Delhi Free Cylinder: दिल्ली में बढ़ती महंगाई के बीच आम लोगों को राहत देने के लिए सरकार ने अहम फैसला लिया है। राजधानी के राशन कार्ड धारकों को अब होली और दिवाली जैसे बड़े त्योहारों पर फ्री एलपीजी सिलेंडर का फायदा मिलेगा।

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यह फैसला मुख्यमंत्री Rekha Gupta की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में लिया गया। सरकार का कहना है कि त्योहारों के समय घरेलू खर्च बढ़ जाता है, ऐसे में यह कदम जरूरतमंद परिवारों के लिए मददगार साबित होगा।

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इस योजना की शुरुआत 4 मार्च 2026 से होने जा रही है, जब होली का त्योहार मनाया जाएगा। सरकार ने इस योजना को लागू करने के लिए करीब 242 करोड़ रुपए का बजट तय किया है। अनुमान है कि लाखों परिवारों को इसका सीधा फायदा मिलेगा।

कौन लोग होंगे पात्र?

इस योजना का फायदा उन्हीं परिवारों को मिलेगा जिनके पास वैध राशन कार्ड है। साथ ही राशन कार्ड और आधार कार्ड का आपस में लिंक होना जरूरी होगा। सरकार ने साफ किया है कि यह योजना खास तौर पर गरीब और आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के लिए है।

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एलपीजी सिलेंडर का इस्तेमाल करने वाले परिवार तो इसमें शामिल होंगे ही, साथ ही पीएनजी गैस उपभोक्ताओं को भी राहत दी जाएगी। यानी जिन घरों में पाइपलाइन के जरिए गैस सप्लाई होती है, वे भी इस योजना का फायदा उठा सकेंगे।

कैसे मिलेगा लाभ?

सरकार गैस सिलेंडर सीधे घर पर मुफ्त नहीं देगी। इसके बजाय लाभार्थी को पहले बाजार कीमत पर सिलेंडर खरीदना होगा। इसके बाद सिलेंडर की कीमत, जो फिलहाल करीब 853 रुपए है, डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (DBT) के माध्यम से बैंक खाते में भेज दी जाएगी।

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सब्सिडी की राशि परिवार के मुखिया के खाते में जाएगी। चूंकि अधिकतर राशन कार्ड महिलाओं के नाम पर बने हैं, इसलिए यह पैसा सीधे उनके बैंक खाते में पहुंचेगा, जिससे उन्हें आर्थिक मजबूती भी मिलेगी।

उज्ज्वला योजना से जुड़े परिवारों के लिए

जो लोग पहले से Pradhan Mantri Ujjwala Yojana के लाभार्थी हैं, उन्हें भी इस योजना का फायदा मिलेगा। उन्हें दिल्ली सरकार की ओर से 553 रुपये की सहायता दी जाएगी, जबकि शेष राशि केंद्र सरकार द्वारा दी जाएगी।

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किन्हें नहीं मिलेगा लाभ?

सरकार ने आयकर देने वाले परिवारों, सरकारी कर्मचारियों और पेंशनभोगियों को इस योजना से बाहर रखा है। यह योजना त्योहारों के समय बढ़ते खर्च को कम करने की दिशा में बड़ा कदम है। इससे हजारों जरूरतमंद परिवारों को राहत मिलेगी और वे त्योहार को बिना अतिरिक्त आर्थिक बोझ के मना सकेंगे।