DA Hike Update: 8वें वेतन आयोग को लेकर चल रही चर्चाओं के बीच, केंद्र सरकार ने महंगाई भत्ते (DA) में 2% की बढ़ोतरी की औपचारिक घोषणा कर दी है, जिससे लाखों केंद्रीय सरकारी कर्मचारियों और पेंशनभोगियों को बड़ी राहत मिली है। वित्त मंत्रालय ने बुधवार, 22 अप्रैल को इस संबंध में एक आधिकारिक पत्र जारी किया। अधिसूचना के अनुसार, यह बढ़ोतरी 1 जनवरी, 2026 से प्रभावी मानी जाएगी।

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राष्ट्रपति ने 6 अक्टूबर, 2025 के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है; परिणामस्वरूप, कर्मचारियों का महंगाई भत्ता अब उनके मूल वेतन (Basic Pay) के 58% से बढ़कर 60% हो गया है। यह फैसला ऐसे समय में आया है, जब कर्मचारी नए वेतन आयोग के गठन का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं।

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कितना बढ़ेगा वेतन?

इसे एक आसान उदाहरण से समझते हैं- मान लीजिए किसी केंद्रीय सरकारी कर्मचारी का मूल वेतन 50,000 रुपये है। इस 2% की बढ़ोतरी के बाद, उसके वेतन में सीधे तौर पर 1,000 रुपये प्रति माह की बढ़ोतरी होगी। वित्त मंत्रालय के व्यय विभाग ने स्पष्ट किया है कि 'मूल वेतन' (Basic Pay) से तात्पर्य उस वेतन से है, जो 7वें केंद्रीय वेतन आयोग (7th CPC) की सिफारिशों के अनुसार मैट्रिक्स स्तरों के भीतर प्राप्त किया जाता है। इसमें विशेष वेतन (Special Pay) या किसी भी अन्य प्रकार के भत्ते शामिल नहीं हैं।

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DA क्यों बढ़ाया जाता है?

महंगाई भत्ता (DA) सरकारी कर्मचारियों को इसलिए दिया जाता है ताकि उनके रहन-सहन के खर्च पर महंगाई के असर को कम किया जा सके। इसकी गणना अखिल भारतीय उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (AICPI) के आधार पर की जाती है, जो खुदरा कीमतों में होने वाले बदलावों पर नजर रखता है। आमतौर पर, केंद्र सरकार साल में दो बार-जनवरी और जुलाई में-DA की समीक्षा करती है।

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इससे जुड़ी घोषणा अक्सर मार्च और अक्टूबर के आस-पास की जाती है। 8वें वेतन आयोग की मांगों के बीच, यह 2% की बढ़ोतरी कर्मचारियों के लिए महंगाई के खिलाफ उनकी लड़ाई में एक तत्काल राहत के तौर पर देखी जा रही है। जैसे-जैसे महंगाई बढ़ती है, सरकार अपने कर्मचारियों की क्रय शक्ति (खरीदने की क्षमता) को बनाए रखने के लिए इस भत्ते को बढ़ाती रहती है।