नई दिल्ली: ईपीएफओ की तरफ से लाखों पेंशनभोगी लोगों को तोहफा दिया गया है। इसके तहत यदि आप कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (ईपीएफओ) के पेंशनभोगी हैं तो आपके लिए एक नई सुविधा शुरू की गई है। इस सुविधा के तहत अब आप घर बैठे ही लाइफ सर्टिफिकेट सब्मिट करवा सकेंगे। आप इस बात से बखूबी अवगत होंगे कि पेंशनभोगी को हर साल लाइफ सर्टिफिकेट देना होता है। इसकी मुख्य वजह उनके जीवन का प्रमाण है। या यूं कहें कि जिंदा होने का सबूत देना पड़ता है। यही वजह है कि पेंशनभोगी ईपीएफओ में लाइफ सर्टिफिकेट सब्मिट करते हैं। EPFO की नई सर्विस इन अब कर्मचारियों को मिलेगी ये खास सुविधा ये भी पढ़ें
कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (ईपीएफओ) के तहत पेंशन प्राप्त करने वाले लोग अब साल में किसी भी समय ऑनलाइन माध्यम से लाइफ सर्टिफिकेट सबमिट कर सकते हैं। ईपीएफओ ने इस बारे में जानकारी दी है। देशभर में करीब 64 लाख लोगों को हर साल जीवन प्रमाण पत्र भरना पड़ता है। ईपीएफओ ने ट्वीट में लिखा है, 'पेंशनभोगी अब अपनी सुविधा के हिसाब से साल के किसी भी समय ऑनलाइन माध्यम से जीवन प्रमाण पत्र जमा कर सकते हैं। सबमिशन की तारीख से एक साल तक के लिए यह लाइफ सर्टिफिकेट वैलिड रहेगा।
बता दें कि इसके पहले हर साल जीवन प्रमाण पत्र जमा करने की प्रक्रिया 1 नवंबर को शुरू होती है। पेंशनभोगियों के पास लाइफ सर्टिफिकेट जमा करने के लिए 30 दिन का मौका होता था। अगर कोई नवंबर महीने में लाइफ सर्टिफिकेट नहीं जमा कर पाता था तो जनवरी महीने से उनका पेंशन रोक दिया जाता था। लेकिन अब ईपीएफओ की इस नई सुविधा के बाद साल के किसी भी समय में लाइफ सर्टिफिकेट जमा किया जा सकता है। एक बार सबमिट करने के बाद यह अगले 12 महीनों के वैलिड होगा। डिजिटल लाइफ सर्टिफिकेट को पहली बार वित्त वर्ष 2015-16 में लाया गया था, जिसकी मदद से पेंशनर्स को उनके आधार कार्ड नंबर की मदद से बायोमेट्रिक वेरिफिकेशन किया जाता था।
जानकारी दें कि अब बैंक मैनेजर्स या किसी गैजेटेड अधिकारी की मदद से लाइफ सर्टिफिकेट नहीं बनवाना पड़ेगा। अब ईपीएफओ ऑफिस जाकर भी डिजिटल लाइफ सर्टिफिकेट सबमिट किया जा सकता है। इसे पेंशन डिस्बर्सिंग बैंक, उमंग ऐप या कॉमन सर्विस सेंटर के जरिए भी लाइफ सर्टिफिकेट सबमिट किया जा सकता है। डिजिटल लाइफ सर्टिफिकेट बनवाने के लिए बायोमेट्रिक वेरिफिकेशन कराना अनिवार्य है। इसके लिए आपको आधार कार्ड नंबर, पेंशन पेमेंट ऑर्डर, बैंक अकाउंट डिटेल्स और रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर होना जरूरी है।
मालूम हो कि साल 2014 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जीवन प्रमाण (लाइफ सर्टिफिकेट) के पहले वर्ज़न को लॉन्च किया था। इसमें पेंशन पाने वाले व्यक्ति को बैंक की जगह आधार केंद्र से जोड़ा गया था। आधार केंद्र जाकर प्रमाण पत्र देने की वजह से पेंशन पाने वाले लोगों की समस्या ठीक नहीं हुआ। अब नए तरीके में उन्हें कहीं जाने की औपचारिकता की जरूरत नहीं रह गयी है। इस प्रक्रिया में पेंशन पाने वाले व्यक्ति के आधार नंबर को ईमेल से जोड़ा जाता है। इससे उन्हें आधार केंद्र भी नहीं जाना पड़ता। उन्हें बस ईमेल पर ऑथेंटिफिकेशन स्टेटमेंट भेजना पड़ता है।
पेंशनर जब भी अपना जीवन प्रमाण पत्र जमा कराना चाहें तो उनको कुछ दस्तावेज साथ लेकर जाना चाहिए। ओरिजिनल पीपीओ, आधार कार्ड, बैंक पासबुक को ओरीजनल साथ ले जाना जरूरी होता है। इसके अलावा इनकी फोटोकॉपी भी साथ लेकर जाएं।
जीवन प्रमाण-पत्र के लिए सीएससी, बैंकों और सरकारी कार्यालयों की तरफ से चलाए जा रहे जीवन प्रमाण सेंटर के जरिए रजिस्ट्रेशन हो सकता है। इसके अलावा कंप्यूटर, मोबाइल या टैबलेट से भी इसे डाउनलोड कर रजिस्ट्रेशन कराया जा सकता है।
ये है ऐप का यूआरएल https://jeevanpramaan.gov.in/#certificate https://jeevanpramaan.gov.in/app/faq https://jeevanpramaan.gov.in/newassets/docs/Procedures_for_DLC_Ver1_0.pdf
More Articles
- अदाणी एंटरप्राइजेज ने एयरलाइन लॉन्च की अटकलों को किया खारिज, कहा- रिपोर्ट्स निराधार
- भारी बारिश का अलर्ट: बाढ़ में डूबी कार को स्टार्ट न करें, क्लेम पाने का सही तरीका जानें
- Manipal Health IPO: ₹9,275 करोड़ का बड़ा दांव, क्या आपको अप्लाई करना चाहिए?
- ITR फाइल करने का आज आखिरी मौका: क्या आज के बाद लगेगा जुर्माना? जानें बचने का तरीका
- US Fed का फैसला आज रात: क्या भारतीय बाजार में आएगी बड़ी हलचल? जानें ट्रेडर्स के लिए खास रणनीति
- GST QRMP स्कीम: PMT-06 पेमेंट में 35% चालान चुनें या सेल्फ-असेसमेंट? ब्याज से बचने का पूरा गणित