नई दिल्ली। देश के बैंकों में ब्याज दरें लगातार कम हो रही हैं। इसके चलते आमलोगों सहित वरिष्ठ नागरिकों को काफी वित्तीय नुकसान उठाना पड़ रहा है। ऐसे में लोग अगर थोड़ा समझदारी दिखाएं तो बैंक एफडी से ज्यादा रिटर्न पाया जा सकता है, और वह भी पूरी सुरक्षा के साथ। यह काम गोल्ड आसानी से कर सकता है। वैसे भी गोल्ड ने हरदम ही सबसे अच्छा रिटर्न दिया है। इसके अलावा पूरे देश का आज भी बैंक एफडी से ज्यादा भरोसा गोल्ड पर है। यही कारण है कि देश में गोल्ड की खरीदारी सबसे ज्यादा होती है। अगर आपको लगता है कि एफडी की जगह गोल्ड में पैसा लगाकर ज्यादा फायदा उठाया जा सकता है, तो यह जानकारी आपके काम की हो सकती है। यहां पर आपको कैसे गोल्ड में एफडी की जगह निवेश करें यह जानकारी दी जाएगी। इसके अलावा यह भी बताया जाएगा कि गोल्ड ने पिछले 20 साल में एफडी के मुकाबले कितना ज्यादा कमाई कराई है।

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जानिए क्या गोल्ड और एफडी को लेकर क्या है सोच

देश में आमतौर पर एफडी को बचत के रूप में जमा किया जाता है, और गोल्ड लेना निवेश माना जाता है। यही कारण है कि जब एफडी पूरी होने वाली होती है या बीच में एफडी तोड़ना पड़ती है, तो दिक्कत महसूस नहीं होती है। वहीं अगर जरूरत पर गोल्ड बेचना पड़े तो माना जाता है कि घर की अर्थव्यवस्था चौपट हो गई है। यही कारण है कि लोग गोल्ड का सही तरह से फायदा नहीं उठा पाते हैं।

अब जानिए क्या करना चाहिए

अगर आप की भी यही सोच रही है तो थोड़ा अलग करके सोचें। आप बचत के लिए एफडी करते हैं या हर माह का निवेश यानी आरडी करते हैं। और जरूरत पर इस पैसे को निकाल कर अपना काम चला लेते हैं। अब अगर आप ऐसा ही गोल्ड के साथ करें तो यह काम भी आराम से हो सकता है। एक तो अब गोल्ड ऑनलाइन लेना और एफडी लेना, लगभग एक सा ही काम हो गया है। दोनों तो लेना तरीका जहां आसान है, वहीं एफडी से पैसा जितना जल्द पैसा मिल जाता है, उतना ही आराम से और जल्द ही पैसा गोल्ड को बेच कर लिया जा सकता है। इसके अलावा लोग जितनी सुरक्षा एफडी में अपने पैसे की महसूस करते हैं, उतना ही सुरक्षित सोने में निवेश है। वैसे भी देश में सोने को सबसे सुरक्षित निवेश माना जाता है। अगर आप ऐसा करते हैं तो आपको फायदा क्या होगा, तो आगे जानिए गोल्ड ने एफडी की तुलना में कितना ज्यादा कमाई कराई है।

जानिए गोल्ड का 20 साल का रिटर्न

अगर जनवरी 2000 से अक्टूबर 2020 के बीच का रिटर्न देखा जाए तो यह काफी ज्यादा होता है। जहां तक टोटल रिटर्न की बात है तो यह करीब 589 फीसदी रहा है। वहीं अगर वार्षिक रिटर्न देखा जाए तो यह करीब 9.73 फीसदी रहा है। यानी एफडी से काफी ज्यादा।

जानिए गोल्ड का 15 साल का रिटर्न

अगर जनवरी 2005 से अक्टूबर 2020 के बीच का रिटर्न देखा जाए तो यह भी काफी ज्यादा रहा है। जहां तक टोटल रिटर्न की बात की जाए तो यह करीब 355 फीसदी रहा है। वही अगर वार्षिक रिटर्न की बात की जाए तो यह करीब 10.09 फीसदी रहा है। यानी पिछले 15 साल में भी एफडी से काफी ज्यादा रिटर्न दिया है। 

जानिए गोल्ड का 5 साल का रिटर्न

अगर जनवरी 2015 से अक्टूबर 2020 के बीच गोल्ड का रिटर्न देखा जाए तो यह भी काफी ज्यादा रहा है। जहां तक टोटल रिटर्न की बात की जाए तो यह करीब 64.22 फीसदी रहा है। वहीं अगर वार्षिक रिटर्न की बात की जाए तो यह भी करीब 8.97 फीसदी रहा है। यानी इस दौरान भी बैंकों की एफडी से ज्यादा का ही रिटर्न मिला है। 

अब जानिए इस साल 1 जनवरी से लेकर अभी तक का रिटर्न

अगर 1 जनवरी 2020 से लेकर 7 अक्टूबर 2020 के बीच गोल्ड के रिटर्न की बात जाए तो यह रिकॉर्ड तोड़ रहा है। अगर इस दौरान टोटल रिटर्न देखा जाए तो यह करीब 27.90 फीसदी रहा है। लेकिन अगर वार्षिक आधार पर देखा जाए तो यह करीब 37.66 फीसदी हो जाता है। यानी इस रिटर्न की तो एफडी से तुलना ही नहीं की जा सकती है। 

