GST on Health Insurance: हेल्थ इंश्योरेंस और लाइफ इंश्योरेंस हर किसी की जरुरत बन गया है, लेकिन अभी भी कई सारे लोगों के पास इंश्योरेंस नहीं है। सरकार ने साल 2047 तक हर किसी लिए बीमा या इंश्योरेंस फॉर ऑल की योजना बनाई है। हाल ही में केंद्रीय मंत्री ने भी बीमा पर से GST को मांग उठाई थी जिसकी चर्चा अब संसद में भी हो रही है। लाइफ और हेल्थ इंश्योरेंस के प्रीमियम पर 18% जीएसटी का मुद्दा जीएसटी काउंसिल की बैठक में आने वाला है।

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18% GST से कम होने की संभावना

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वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण 7 अगस्त को संसद में वित्त विधेयक-2024 में किए गए संशोधनों पर अपना उत्तर दिया है। इसी दौरान उन्होंने जानकारी दी कि लाइफ और हेल्थ इंश्योरेंस के प्रीमियम पर 18% जीएसटी का मुद्दा जीएसटी काउंसिल की बैठक में लाया जाएगा और फिर इस विषय पर फैसला लिया जाएगा। अगर इंश्योरेंस से टैक्स हट जाता है तो आम आदमी के लिए फायदेमंद होगा।

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पॉलिसीधारकों के अनुसार, इश्योरेंस एक ऐसा प्रोडक्ट है जिसमें ज्यादातर लाभार्थियों को तभी फायदा मिलता है जब उन्हें मृत्यु या अस्पताल में भर्ती होने जैसी स्थिति का सामना करना पड़ता है तो इसका मतलब यह है कि कुछ मामलों में, वे प्रीमियम और हाई टैक्स का भुगतान करेंगे लेकिन फायदा नहीं उठा पाएंगे। ऐसे में प्रीमियम पर जीएसटी की उच्च दर आम लोगों को निराश करती है।

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नेताओं ने केंद्र सरकार जीएसटी को वापस लेने की मांग की थी और वहीं, केंद्र सरकार में परिवहन मंत्री नितिन गड़करी ने भी वित्त मंत्री को एक पत्र लिख टैक्स को हटाने की सिफारिश की है।

भारतीय जनता पार्टी के आईटी हेड ने कही ये बात

भारतीय जनता पार्टी के आईटी हेड अमित मालवीय ने कहा कि सरकार ने 24,500 करोड़ रुपये हेथ इंश्योरेंस पर जीएसटी कलेक्शन किया है और हेल्थ इंश्योरेंस पर GST का कलेक्शन Rs 24,529 रहा, इसका आधा 12,264 करोड़ राज्य से SGST में जाता है। भारत सरकार अकेले हेल्थ इंश्योरेंस पर 18 % जीएसटी दरों में कटौती नहीं कर सकती है।

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आपको बता दें कि हेल्थ इंश्योरेंस और लाइफ इंश्योरेंस पर से जीएसटी हटाने को लेकर वित्त मंत्री को कई सुझाव दिए जा रहे हैं और इस पर फैसला जीएसटी काउंसिल में होगा। अन्य चीजों पर जीएसटी की बात करें तो फूड, कपड़ा और मेडिसीन पर 5 से 12 प्रतिशत का टैक्स लगता है। सीएनबीसी-आवाज़ के अनुसार, प्रस्ताव में स्वास्थ्य और जीवन बीमा प्रीमियम पर 5 प्रतिशत जीएसटी की बात कही गई है, जो मौजूदा 18 प्रतिशत के स्लैब से काफी कम है। GST Rate Rationalisation Committee के सदस्यों की बैठक 22 अगस्त को होने वाली है।

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