क्रेडिट कार्ड (Credit Card) होल्डर एक से ज्यादा क्रेडिट कार्ड रखते हैं. इसके पीछे का कारण है कि अलग-अलग काम के लिए अलग-अलग तरह के क्रेडिट कार्ड की जरूरत पड़ती है. उसके अनुसार ही कार्ड में रिवॉर्ड प्वाइंट भी मिलते हैं. लेकिन कभी ना कभी क्रेडिट कार्ड होल्डर के मन में यह सवाल जरूर आता है कि क्या एक से ज्यादा क्रेडिट कार्ड रखे जा सकते हैं. चलिए जानते हैं कि इसे लेकर देश का केंद्रीय बैंक यानी आरबीआई का कोई नियम है और एक से ज्यादा क्रेडिट रखने में क्या नुकसान होता है.

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एक शख्स कितने क्रेडिट कार्ड रख सकता है?

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भारतीय रिजर्व बैंक यानी आरबीआई का कोई क्रेडिट कार्ड को लेकर कोई नियम नहीं है. मतलब क्रेडिट कार्ड होल्डर अपनी पसंद से जितने चाहे उतने क्रेडिट कार्ड रख सकता है. लेकिन क्रेडिट कार्ड देने से पहले बैंक का आपका सिबिल स्कोर चेक करता है. यह सिबिल स्कोर बैंक की विश्वसनीयता होती है. क्रेडिट कार्ड देने से पहले आपका बैंक ये चेक करता है कि आपके पास कितने क्रेडिट कार्ड है और आपका सिबिल स्कोर (CIBIL Score) क्या है. वहीं अगर किसी व्यक्ति की कमाई कम है, तो वह ज्यादा क्रेडिट कार्ड नहीं ले पाएगा. लेकिन अगर कमाई अच्छी है, तो आप जितने चाहे, उतने क्रेडिट कार्ड ले सकते हैं.

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एक से ज्यादा क्रेडिट कार्ड रखने चाहिए ?

आप चाहे कितने भी क्रेडिट कार्ड रख ले, इसे आपकी खर्च करने की श्रमता नहीं बढ़ेगी. बहुत से लोग यह सोचकर एक से ज्यादा क्रेडिट कार्ड रख लेते है कि कई बैंक के क्रेडिट रखने से उन्हें फायदा होगा या उनके खर्च करने की श्रमता बढ़ेगी, लेकिन ऐसा नहीं है.

कुछ लोग तो बैलेंस ट्रांसफर के फीचर यानी एक कार्ड से दूसरे कार्ड का भुगतान के लिए भी एक से ज्यादा कार्ड रखते हैं. हालांकि यह देखा गया है कि ज्यादा कार्ड रखने से हमेशा मुसीबत ही होती है.

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अकसर यह सलाह दी जाती है कि अगर आप खर्चों को कंट्रोल करना चाहते हैं, तो 2 से 4 कार्ड तक रखना चाहिए. क्रेटिड कार्ड भी आप ये देखते हुए लें कि आपका किस काम में अधिक खर्च हो रहा है. जैसे आप मूवी के लिए अलग कार्ड, पेट्रोल के लिए अलग और शॉपिंग के लिए अलग कार्ड ले सकते हैं. अगर अपने खर्च के हिसाब से कार्ड लेंगे तो आप अधिक फायदा उठा पाएंगे.