EPFO 3.0: एम्प्लॉइज प्रोविडेंट फंड ऑर्गनाइजेशन (EPFO) EPFO ​​3.0 लॉन्च करने की तैयारी कर रहा है। यह एक बड़ा डिजिटल अपग्रेड है, जिससे PF सेविंग्स तक पहुंचना तेज और आसान हो जाएगा। UPI-बेस्ड निकासी से लेकर ATM जैसी सुविधा और तेजी से क्लेम सेटलमेंट तक, इस नए सिस्टम का मकसद करोड़ों सब्सक्राइबर्स के अनुभव को आसान बनाना है।

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ईपीएफओ 3.0 में क्या-क्या बदलाव होगा?

  • इस नए प्लेटफॉर्म से सदस्य डिजिटल तरीके से अपने एलिजिबल PF बैलेंस को देख सकेंगे और सीधे अपने लिंक्ड बैंक अकाउंट में पैसे ट्रांसफर कर सकेंगे, जिससे कागजी काम और देरी कम होगी।
  • सब्सक्राइबर अपना एलिजिबल बैलेंस चेक कर सकेंगे, निकाली जाने वाली रकम चुन सकेंगे, अपने UPI PIN से ट्रांजैक्शन को ऑथेंटिकेट कर सकेंगे और पैसे सीधे अपने बैंक अकाउंट में पा सकेंगे।
  • प्रपोजल के अनुसार, सब्सक्राइबर अपनी एलिजिबिलिटी और लागू नियमों के आधार पर अपने PF कॉर्पस का 50% से 75% तक हिस्सा निकाल सकेंगे।
  • EPFO प्रोविडेंट फंड बैलेंस का कम से कम 25% हिस्सा खाते में बनाए रखने की योजना बना रहा है, जिसका मतलब है कि सदस्य अपने खाते को पूरी तरह से खाली नहीं कर पाएंगे।
  • ATM और UPI से पैसे निकालने की सुविधा सिर्फ़ EPF वाले हिस्से के लिए होगी। एम्प्लॉईज पेंशन स्कीम (EPS) का फंड अलग ही रहेगा।
  • इस अपग्रेड में UMANG ऐप के जरिए फेस ऑथेंटिकेशन, आसानी से UAN एक्टिवेशन, पर्सनल जानकारी में ऑनलाइन सुधार, डिजिटल क्लेम सबमिशन और पासबुक तक तेजी से पहुंच जैसी सुविधाएं भी शामिल होने की उम्मीद है।
  • EPFO ने ऑटो-सेटलमेंट की लिमिट 1 लाख रुपये से बढ़ाकर 5 लाख रुपये कर दी है। मेडिकल इलाज, पढ़ाई, शादी और घर से जुड़े योग्य क्लेम अब बहुत तेजी से प्रोसेस किए जा रहे हैं, अक्सर तीन दिनों के अंदर।

हालांकि EPFO ​​ने टेस्टिंग पूरी कर ली है और श्रम मंत्री मनसुख मंडाविया ने कहा है कि इसे जल्द ही शुरू किए जाने की उम्मीद है, लेकिन अभी तक इसकी आधिकारिक लॉन्च की तारीख का ऐलान नहीं किया गया है।