Credit Card: क्रेडिट कार्ड का यूज कई चीजों के लिए किया जाता है फिर चाहे वह शॉपिंग हो या फिर बिलों का भुगतान करना हो। क्रेडिट कार्ड के इस्तेमाल से लोग अपने खर्चों को मैनेज कर पाते हैं, लेकिन क्रेडिट कार्ड बनवाने के लिए कई डाक्यूमेंट्स की जरुरत होती है जो हर किसी के पास हो ऐसा जरूरी नहीं है।
क्रेडिट कार्ड बनवाने के लिए जरूरी डॉक्यूमेंट्स में से एक है इनकम प्रूफ। अगर आपके पास भी इनकम प्रूफ नहीं है और आप क्रेडिट कार्ड के लिए अप्लाई करना चाहते हैं तो हम आपको कुछ ट्रिक्स बताएंगे जिसकी आप मदद ले सकते हैं।
एफडी पर मिलता है क्रेडिट कार्ड
आप एफडी बैक्ड क्रेडिट कार्ड ले सकते हैं। इसके लिए आपको बैंक कोलेटरल के तौर पर एफडी करानी होगी और फिर इसपर बैंक या वित्तीय संस्थान कार्ड इश्यू करता है।
अगर कोई भी कार्ड यूजर पेमेंट डिफॉल्ट करता है तो बैंक FD से से रकम को वसूल लेता है। कई बैंक इन क्रेडिट कार्ड पर अनसिक्योर्ड या नॉर्मल क्रेडिट कार्ड की तुलना में ब्याज भी कम लेते हैं।
सिर्फ यही नहीं, इन कार्ड्स का एनुअल मेंटेनेंस चार्ज बाकि की तुलना में काफी कम होता है।
स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड की लीजिए मदद
कई बैंक विशेष रूप से छात्रों के लिए कार्ड का ऑप्शन दिया जाता है। ऐसे कार्ड के तौर पर आवेदक से रेगुलर जॉब की उम्मीद नहीं की जाती है। यह कार्ड अन्य कार्ड के मुकाबले कम खर्च सीमा वाला होता है।
इस कार्ड के जरिए आप बिना इनकम के भी अपनी क्रेडिट हिस्ट्री बना सकते हैं। इसके अलावा छात्र अपनी पढ़ाई को पूरा करने के बाद इसे स्टैंडर्ड क्रेडिट कार्ड में बदल सकते हैं।
छात्र अपनी नौकरी और इनकम के मुताबिक इसकी लिमिट बढ़ भी सकती है। स्टूडेंड क्रेडिट कार्ड के लिए अगर आप अप्लाई करते हैं तो इसमें कोई फीस भी आपको नहीं देनी पड़ती है।
सिक्योर्ड क्रेडिट कार्ड करें यूज
आप सिक्योर्ड क्रेडिट कार्ड का भी यूज कर सकते हैं। यह क्रेडिट कार्ड कोलैटरल डिपॉजिट के बदले में मिलने वाला कार्ड है। इस तरह के कार्ड क्रेडिट हिस्ट्री को जनरेट करने में मदद करते हैं।
इस तरह के कार्ड सिर्फ उदार लेने में नहीं बल्कि आपके क्रेडिट स्कोर को भी बेहतर बनाने में मदद करते हैं। इसकी बस एक शर्त है कि समय पर बिल का भुगतान करें। क्रेडिट स्कोर सुधरते ही आप लोन या रेगुलर क्रेडिट कार्ड आसानी से हासिल कर सकते हैं।
इस कार्ड का एक और फायदा ये है कि FD के बदले आपको सिक्योर्ड रिटर्न मिलता रहेगा और सिक्योर्ड कार्ड के लिए एनुअल मेंटिनेंस चार्ज भी कम होता है।
अगर आप कोई भी जॉब नहीं करते हैं या फिर मंथली इनकम बैंक द्वारा निर्धारित इनकम लिमिट से कम है तो आप इसकी मदद से क्रेडिट कार्ड हासिल कर सकते हैं।
इसके अलावा अगर आपका सिबिल स्कोर कम है और बैंक की नजर आप एक ब्लैकलिस्टेड कंपनी में काम करते हैं तो यह आपके लिए एक बेहतर ऑप्शन हो सकता है।
एड-ऑन क्रेडिट कार्ड
आपको बता दें कि एड ऑन क्रेडिट कार्ड तभी मिलता है जब आपके पास पहले से प्राथमिक क्रेडिट कार्ड मौजूद हो। इसमें अलग-अलग बिल जारी नहीं होता है और पहले जिस मूल क्रेडिट कार्ड का बिल आता था। उसी में दूसरे वाले का भी बिल जोड़ दिया जाता है।
आपको बता दें कि यह कार्ड उन लोगों के लिए अच्छा विकल्प है जो बिना नकदी के भुगतान या आपात की स्थिति में भुगतान करते हैं।
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