Farmer Welfare Schemes: भारत एक कृषि प्रधान देश है और कृषि ही इसकी अर्थव्यवस्था का आधार भी है। ऐसा इसलिए है क्योंकि ज्यादातर आबादी अपनी आजीविका चलाने के लिए और पेट भरने के लिए खेती-किसानी, बागवानी और दूसरे एग्रीकल्चर से जुड़ी गतिविधियों पर निर्भर करते हैं। देश के विकास में किसान के योगदान को बिल्कुल भी नकारा नहीं जा सकता है।

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यही कारण है कि सरकार हमेशा से ही किसानों के लिए नई नई योजनाएं लाती रही हैं और उनके लिए नए-नए प्लान बनाती रही हैं। ताकि किसानों की भलाई हो सके उनकी आजीविका बेहतर हो सके और उन्हें ज्यादा फायदा मिल सके।

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इसके पहले भी सरकारों के द्वारा हरित क्रांति और श्वेत क्रांति लाई गई थी जिससे किसानों की स्थिति को बेहतर किया जा सके। इसी तरह से मौजूदा सरकार ने भी किसानों की स्थिति को बेहतर बनाने के लिए मिशन शुरू किया है। इसके तहत किसानों को आर्थिक रूप से सशक्त बनने पर भी ध्यान दिया गया।

किसानों के उत्थान के लिए भारत सरकार ने एक बेहतरीन योजना डिजाइन की है जिसमें कई स्कीम और इनिशिएटिव की एक सीरीज है। इनके माध्यम से किसने की समस्याओं का समाधान किया जा सकता है और उन्हें आर्थिक और सामाजिक रूप से सशक्त बनाया जा सकता है।

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सरकार की इन स्कीम में किसानों कोवित्तीय सहायता तो मिलती ही है, इसके अलावा अनाज का बीमा भी होता है साथ ही सॉइल हेल्थ मैनेजमेंट और मार्केटिंग सुधार भी इसमें शामिल हैं। आज हम आपको ऐसे ही कुछ योजनाओं के बारे में बता रहे हैं।

प्रधानमंत्री किसान मानधन योजना

इस योजना को साल साल 2019 में शुरू किया गया था। इसके माध्यम से सरकार गरीब किसानों को आर्थिक सुरक्षा प्रदान करती है।

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यह योजना 18 से 40 वर्ष की आयु के छोटे और सीमांत किसानोंके लिए है।

इसके तहत हर महीने 55 से लेकर 200 रुपए तक 60 साल के लिए जमा करने पड़ते हैं।

इसमें किस को 60 साल के बाद 3000 रुपए महीना की पेंशन मिलती है।

इसे एलआईसी के द्वारा मैनेज किया जाता है।

इस योजना से अब तक 23 लाख से ज्यादा किस जुड़ चुके हैं।

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प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना

यह योजना 2019 में उन किसानों को सहायता प्रदान करने के लिए शुरू की गई थी जिनके पास अपनी खुद की जमीन है।

इसके तहत किसानों को हर साल 6000 रुपए मिलते हैं। इस योजना के तहत हर 4 महीने में एक बार किसानों के खाते में 2000 रुपए डाले जाते हैं।

भारत सरकार की इस योजना से अब तक 11 करोड़ किस जुड़ चुके हैं। इसके तहत सीधे किसानों के खातों में पैसे ट्रांसफर किए जाते हैं।

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प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना

फसल बीमा योजना के तहत प्राकृतिक आपदाओं से अगर फसल खराब होती है तो, किसानों को भत्ता मिलता है। यह योजना 2016 में शुरू की गई थी।

इसमें फसल की बुवाई से पहले और काटने के बद तक का रिस्क कवर होता है।

इस योजना के तहत लाखों किसानों को इंश्योर किया जा चुका है।

एक आंकड़े के मुताबिक प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत अब तक किसानों को 150589 करोड़ रुपए से ज्यादा का इंश्योरेंस क्लेम दिया जा चुका है।

एग्रीकल्चर इंफ्रास्ट्रक्चर फंड

इतना के तहत किसानों को फसल की कटाई से लेकर उसके मैनेजमेंट तक और दूसरे कामों के लिए लंबे समय तक का लोन मिल सकता है।

अब तक इस योजना के तहत 1 लाख करोड़ रुपए का फंड डिस्बर्स किया गया है। फाइनेंशियल ईयर 2020-21 से लेकर फाइनेंशियल ईयर 2025-26 तक के लिए है।

बैंक और वित्तीय संस्थान 3 प्रतिशत ब्याज छूट के साथ 1 लाख करोड़ रुपये का ऋण प्रदान करते हैं।

प्रत्येक इकाई विभिन्न एलजीडी कोड में 25 परियोजनाओं तक के लिए पात्र है।

राष्ट्रीय कृषि विकास योजना

सरकार द्वारा किसानों के लिए चलाई जा रही योजना का मुख्य उद्देश्य फसल बोने से पहले और उसकी कटाई के बाद के इंफ्रास्ट्रक्चर को बेहतर बनाना है।

यह एग्रीकल्चर और उससे जुड़े सेक्टर एस के इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करने पर ध्यान केंद्रित करता है ताकि किसानों के लिए सप्लाई करना आसान हो जाए और उनका क्वालिटी प्रोडक्ट मार्केट में आसानी से बिके।

बताते चलें कि 2019-20 से, आरकेवीवाई एग्री-स्टार्टअप कार्यक्रम ने 1,524 स्टार्टअप का चयन किया है। वही इन स्टार्टअप्स को आगे बढ़ाने के लिए सरकार के द्वारा 106.25 करोड़ रुपए तक दिए गए हैं।

इसके अलावा सरकार कई और तरीके से किसानों को डायरेक्ट और इनडायरेक्ट फायदे दे रही है। सरकार के द्वारा शहद का प्रोडक्शन बढ़ाने के लिए भी किसने की मदद की जा रही है।

इसके अलावा कई खास तरह की फसल की बुवाई करने वाले किसानों को भी सरकार के द्वारा पूरी सुविधा हो या करवाई जा रही है।