EPFO; Provident Fund Benefits: अक्सर लोग कर्मचारी भविष्य निधि (PF) को केवल रिटायरमेंट फंड मानते हैं, जबकि यह नौकरीपेशा लोगों के लिए काम के दौरान भी एक सशक्त वित्तीय सुरक्षा कवच है. इसके कई अनजाने फायदे हैं, जैसे टैक्स बचत, इमरजेंसी सहायता, बीमा कवर और पेंशन सुविधा। इन लाभों की जानकारी अक्सर कर्मचारियों को कम होती है।

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कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) इस महत्वपूर्ण योजना का संचालन करता है। इसमें, कर्मचारी और नियोक्ता दोनों ही कर्मचारी के मूल वेतन और महंगाई भत्ते (DA) का 12-12 प्रतिशत हिस्सा हर महीने जमा करते हैं। इस जमा राशि पर सरकार सालाना ब्याज दर तय करती है. वित्त वर्ष 2024-25 के लिए पीएफ पर 8.25 प्रतिशत ब्याज दर उपलब्ध है, जो कई अन्य बचत विकल्पों से बेहतर है।

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रिटायरमेंट फंड के अलावा भी PF के मिलते हैं कई फायदे

ईपीएफओ (EPFO) केवल एक रिटायरमेंट सेविंग स्कीम नहीं है, बल्कि यह कर्मचारी को कई अन्य महत्वपूर्ण सुरक्षा और लाभ प्रदान करता है:

₹7 लाख का फ्री इंश्योरेंस (EDLI Scheme): प्रत्येक PF खाताधारक 'कर्मचारी जमा लिंक बीमा योजना' (EDLI) के तहत कवर होता है। यदि नौकरी के दौरान कर्मचारी की मृत्यु हो जाती है, तो उसके नॉमिनी को ₹7 लाख तक की बीमा राशि मिलती है। इसके लिए कर्मचारी को कोई प्रीमियम नहीं देना पड़ता।

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टैक्स में छूट (Section 80C):

  • योगदान पर: आयकर अधिनियम की धारा 80C के तहत पीएफ में वार्षिक ₹1.5 लाख तक के निवेश पर टैक्स कटौती का लाभ मिलता है।
  • ब्याज और निकासी पर: पीएफ पर मिलने वाला ब्याज (सालाना ₹2.5 लाख तक के योगदान पर) टैक्स-फ्री होता है। साथ ही, 5 साल की निरंतर सेवा के बाद निकाली गई राशि भी पूरी तरह से टैक्स-मुक्त होती है।

पेंशन का लाभ (EPS 95): नियोक्ता द्वारा किए गए 12% योगदान में से 8.33% हिस्सा 'कर्मचारी पेंशन योजना' (EPS) में जाता है। 10 साल की सेवा पूरी करने पर कर्मचारी 58 वर्ष की आयु के बाद आजीवन मासिक पेंशन पाने का हकदार होता है।

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आपातकालीन निकासी (Partial Withdrawal): घर खरीदने, बच्चों की शादी, उच्च शिक्षा या गंभीर बीमारी जैसे आपातकालीन खर्चों के लिए रिटायरमेंट से पहले भी पीएफ फंड से पैसा निकाला जा सकता है।

लगातार ब्याज: यदि आपका पीएफ खाता 3 साल तक निष्क्रिय (Inoperative) रहता है, तब भी उस पर ब्याज मिलता रहता है।