अब जानें गोल्ड में एफडी जैसा निवेश कैसे करें

देश में ऑनलाइन और ऑफलाइन गोल्ड में निवेश के कई तरीके मौजूद हैं। लोग इनका लाभ उठा सकते हैं। हालांकि लोगों को लगता है कि वह जेवर के रूप में सिक्के के रूप में भी इसमें निवेश कर सकते हैं। हालांकि यह तरीका तो है, लेकिन इसे आमतौर पर निवेश नहीं मानना चाहिए। जेवर और सिक्के के रूप में गोल्ड लेते वक्त भी आपको अतिरिक्त चार्ज देने पड़ते हैं, वहीं बेचते वक्त भी ऐसा ही करना पड़ता है। इससे आपको नुकसान ही होता है। वही अगर ऑनलाइन गोल्ड लिया बेचा जाए तो इसमें ऐसे चार्ज नहीं होते हैं। अगर आप ऐसा करने में इच्छुक हैं तो आइये जानते हैं कि गोल्ड ईटीएफी और गोल्ड म्यूचुअल फंड में कैसे करें निवेश। 

जानिए गोल्ड ईटीएफ के बारे में

गोल्ड ईटीएफ देश के शेयर बाजार में सूचीबद्ध एक्सचेंज ट्रेडेड फंड होते हैं। इनमें रोज के भाव पर सोना खरीदा और बेचा जा सकता है। इसके अलावा म्यूचुअल फंड्स में भी निवेश कर गोल्ड खरीदा जा सकता है। निवेशक गोल्ड ईटीएफ या गोल्ड म्यूचुअल फंड में ऑनलाइन खरीदारी कर सकते हैं। अगर आप ऐसा करना चाहते हैं तो किसी भी शेयर ब्रोकर के पास एक अकाउंट खुलवा सकते हैं। यहां पर आप खुद या ब्रोकर के माध्यम से ऑनलाइन गोल्ड खरीद सकते हैं। बैंक बैंक के स्टेटमेंट में एफडी का निवेश दिखता है, वैसे ही यहां पर अपने निवेश को देखा जा सकता है। बाद में आप जिस दिन चाहें अपना गोल्ड बेच कर तीसरे दिन पैसा ले सकते हैं। यह पैसा आप खुद या अपने ब्रोकर को कह कर अपने बैंक अकाउंट में ट्रांसफर करा सकते हैं। 

कितने तरीके से हो सकती है गोल्ड की खरीद और बिक्री

गोल्ड ईटीएफ या गोल्ड म्यूचुअल फंड में कोई भी निवेश शुरू कर सकता है। यहां पर आमतौर पर एक ग्राम सोने को एक यूनिट सोना कहा जाता है। वैसे कुछ स्कीम में आधा ग्राम गोल्ड को भी एक यूनिट माना जाता है। इस प्रकार आप चाहे जितना सोना खरीद सकते हैं। आप चाहें तो एक बार में गोल्ड खरीद सकते हैं, या चाहें तो अपनी जरूरत के हिसाब से जब चाहें गोल्ड खरीद सकते हैं। यही नही अगर आप चाहें तो हर माह सिस्टेमेटिक इन्वेस्टमेंट प्लान यानी सिप के माध्मम से भी गोल्ड में निवेश कर सकते है। यह तरीका बिल्कुल बैंक और पोस्ट आफिस की आरडी तरह ही होता है। 

जहां तक गोल्ड को बेचने की बात है तो आप आज खरीदारी कर कल भी इसे बेच सकते हैं। इसके अलावा अगर आपके अकाउंट में ज्यादा सोना है और आप कम बेचना चाहते हैं, तो यह भी संभव है। यहां पर आप यूनिट के हिसाब से जितना चाहें उतना सोना बेच सकते हैं। आप चाहें तो रोज एक-एक यूनिट सोना खरीद या बेच भी सकते हैं। इस पर किसी भी प्रकार की रोक नहीं होती है।

गोल्ड ईटीएफ या गोल्ड म्यूचुअल फंड में निवेश के फायदे

-गोल्ड ईटीएफ या गोल्ड म्यूचुअल फंड में अतिरिक्त चार्ज नहीं लगते हैं। 

-गोल्ड ईटीएफ या गोल्ड म्यूचुअल फंड का कारोबार गोल्ड के वास्तविक समय पर कीमत के आधार पर किया जाता है। कीमतों की जानकारी सार्वजनिक रूप से उपलब्ध होती है।
-गोल्ड ईटीएफ या गोल्ड म्यूचुअल फंड को बिना किसी परेशानी के तुरंत खरीदा और बेचा जा सकता है।
-गोल्ड ईटीएफ या गोल्ड म्यूचुअल फंड में सोना डीमैट फॉर्म में रहता है, जिससे उसकी सुरक्षा घर की अपेक्षा ज्यादा होती है। यहां पर आप कम से लेकर कितने भी ज्यादा समय तक सोना रख सकते हैं।

टॉप 5 गोल्ड फंड

-एसबीआई गोल्ड फंड ने 1 साल में दिया 32.05 फीसदी का रिटर्न

-इंवेसको इंडिया गोल्ड फंड्स ने 1 साल में दिया 31.52 फीसदी का रिटर्न
-एचडीएफसी गोल्ड फंड ने 1 साल में दिया 31.22 फीसदी का रिटर्न
-निप्पॉन इंडिया गोल्ड सेविंग फंड ने 1 साल में दिया 30.85 फीसदी का रिटर्न
-आईसीआईसीआई प्रु रेगुलर गोल्ड फंड्स ने 1 साल में दिया 30.39 फीसदी का रिटर्न

नोट : इस रिटर्न की गणना 7 अक्टूबर 2020 के रेट के हिसाब से की गई है। एक साल के रिटर्न का मतलब पिछले साल इसी दिन अक्टूबर में गोल्ड में निवेश।

आजादी के बाद से हर साल गोल्ड का औसत रेट जानने के लिए नीचे दिए लिंक को क्लिक करें