नई दिल्ली, जनवरी 4। धनी लोन्स एंड सर्विसेज, जिसे पहले इंडियाबुल्स कंज्यूमर फाइनेंस कहा जाता था, निवेश के लिए सिक्योर्ड एनसीडी (नॉन कंवर्टिबल डिबेंचर) लेकर आई है। आपकी जानकारी के लिए बता दें कि एनसीडी फिक्स्ड इनकम इंस्ट्रूमेंट्स हैं, जो योजना के आधार पर रिटर्न देते हैं यानी तिमाही, वार्षिक या संचयी (क्यूमुलेटिव)। आगे जानते हैं धनी लोन्स के एनसीडी इश्यू की डिटेल।
आम तौर पर एनसीडी पर एफडी या आरडी के मुकाबले कहीं अच्छा रिटर्न मिलता है। बात करें धनी लोन के एनसीडी इश्यू की तो इसका बेस इश्यू साइज 1500 करोड़ रु का है, जबकि ओवर-सब्सक्रिप्शन की लिमिट भी 1500 करोड़ रु है। यानी कुल मिलाकर इश्यू 3000 करोड़ रु का है। ओवर-सब्सक्रिप्शन का मतलब होता है कि यदि इश्यू को अधिक आवेदन मिलते हैं तो उस स्थिति के लिए ओवर-सब्सक्रिप्शन का विकल्प रखा जाता है। ये इश्यू आज से खुल गया है और 27 जनवरी तक खुला रहेगा।
कंपनी आरबीआई के पास रजिसटर्ड एक एनबीएफसी है और ऑफ़लाइन और ऑनलाइन फाइनेंसिंग फैसिलिटीज की एक सीरीज ऑफर करती है। कंपनी धनी सर्विसेज लिमिटेड की एक नॉन-डिपॉडिट लेने वाली 100 फीसदी सहायक कंपनी है। जैसे ही डिजिटलीकरण ने बैंकिंग और फाइनेंस सेक्टर को बदला, कंपनी ने इस बड़े अवसर को पहचाना और धनी लोन्स एंड सर्विसेज लिमिटेड के साथ रिटेल लोन में प्रवेश किया।
एनबीएफसी (नॉन-बैंकिंग सब्सिडरी कंपनी) के ये एनसीडी नेचर में सिक्योर्ड हैं, यानी मूलधन और उस पर ब्याज पर 1.25 गुना का कवर है। आपकी जानकारी के लिए बता दें कि इनमें कम से कम निवेश राशि 10000 रु है।
ये एनसीडी 36 महीनों तक की अवधि के लिए हैं। इनमें निवेशकों को 11 फीसदी तक सालाना रिटर्न मिलेगा। इन एनसीडी को आईवीआर ने एए/स्थिर आउटलुक रेटिंग दी है। इन्फोमेरिक्स की यह रेटिंग कम क्रेडिट जोखिम को दर्शाती है और इसलिए निवेशकों के पैसे की समय पर सर्विसिंग की उम्मीद है। नेचर में सिक्योर्ड होने से अधिक सुरक्षा के साथ बैंकों में कम ब्याज दरों को देखते हुए यह एक अच्छा निवेश ऑप्शन है। इसके अलावा, 3 साल की अवधि के लिए 11 प्रतिशत की उच्चतम कूपन दर एक अच्छा मौका है। हालाँकि, अपनी निवेश राशि का बड़ा हिस्सा न लगाएं क्योंकि डिबेंचर की रेटिंग कभी भी बदल सकती है।
जहां तक कंपनी की वित्तीय स्थिति का संबंध है, तो ये कुछ समय से घाटे में चल रही है। इसलिए कुछ विश्लेषकों और विशेषज्ञों के लिए हाई 'ए' रेटिंग सही नहीं लग रही। इसलिए ये केवल उच्च जोखिम ले सकने वाले निवेशकों के लिए अच्छा दांव हो सकता है। एनसीडी पब्लिक इश्यू के जरिए लंबी अवधि के लिए फंड जुटाने के लिए कॉरपोरेट्स द्वारा जारी किए गए रेलुगल इनकम इंस्ट्रूमेंट होते हैं। ये एक से सात साल तक की एक निश्चित अवधि के लिए जारी किए जाते हैं और समय-समय पर या मैच्योरिटी के अंत में इन पर ब्याज का भुगतान किया जाता है। कई एनसीडी जो रिटेल निवेशकों को जारी किए गए थे (जिनमें से अधिकतर 1000 रु के फेस वैल्यू वाले हैं) एक्सचेंजों पर लिस्टेड हैं और इक्विटी शेयरों की तरह इनमें ट्रेड होता है।
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