Money Double Investment Option : अगर कोई अपने निवेश किए हुए पैसे को डबल करना चाहता है तो इसमें कितना समय लगेगा? ये एक सवाल है जिसका जवाब हर निवेशक जानना चाहेगा। ऐसे कई ऑप्शन हैं जिनमें निवेश से पैसा दोगुना हो सकता है। लेकिन आपको अवधि के लिहाज से किसी जादू की उम्मीद नहीं करनी चाहिए। बल्कि लंबी अवधि के लिए इंतजार करना चाहिए। हम यहां आपको ऐसे बेस्ट 5 ऑप्शनों की जानकारी देंगे, जिनमें निवेश करके आप कुछ सालों में पैसा दोगुना कर सकते हैं।
म्यूचुअल फंड (एमएफ)
ईएलएसएस (इक्विटी लिंक्ड सेविंग्स स्कीम), डेब्ट ओरिएंटेड, इक्विटी ओरिएंटेड, बैलेंस्ड या हाइब्रिड म्यूचुअल फंड जैसे कई म्यूचुअल फंड हैं। हालांकि म्यूचुअल फंड में बाजार जोखिम होता है, लेकिन ये उपलब्ध अन्य निवेश ऑप्शनों की तुलना में अधिक रिटर्न दे सकता है। म्यूचुअल फंड के लिए रिटर्न रेट निवेशक द्वारा चुने गए फंड की अवधि पर निर्भर करती है। लॉन्ग टर्म म्यूचुअल फंड सालाना 12% से 15% रिटर्न रेट दे सकते हैं। इस तरह म्यूचुअल फंड के जरिए पैसा दोगुना होने में करीब 5 से 6 साल लगेंगे।
शेयर बाजार
शेयर बाजार में किए गए निवेश से हमेशा हाई रेट का रिटर्न मिलता है। पिछले दशक में देखें तो शेयर बाजार से रिटर्न की वार्षिक दर 15% रही है। ब्लू चिप कंपनियों में निवेश करने से 3 से 5 साल की अवधि में पैसा दोगुना हो सकता है। हालांकि, जोखिम को कम करने के लिए शेयर बाजार की जानकारी होना आवश्यक है।
गोल्ड ईटीएफ
भारत में सोना एक खास वस्तु है। सोना निवेश का एक अच्छा ऑप्शन होता है। मगर सोने में कई तरीकों से निवेश हो सकता है। इन्हीं में से एक है गोल्ड एक्सचेंज ट्रेडेड फंड (ईटीएफ), जो 2002 में भारत में लॉन्च किया गया था। यह सोने में निवेश करने के सबसे आसान तरीकों में से एक है, जो सालाना 22% रिटर्न की पेशकश कर सकता है। शेयर बाजार के अस्थिर होने के कारण गोल्ड ईटीएफ 5 साल के कार्यकाल के दौरान 22% सीएजीआर के हिसाब रिटर्न दे सकता है, जिसका मतलब है कि निवेश किया गया पैसा 3 से 4 वर्षों में दोगुना हो जाएगा।
बैंक एफडी
एफडी बैंकों की तरफ से पेश किया जाने वाला एक आसान निवेश ऑप्शन है। भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने हाल ही में ब्याज दरों को अपरिवर्तित रखा। एफडी पर बीते सालों में ब्याज दर कम हुई है। इसलिए किसी भी बैंक के फिक्स्ड डिपॉजिट में पैसा दोगुना करने में निवेश करने में लगभग 8 से 9 साल लग सकते हैं।
कॉर्पोरेट डिपॉजिट/अपरिवर्तनीय डिबेंचर (एनसीडी)
ऐसे कई निवेश के रास्ते हैं जो आपके पैसे को दोगुना कर सकते हैं। कॉर्पोरेट डिपॉजिट उनमें से एक है। नॉन-बैंकिंग फाइनेंस कंपनियां (एनबीएफसी) और कॉर्पोरेट बैंकों की एफडी की तुलना में गैर-परिवर्तनीय डिबेंचर और कॉर्पोरेट जमा में आपको उच्च ब्याज दर मिल सकती है। आईसीआरए रेटिंग और जमा की अवधि के आधार पर इन डिपॉजिट में रिटर्न की दर लगभग 9 से 10% हो सकती है। ऐसी योजनाओं में निवेश किए गए पैसे को दोगुना होने में करीब 8 साल लगेंगे। कॉरपोरेट जमा कंपनियों द्वारा पेश किए जाते हैं जबकि दूसरी ओर एनसीडी कंपनियों द्वारा जारी किए जाते हैं जिनमें एनबीएफसी भी शामिल हैं।
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