नयी दिल्ली। बैंक एफडी के अलावा कॉर्पोरेट एफडी निवेश के लिए एक बढ़िया ऑप्शन है। कुछ वित्तीय सलाहकार बेहतर रिटर्न पाने के लिए कॉर्पोरेट एफडी में निवेश की सलाह दे रहे हैं। असल में बैंक फिक्स्ड डिपॉजिट (एफडी) की ब्यज दरें 4-6 फीसदी के आस-पास रह गई हैं। कॉर्पोरेट एफडी में रिटर्न तो अच्छा है, मगर यहां कई जोखिम भी हैं। इनमें अर्थव्यवस्था में अनिश्चितता, क्रेडिट रेटिंग और कॉर्पोरेट्स का कैपिटल स्ट्रक्चर शामिल है। यदि आप अगले साल 2021 में कॉर्पोरेट एफडी में निवेश करना चाहते हैं तो एक्सपर्ट्स कुछ नाम भी सुझाते हैं। आइए जानते हैं कॉर्पोरेट एफडी, जिसे कंपनी एफडी भी कहा जाता है, में निवेश के फायदों के बारे में। साथ ही जानेंगे कि ये ऑप्शन आपके लिए कितना सही है।
कंपनी एफडी विशेष रूप से वरिष्ठ नागरिकों के लिए बढ़िया है, क्योंकि ऐसे लोगों को रिटायरमेंट के बाद रेगुलर इनकम की जरूरत होती है। कॉर्पोरेट एफडी आमतौर पर बैंकों की एफडी की तुलना में बेहतर रिटर्न देती हैं। यहां हम बात कर रहे हैं हॉकिन्स कुकर एफडी योजना की, जिसमें निवेशकों को 5.6 फीसदी से 9 फीसदी की सीमा में ब्याज मिल रहा है। ये बैंकों में मिल रहे 4-6 फीसदी से काफी बेहतर है।
इस समय हॉकिन्स कुकर एफडी 12 से 36 महीने की अवधि पर 9 प्रतिशत की ब्याज दर प्रदान कर रही है। इसके बाद श्रीराम सिटी यूनियन फाइनेंस और श्रीराम ट्रांसपोर्ट फाइनेंस हैं जो 12 से 60 महीनों के लिए 8.9 फीसदी ब्याज दर की पेशकश कर रही हैं। एक बात ध्यान रखें कि कॉर्पोरेट एफडी में समय से पहले निकासी के नियम बैंक एफडी की तुलना में बहुत सख्त होते हैं। जमा करने के पहले तीन महीनों में आप पैसा वापस नहीं ले सकते।
ध्यान रहे कि आपकी टैक्स स्लैब के हिसाब से कॉर्पोरेट एफडी पर ब्याज पर टैक्स लगता है। वित्त वर्ष 2020-21 में यदि ब्याज 5,000 रुपये से अधिक है तो कंपनी ब्याज पर टीडीएस भी घटाएगी। पैन पेश करने के मामले में 10 प्रतिशत टीडीएस ब्याज में से काटा जाएगा। यदि पैन प्रदान नहीं किया गया तो 20 फीसदी टीडीएस काटा जाएगा।
हॉकिन्स कुकर एफडी में 12 महीनों की अवधि पर 8.5 प्रतिशत ब्याज मिलता है, जबकि 24 महीने और 36 महीनों के लिए ब्याज दर क्रमश: 8.75 प्रतिशत और 9 प्रतिशत है। इसे आईसीआरए से एमएए (स्थिर) रेटिंग मिली है, जिसका मतलब है हाई क्रेडिट स्टैंडर्ड और डिफॉल्ट की कम संभावना। 27 जुलाई 2020 को यह ग्रेड जारी किया गया था। तब से संभव है कि कंपनी की वित्तीय स्थिति संशोधित हुई हो।
अनिश्चितताएं होने के चलते कुछ निवेशकों को कॉर्पोरेट एफडी से सावधान रहना चाहिए। कॉर्पोरेट और बैंक एफडी दरों के बीच ज्यादा अंतर नहीं है, इसलिए अगर आप कम मुनाफे के लिए जोखिम ले सकते हैं तो ही कॉर्पोरेट एफडी में निवेश करें। कॉर्पोरेट एफडी में हाई रिटर्न मिलता है, मगर ये बैंक एफडी की तुलना में ज्यादा जोखिम वाली हैं।
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