद में टैक्स लायबिलिटी बन सकती है और आपको बकाया टैक्स भरना पड़ सकता है।

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जॉब बदलने वाले रखें खास ध्यान, ऐसे दूर करें मिसमैच

15 जून की डेडलाइन बीतने के बाद आने वाले हफ्तों का इस्तेमाल अपना फाइनेंशियल डेटा जुटाने में करें। अगर आप पहले ही वेरिफिकेशन कर लेते हैं, तो 31 जुलाई की आखिरी समय वाली भीड़ और हड़बड़ी से बच जाएंगे। इसके साथ ही अपने टैक्स इंफॉर्मेशन समरी (TIS) को भी चेक करें ताकि बैंक ब्याज जैसी अन्य कमाई की जानकारी भी मिल सके। अभी से एक्टिव रहने पर आप आखिरी तारीख के तनाव से बच सकेंगे।