नयी दिल्ली। दुनिया भर में फैले मौजूदा कोरोनावायरस संकट ने निवेशकों का बाजारों पर भरोसा कम कर दिया है। इसीलिए ज्यादातर लोग निवेश के सुरक्षित ऑप्शन की तलाश कर रहे हैं। निवेशक एक ऐसा ऑप्शन चाहते हैं जो गारंटीड रिटर्न दे। ब्याज दरें कम हो चुकी हैं। ब्याज दरों का गिरना निवेशक समुदाय विशेष रूप से मध्यम वर्ग और वरिष्ठ नागरिकों के लिए एक नई चुनौती है। फिक्स्ड डिपॉजिट, बचत जमा जैसे निवेश के पारंपरिक ऑप्शन उनके लिए उतने फायदेमंद नहीं रह गए। असल में पैसा सुरक्षित रहने के साथ-साथ बेहतर रिटर्न भी जरूरी है। कम हो चुकी ब्याज दरें तब तक बनी रहेंगी जब तक कि अर्थव्यवस्था फिर से पटरी पर न लौटे। ऐसे में निवेश के 3 ऐसे ऑप्शन हैं जहां आपका पैसा सुरक्षित रहेगा और आपको बेहतर रिटर्न भी मिलेगा।
भारतीय रिजर्व बैंक द्वारा शुरू की गई इस योजना पर 7.15 प्रतिशत की आकर्षक ब्याज दर मिलती है। इसे 1 जुलाई 2020 से शुरू किया गया है। इस स्कीम के अहम फीचर्स में हर महीने में ब्याज दरों में संशोधन शामिल है। यहां केवल निवासी भारतीय ही निवेश कर सकता है। इन बॉन्डों पर ब्याज दर राष्ट्रीय बचत प्रमाणपत्र से 35 बेसिस पॉइंट्स अधिक होगी। आप आरबीआई के इन बॉन्ड्स में जितना चाहे उतना निवेश कर सकते हैं। ध्यान रहे कि इस स्कीम में 7 साल की लॉक-इन अवधि भी है और आपको बॉन्ड्स पर इनकम टैक्स अधिनियम 1961 के तहत टैक्स भी देना होगा। बॉन्ड को चुनिंदा बैंक शाखाओं से डीमैटरियलाइज्ड फॉर्म में खरीदा जा सकता है।
डाकघरों द्वारा ऑफर किए राष्ट्रीय बचत प्रमाणपत्र के आठवें इश्यू पर आपको 6.8 प्रतिशत की ब्याज दर मिलती है। इस बचत योजना में भारत के किसी भी डाकघर से निवेश किया जा सकता है। इस योजना में न्यूनतम 100 रु का निवेश किया जा सकता है, मगर अधिकतम निवेश की कोई लिमिट नहीं है। इन बचत पत्रों पर ब्याज दर को हर तिमाही में संशोधित किया जाता है। ये एक सरकारी स्कीम है जिसमें आपको गारंटीड रिटर्न मिलता है। इस योजना में जमा की गई रकम पर आयकर अधिनियम की धारा 80 सी के तहत टैक्स छूट मिलती है। यहां आपको सर्टिफिकेट पासबुक पर या एक्सक्लूसिव ई-मोड के माध्यम से जारी किए जाएंगे।
इंडिया पोस्ट द्वारा पेश किया गया किसान विकास पत्र या केवीपी ब्याज दरों में गिरावट के बीच निवेश के सबसे लोकप्रिय ऑप्शनों में से एक है। इस निवेश योजना पर आपको 6.9 प्रतिशत प्रति वर्ष की ब्याज दर मिलती है। हालांकि इस पर भी मिलने वाली ब्याज दरें वित्त मंत्रालय के निर्देशों के अनुसार समय-समय पर बदलती हैं। किसान विकास पत्र पर मिलने वाला रिटर्न पूरी तरह से आयकर अधिनियम के तहत टैक्सेबल है। आपको 1,000 रुपये, 5,000 रुपये, 10,000 रुपये या 50,000 रुपये तक के वाले केवीपी सर्टिफिकेट जारी किए जा सकते हैं। यहां भी कोई निवेश लिमिट नहीं है। आप जितना चाहे उतना निवेश कर सकते हैं। यहां लॉक-इन पीरियड 30 महीने है पर आप पहले भी पैसा निकाल सकते हैं।
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