Gold ATM: जरूरत के समय में अक्सर लोग घर में रखे सोने या ज्वैलरी को बेचते हैं। हालांकि, कई बार सही समय में लोगों को अपने पुराने सोने के बदले पैसा नहीं मिल पाता है। अक्सर पुराना सोना बेचने के लिए लोगों को ज्वेलर्स के पास घंटों इंतजार करना पड़ता है, जहां सोने की शुद्धता की जांच और मोलभाव में काफी समय लगता है। हालांकि, अब लोगों को घंटों ज्वैलर्स के पास इंतजार नहीं करना पड़ेगा।

Advertisement

दरअसल, देश में पहली बार गोल्ड एटीएम लगाया गया है। यानी चंद मिनटों में आपको आपके सोने के बदले पैसे मिल जाएंगे। फिनटेक कंपनी गोल्डसिक्का (Goldsikka) ने हैदराबाद में देश का पहला AI-पावर्ड गोल्ड ATM लॉन्च किया है। इस एटीएम के ज़रिए ग्राहक अब अपना पुराना सोना मिनटों में बेच सकते हैं, और राशि सीधे उनके बैंक अकाउंट में जमा हो जाएगी।

Advertisement

कैसे काम करता है Gold ATM?

यह एआई-इनेबल्ड सिस्टम सोने की बिक्री को पूरी तरह स्वचालित बनाता है। ग्राहक द्वारा मशीन में सोना रखते ही, यह तत्काल उसे पिघलाने का काम शुरू कर देती है। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) तकनीक की मदद से मशीन सोने की शुद्धता और उसके वजन का सटीक पता आसानी से लगा लेती है, जिससे मानवीय त्रुटि की गुंजाइश नहीं रहती।

Advertisement

शुद्धता और वजन निर्धारित होने के बाद, सिस्टम लाइव मार्केट रेट के आधार पर सोने की कीमत की तुरंत गणना करता है। तय हुई अंतिम राशि तत्काल ग्राहक के बैंक अकाउंट में क्रेडिट कर दी जाती है। इस पूरी प्रक्रिया में किसी कागजी लेनदेन या मानवीय मदद की आवश्यकता नहीं पड़ती, जिससे यह तेज और सुविधाजनक है।

गोल्ड एटीएम में क्या-क्या फीचर्स हैं?

गोल्ड ATM में कई अन्य उपयोगी फीचर्स भी हैं। इसमें आर्टिफिशियल रियलिटी (AR) टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल हुआ है, जिससे ग्राहक वर्चुअल ज्वेलरी ट्राई कर सकते हैं। वे देख सकते हैं कि कौन सी ज्वेलरी उन पर कैसी लगेगी। साथ ही, यह मशीन 0.5 ग्राम से 100 ग्राम तक के सोने के सिक्के चौबीसों घंटे सीधे खरीदने की सुविधा भी देती है, जो बेहद सुविधाजनक है।

Advertisement

मशीन में सुरक्षा के कड़े इंतजाम भी किए गए हैं ताकि इसका दुरुपयोग न हो सके। कस्टमर्स को किसी भी ट्रांजैक्शन से पहले KYC वेरिफिकेशन पूरा करना अनिवार्य है। इसके अलावा, सिस्टम आपराधिक रिकॉर्ड भी जांचता है, और यदि कोई संदिग्ध गतिविधि पाई जाती है, तो लेनदेन को तुरंत ब्लॉक कर दिया जाता है, जिससे धोखाधड़ी की संभावना काफी कम होती है।